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हनीफ की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस

Wed, 26 Aug 2020 01:57 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2020 01:57 AM IST
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Police engaged in Hanif's horoscope
हनीफ की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस
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गोरखपुर। हनीट्रैप के जरिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के जाल में फंसे हनीफ की कुंडली पुलिस ने खंगालनी शुरू कर दी है। पता चला है कि हनीफ का तिवारीपुर के बख्तियार मोहल्ले में पैतृक आवास है। यहां पर उसके तीन बेटे और भाई का परिवार रहता है। हनीफ फिलहाल यहां नहीं है। खबर है कि वह लखनऊ में अपने किसी रिश्तेदार के यहां रुका है।
जानकारी के अनुसार, साल 2014 में पत्नी की मौत के बाद हनीफ पाकिस्तान चला गया था। जाने से पहले वह अपनी चाय की दुकान को बंद कर गया था। इसके बाद से उसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं मिली थी। इधर, काफी समय बाद वह भारत लौटा और गोरखपुर की तस्वीरों को पाकिस्तान भेजने का काम किया। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि यहां आने के दौरान वह किस-किस से मिला है। गोरखपुर प्रवास के दौरान वह कहां पर रुका इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। बख्तियार मोहल्ले में हनीफ का पैतृक आवास है। यहां पर हनीफ के तीन बेटे रहते हैं। लंबे समय तक पाकिस्तान में रहने के दौरान बेटों से उसकी कम ही बातचीत हुई है। पिता के बारे में बेटे कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि पिता से उनका इस समय कोई लेना देना नहीं है। मां की मौत के बाद से ही उनसे ज्यादा संपर्क नहीं रहा।
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पुलिस को हनीफ के नेटवर्क की निगरानी का आदेश दिया गया है। फिलहाल पता चला है कि पत्नी की मौत के बाद वह गोरखपुर से चला गया था। पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं। जल्द ही पूरा मामला सामने आ जाएगा।
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- डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी
साल 2007 में हुआ था सीरियल बम ब्लास्ट
नेपाल की खुली सीमा होने की वजह से गोरखपुर हमेशा से आतंकी निशाने पर रहा है। एयरपोर्ट, गोरखनाथ मंदिर के अलावा कई ऐसी जगहें हैं जिसको लेकर कई बार खुफिया रिपोर्ट आ चुकी है। 22 मई 2007 को गोरखपुर में सीरियल बम ब्लास्ट हो चुका है। गोलघर, गणेश चौराहा समेत अन्य जगहों पर ब्लास्ट में छह लोग घायल हो गए थे। इस मामले में सिद्धार्थनगर की नेपाल सीमा से एक और बाराबंकी से दो युवकों को गिरफ्तार किया गया था। विस्फोट के दो दिन बाद ही गोरखपुर दौरे पर आए तत्कालीन डीजीपी ने साजिश में स्थानीय लोगों के शामिल होने की बात कही, लेकिन गिरफ्तारी आज तक नहीं हो पाई।
टेरर फंडिंग से भी जुड़ चुका है गोरखपुर का तार
गोरखपुर से टेरर फंडिंग के भी तार जुड़ चुके हैं। 25 मार्च 2018 को एटीएस ने गोरखपुर में छापेमारी कर मोबाइल के थोक कारोबारी नसीम और बॉबी को बलदेव प्लाजा स्थित उसकी दुकान से गिरफ्तार किया था। इनके अलावा चार अन्य लोग भी इस मामले में पकड़े गए थे। तब पता चला था कि पाकिस्तान में बैठे लोगों के इशारे पर ये आतंकी गतिविधियों को संचालित करने के लिए धन मुहैया कराते थे। पहले इनके खाते में रुपये भेजे जाते थे, जिसके बाद में वे पाकिस्तान में बैठे लोगों के नेटवर्क से जुडे़ दूसरे लोगों के खाते में भेज देते थे। टेरर फंडिंग के ही नेटवर्क में काम कर रहे शाहपुर इलाके के बिछिया निवासी रमेश शाह को एटीएस ने महाराष्ट्र में जून 2018 में पकड़ा था। उसने टेरर फंडिंग से कमाए रुपये से ही गोरखपुर में काफी जमीन भी खरीद रखी थी और होटल का धंधा शुरू करने वाला था कि उसकी गिरफ्तारी हो गई।
