जेल से छूटने के बाद दोबारा अपराध में लिप्त हो रहे हैं लोग, अब पुलिस ऐसे सिखा रही है सबक
- घर जाकर चेता रही पुलिस, अपराध किए तो फिर जाओगे जेल
- जेल से छूटने के बाद फिर से अपराध में लिप्त होने के बढ़ते मामलों में पुलिस अब सख्त
- एसएसपी के निर्देश पर तैयार की गई है सूची, गश्त के दौरान की जा रही निगरानी
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कोरोना महामारी को देखते हुए जेलों में भीड़ कम करने की कवायद के तहत छोटे-मोटे अपराधों में पकड़े गए लोगों को अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया, लेकिन अब ये पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें जेल से बाहर आने के बाद कई लोग दोबारा अपराध में लिप्त पाए गए।
ऐसे में अब पुलिस ने सख्ती बरतने का फैसला किया है। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बदमाशों की थानेवार सूची तैयार कर कार्रवाई को कहा है। पुलिस बदमाशों के घर जाकर उन्हें चेता रही है कि यदि फिर से अपराध किए तो गंभीर धाराओं में जेल जाओगे।
केस एक
शाहपुर के पादरीबाजार बधिक टोला निवासी हंस कुमार सिंह को नौ मई को वाहन चोरी के आरोप में पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि लॉकडाउन के दौरान उसे अंतरिम जमानत पर जेल से छोड़ा गया था। बाहर आते ही वह फिर से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया।
केस दो
रामगढ़ ताल इलाके के पथरा गांव निवासी अब्दुल को पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसके पहले भी वह कई बार जेल जा चुका है। पूछताछ में पता चला कि वह भी कुछ दिन पहले ही जेल से अंतरिम जमानत पर छूटकर बाहर आया था।
जानकारी के मुताबिक, हिस्ट्रीशीटर, जिला बदर या फिर जेल जा चुके बदमाशों की हर थाने में सूची होती है। वैसे तो इनकी नियमित चेकिंग करनी ही होती है, लेकिन पुलिस इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देती। अब जब एसएसपी ने सख्त निर्देश दिए हैं तो इसका असर भी सामने आने लगा है। पुलिस जेल से छूटे लोगों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। गश्त के दौरान थानेदार, बीट दरोगा और सिपाही इनकी निगरानी कर रहे हैं।
डीआईजी राजेश डी मोदक ने बताया कि अपराधियों की गतिविधियों पर पुलिस की नजर रहती है। गश्त के दौरान ऐसे लोगों की खोज खबर लेने को पुलिस को निर्देशित किया गया है।