गोरखपुर: ना दबोच पाए शूटर, ना ही हत्या, रंगदारी, डकैती का पर्दाफाश
गोरखपुर जिले में अपराध रोक पाने में नाकाम पुलिस पर्दाफाश भी नहीं कर पा रही, गोला, पिपराइच, सहजनवां में हत्या, चौरीचौरा में डकैती, कैंट में छात्रा की मौत से नहीं उठा पर्दा।
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गोरखपुर जिले में हुई जिन बड़ी वारदातों ने प्रदेश की सियासत की गर्मी बढ़ा दी है, उन घटनाओं का पुलिस पर्दाफाश नहीं कर पाई। घटनाओं को रोक पाने में नाकाम पुलिस हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी जैसी वारदात के पर्दाफाश में फिसड्डी दिख रही है। हालात यह है कि एडीजी जोन ने भी इन मौका-ए-वारदात का निरीक्षण कर पर्दाफाश का आदेश दिया, मगर पुलिस फेल ही रही। हर एक घटना पर पुलिस का एक ही दावा है कि सभी मामलों में विवेचना जारी है, जल्द पर्दाफाश कर लिया जाएगा। लेकिन, कब यह एक बड़ा सवाल है?
जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में कई बड़ी वारदात सामने आई है। इसमें जैसे-तैसे पुलिस कुछ घटनाओं का पर्दाफाश कर पाई है, लेकिन बड़ी घटनाओं के अनावरण में नाकाम रही है। पिपराइच में घर लौट रहे व्यापारी की हत्या हो या फिर गोला में सरेराह सेक्रेटरी अनीश चौधरी की हत्या, चौरीचौरा में डकैती सभी मामले लंबित पड़े हैं। गोला हत्या में पुलिस नामजद कुछ आरोपितों को जेल जरूर भेजा, लेकिन किन लोगों ने हत्या की है, यह पुलिस आज तक ना तो बता पाई है और ना ही दबोच पाई है।
कुछ यही हाल गोरखपुर यूनिवर्सिटी के गृह विज्ञान विभाग में फंदे से लटकी मिली छात्रा प्रियंका की मौत का भी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर खुदकुशी तो मान रही है, लेकिन ना तो वजह बता पाई है और ही आखिरी निष्कर्ष पर ही पहुंच सकी है। इस मामले की जांच भी जारी है। यह दो वह मामले है जिसमें भीम आर्मी के चंद्रशेखर उर्फ रावण भी आए थे और सियासत गरमा गई थी।
एक नजर में आपराधिक घटनाएं
4 जून : सहजनवां इलाके के सिसई गांव के पास करीब 25 वर्षीय युवती की हत्या कर फेंका गया शव मिला था।
4 जुलाई : चौरीचौरा इलाके में महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली, पहचान नहीं।
12 जुलाई : पिपराइच के पोखर भिंडा आलमीन स्कूल के पास व्यापारी बृजेश विश्वकर्मा की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। वह घर से दावत खाने गए थे और फिर उनकी हत्या कर दी गई।
24 जुलाई : गोला के गोपालपुर चौराहे पर सेक्रेटरी अनीश चौधरी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पत्नी दीप्ति मिश्रा के परिजनों पर नामजद और अज्ञात हमलावरों पर केस दर्ज था। पुलिस आज तक इस मामले में हमलावर को नहीं पकड़ सकी है। सिर्फ नामजद आरोपित को ही जेल भेजा।
30 जुलाई : सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ सब्जी निवासी स्वर्ण व्यापारी अरविंद नाथ वर्मा निजी काम से गोरखपुर आए थे। लौटने के दौरान कैंपियरगंज इलाके में फरेंदा-धानी मार्ग पर बदमाशों ने टायर पंचर बताकर कार रुकवाई और 200 ग्राम सोना लूटकर फरार हो गए।
31 जुलाई : गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रा प्रियंका की फंदे से लटकी लाश मिली थी, अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची पुलिस।
12 अगस्त : चौरीचौरा इलाके में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में 4.10 लाख की डकैती।
15 अगस्त : खोराबार जंगल चौरी गांव में महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली, पहचान तक नहीं हो सका।
15 अगस्त : रामगढ़ताल इलाके में 24 वर्षीय युवती की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली, पहचान तक नहीं
17 अगस्त : कौड़ीराम के मिठाई कारोबारी स्वदेश मिश्रा से 20 लाख की रंगदारी मांगी गई।
20 अगस्त : पिपराइच के नथुआ के पास सड़क किनारे युवक की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। केस दर्ज पर पर्दाफाश नहीं।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि बड़ी वारदातों के घटनास्थल का निरीक्षण कर दिशा-निर्देेश दिया गया है। जिन घटनाओं का पर्दाफाश नहीं हुआ है, उसकी लगातार समीक्षा की जा रही है। लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई भी की जाएगी। सभी मामलों का पर्दाफाश जल्द करने के निर्देश दिए गए हैं।