एयरपोर्ट के इर्दगिर्द की सुरक्षा में लगाई गई दो थानों की पुलिस
गोरखपुर। आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में उठाए गए हनीफ के कबूलनामे के बाद पुलिस ने एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी है। एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने एयरफोर्स और खोराबार पुलिस को सख्त हिदायत दी है कि वह एयरपोर्ट की नियमित रूप से निगरानी करें। एयरफोर्स की बाउंड्री के पास कोई भी संदिग्ध मिले तो तत्काल कार्रवाई की जाए। इतना ही नहीं यात्रा के दौरान एयरपोर्ट पर सेल्फी लेने और वीडियो बनाने पर पाबंदी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई ऐसा करता मिला तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि आईएसआई का जासूस होने के संदेह में पकड़े गए शख्स ने यह जानकारी दी है कि उससे गोरखपुर एयरपोर्ट का फोटो व वीडियो मांगा गया था। इसके बाद पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है। खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है।
जोन में चौकसी बढ़ी, नेपाल बॉर्डर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ी
गोरखपुर। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए गोरखपुर में हनीफ के जासूसी और आतंकी गतिविधि में लिप्त बलरामपुर के मुस्तकीम उर्फ युसूफ की दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद जोन में सतर्कता बढ़ा दी गई है। एडीजी दावा शेरपा ने जोन के सभी एसपी को पत्र जारी कर पुलिस की सक्रियता और बढ़ाने के साथ नेपाल बॉर्डर पर चौकस रहने का आदेश दिया है। निर्देश दिया है कि बॉर्डर की खुली सीमाओं की निगरानी को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए।
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली इलाके के जाफरा बाजार निवासी हनीफ उर्फ आरिफ को एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ कर दो दिन तक पूछताछ की थी। इस दौरान उसने एयरफोर्स स्टेशन, जीआरडी कैंप और रेलवे स्टेशन की फोटो तथा उससे जुड़ी कुछ सूचनाएं पाकिस्तानी आका को भेजने की बात कबूल की है। दो दिन तक चली पूछताछ के बाद कोई ठोस सबूत हाथ न लगने की वजह से एटीएस ने उसे छोड़ दिया है। हालांकि उस पर नजर रखने के साथ ही एटीएस, जासूसी नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में पता लगाने में जुटी है। इससे पहले आतंकी गतिविधियों में लिप्त बलरामपुर जिले के बढ़या भैंसाई निवासी मुस्तकीम उर्फ युसूफ खान को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस ने उसके घर की तलाशी लेकर काफी मात्रा में विस्फोटक और मानव बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली विशेष जैकेट भी बरामद की। इन दोनों मामलों को देखते हुए एडीजी ने जोन पुलिस को सतर्क किया है।
एसएसबी से तालमेल कर काम करे पुलिस
जोन के छह जिलों कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती की सीमा नेपाल से लगती है। इन जिलों की पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। सीमावर्ती जिलों की पुलिस को एडीजी ने सीमा पर तैनात एसएसबी से तालमेल स्थापित कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को कहा है।

हनीफ और युसूफ का ममला सामने आने के बाद जोन पुलिस को सक्रियता बढ़ाने का आदेश दिया गया है। संदिग्ध गतिविधियों और नेपाल सीमा पर खास नजर बनाए रखने को कहा गया है। पुलिस एसएसबी से तालमेल बैठाकर निगरानी करेगी।
- दावा शेरपा, एडीजी जोन
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