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Gorakhpur News: सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज के संबद्धता की जांच के लिए राजस्थान पहुंची पुलिस
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गोरखपुर। बस्ती के सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज में डीफॉर्मा में प्रवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा मामले की जांच करने शाहपुर पुलिस राजस्थान पहुंच गई है। कॉलेज सिंघानिया विश्वविद्यालय राजस्थान से संबद्धता बताकर छात्रों का प्रवेश लेता था। फर्जी प्रवेश और डिग्री देने के आरोप में नौ जुलाई को पुलिस ने कॉलेज के प्रबंधक समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद से ही प्रबंधक फरार है। शाहपुर पुलिस कॉलेज के संबद्धता की जांच करने राजस्थान गई है।
पुलिस का कहना है कि पीड़ित छात्रों द्वारा प्रवेश की रसीद और अंकपत्र दिया गया है, जो जांच में फर्जी मिले हैं। राजस्थान के बाद पुलिस हिमाचल प्रदेश भी जा सकती है। सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज द्वारा छात्रों से हिमाचल विश्वविद्यालय से भी संबद्धता की बात बताई गई थी। पुलिस इसकी भी जांच कर सकती है। इसके बाद आरोपी प्रबंधक पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
25 छात्रों से जमा कराए थे 38 लाख रुपये
कॉलेज ने डीफाॅर्मा में प्रवेश के नाम पर वर्ष 2019 में 25 विद्यार्थियों से डेढ-डेढ़ लाख के हिसाब से करीब 38 लाख रुपये जमा कराए थे। आरोप है कि फीस जमा कराने के बाद छात्रों को फर्जी रजिस्ट्रेशन संख्या और रसीद दे दी गई। कुछ को फर्जी डिग्री भी थमा देने का आरोप है।
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बद्रिका कॉलेज प्रबंधक ने दर्ज कराया केस
कॉलेज प्रबंधन में सहयोगी शाहपुर इलाके के राप्तीनगर निवासी व बद्रिका कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस के प्रबंधक सौरभ श्रीवास्तव की तहरीर पर नौ जुलाई को बस्ती के मीरा हॉस्पिटल व सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज के मालिक सत्यजीत सिंह उर्फ सन्नी, मैनेजर गुलरिहा निवासी विश्वजीत और रजिस्ट्रार अमित के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। सौरभ ने पुलिस को बताया कि सत्यजीत सिंह से उनकी मुलाकात वर्ष 2016-17 में हुई थी। उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस एवं सावित्री कॉलेज चलाते हैं। डीफार्मा में प्रवेश को लेकर दोनाें के बीच समझौता हुआ था। सौरभ ने वर्ष 2019 में 66 विद्यार्थियों का डीफार्मा में प्रवेश करवाया। इनका का आरोप है कि इसमें से 25 छात्रों का चार साल बर्बाद कर उनके साथ फर्जीवाड़ा किया गया।
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कोट
सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज की दो जगहों राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से संबद्धता कागजों में दर्शाई गई है। इसकी जांच करने पुलिस टीम गई है। जांच पूरी होने पर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगेंद्र सिंह, सीओ गोरखनाथ
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पुलिस का कहना है कि पीड़ित छात्रों द्वारा प्रवेश की रसीद और अंकपत्र दिया गया है, जो जांच में फर्जी मिले हैं। राजस्थान के बाद पुलिस हिमाचल प्रदेश भी जा सकती है। सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज द्वारा छात्रों से हिमाचल विश्वविद्यालय से भी संबद्धता की बात बताई गई थी। पुलिस इसकी भी जांच कर सकती है। इसके बाद आरोपी प्रबंधक पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
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25 छात्रों से जमा कराए थे 38 लाख रुपये
कॉलेज ने डीफाॅर्मा में प्रवेश के नाम पर वर्ष 2019 में 25 विद्यार्थियों से डेढ-डेढ़ लाख के हिसाब से करीब 38 लाख रुपये जमा कराए थे। आरोप है कि फीस जमा कराने के बाद छात्रों को फर्जी रजिस्ट्रेशन संख्या और रसीद दे दी गई। कुछ को फर्जी डिग्री भी थमा देने का आरोप है।
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बद्रिका कॉलेज प्रबंधक ने दर्ज कराया केस
कॉलेज प्रबंधन में सहयोगी शाहपुर इलाके के राप्तीनगर निवासी व बद्रिका कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस के प्रबंधक सौरभ श्रीवास्तव की तहरीर पर नौ जुलाई को बस्ती के मीरा हॉस्पिटल व सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज के मालिक सत्यजीत सिंह उर्फ सन्नी, मैनेजर गुलरिहा निवासी विश्वजीत और रजिस्ट्रार अमित के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। सौरभ ने पुलिस को बताया कि सत्यजीत सिंह से उनकी मुलाकात वर्ष 2016-17 में हुई थी। उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस एवं सावित्री कॉलेज चलाते हैं। डीफार्मा में प्रवेश को लेकर दोनाें के बीच समझौता हुआ था। सौरभ ने वर्ष 2019 में 66 विद्यार्थियों का डीफार्मा में प्रवेश करवाया। इनका का आरोप है कि इसमें से 25 छात्रों का चार साल बर्बाद कर उनके साथ फर्जीवाड़ा किया गया।
कोट
सावित्री पैरामेडिकल कॉलेज की दो जगहों राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से संबद्धता कागजों में दर्शाई गई है। इसकी जांच करने पुलिस टीम गई है। जांच पूरी होने पर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगेंद्र सिंह, सीओ गोरखनाथ