गोरखपुर के माफियाओं की उल्टी गिनती शुरू: जमानतदारों को पुलिस ने भेजा नोटिस, लेंगे इकरारनामा
सभी माफिया के बैंक खातों की पुलिस जांच कर रही है। लेनदेन से ही साफ होगा कि किससे और किस मदद में रुपये लिए गए हैं। पूर्व में माफिया के करीबियों को हिरासत में लेकर भी पुलिस ने पूछताछ की है। इससे भी अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी है।
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माफिया के जमानतदारों से बंधपत्र (इकरारनामा) लेकर पुलिस जवाबदेही तय करेगी। इसके लिए माफिया राकेश यादव के 13 और सुधीर सिंह के 15 जमानतदारों को नोटिस भेजा गया है। पुलिस अन्य माफिया के जमानतदारों की भी सूची तैयार कर रही है। थाने पर आकर जमानतदारों को इकरारनामा देना होगा कि माफिया के आपराधिक गतिविधियों में सहयोग नहीं करेंगे और उसके गलत कामों की जानकारी होने पर पुलिस को सूचित भी करेंगे।
खबर है कि नोटिस मिलने के बाद से जमानतदारों में खलबली मच गई है। राकेश यादव के एक ऐसे ही जमानतदार ने गत दिनों जमानत भी वापस लिया था, जिसे हथियार बनाकर माफिया कोर्ट में हाजिर हो गया था। अब जमानत निरस्त न होने पाए, इस पर भी पुलिस की नजर है।
जानकारी के मुताबिक, यूपी के टॉप सूची में शामिल माफिया पर पुलिस की नजर टेड़ी हो गई। पुलिस की चौकसी के बीच ही माफिया राकेश यादव, अजीत शाही और सुधीर सिंह कोर्ट में हाजिर हो चुके हैं तो माफिया विनोद उपाध्याय पर शिकंजा कसने के बाद वह फरार चल रहा है।
बताया जा रहा है कि वह संतकबीरनगर और गोरखपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था, लेकिन जमानत निरस्त नहीं हो पाई, इस वजह से हाजिर नहीं हो पाया। उसकी निगरानी में पुलिस भी गई थी, लेकिन न तो माफिया आया और न ही पुलिस के हाथ कुछ लगा।
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बैंक खाताें की जांच शुरू, इसकी मदद से सामने आएंगे मददगार
इस तरह के मामले सामने आने के बाद पुलिस ने जमानतदारों की नकेल कसनी शुरू कर दी है। सभी माफिया के जमानतदारों की सूची बनाकर नोटिस भेजा जा रहा है और थाने में आने के बाद उनसे इकरारनामा लेने की कवायद शुरू कर दी गई है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि माफिया के जमानतदारों को नोटिस भेजा गया है। थाने पर बुलाकर इकरारनामा लिया जाएगा। सभी माफिया की गतिविधियों पर पुलिस की नजर है।
सभी माफिया के बैंक खातों की पुलिस जांच कर रही है। लेनदेन से ही साफ होगा कि किससे और किस मदद में रुपये लिए गए हैं। पूर्व में माफिया के करीबियों को हिरासत में लेकर भी पुलिस ने पूछताछ की है। इससे भी अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी है। पुलिस माफिया के एक-एक काम की ब्योरा जुटा रही है।
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खबर है कि माफिया अजीत शाही के पास एक कंपनी और एक बैंक के रिकवरी का काम है। इसमें चरित्र प्रमाण पत्र लगता है, जिसे माफिया ने अपने रिश्तेदार का लगाया है। पुलिस की ओर से बैंक और कंपनी से पत्राचार कर इसे रद कराने की कवायद भी शुरू कर दी गई है।
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बताया जा रहा है कि माफिया गोरखपुर के आसपास के जिलों में छिपा हो सकता है। उसकी पूरी जुगत है कि पुराने मामले में जमानत निरस्त कराकर वह कोर्ट में हाजिर हो जाए, लेकिन जमानतदारों पर पुलिस की नजर होने की वजह से वह अपने इस चाल में अब तक कामयाब नहीं हो पाया है। पुलिस का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।