Gorakhpur News: मैनेजर और समूह संचालक से एक ही गिरोह ने की थी लूट, पुलिस ने किया पर्दाफाश
एसएसपी ने बताया कि वारदात के बाद गुलरिहा पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच, एसओजी टीम को भी पर्दाफाश के लिए लगाया गया था। रविवार को पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस की मदद से साक्ष्य संकलन कर आरोपियों को गुलरिहा के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पांडेय, एसओजी प्रभारी मनीष यादव की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
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गोरखपुर में गैस एजेंसी मैनेजर और समूह संचालक से एक ही गिरोह के बदमाशों ने लूट की थी। रविवार को चार बदमाशों को गिरफ्तार कर पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर दिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने लूट के 6.19 लाख रुपये, टैबलेट, घटना में इस्तेमाल दो बाइक, चोरी की दो बाइकों को बरामद कर लिया है।
आरोपियों को गिरफ्तार कर 95 फीसदी तक बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। पुलिस लाइंस में रविवार को एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी नार्थ मनोज अवस्थी, एसपी क्राइम इंदु प्रभा सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी।
एसएसपी ने बताया कि एक फरवरी को भारत फाइनेंशियल इनक्लूशन लिमिटेड समूह के मैनेजर आदित्य शर्मा से 50 हजार रुपये व टैबलेट की लूट हुई थी। इसके बाद गुलरिहा इलाके में ही भटहट के पास बाइक सवार बदमाशों ने 13 फरवरी को शक्ति गैस एजेंसी के मैनेजर सुनील कुमार पांडेय से असलहे के बल पर 6.24 लाख रुपये लूट लिए थे।
एसएसपी ने बताया कि वारदात के बाद गुलरिहा पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच, एसओजी टीम को भी पर्दाफाश के लिए लगाया गया था। रविवार को पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस की मदद से साक्ष्य संकलन कर आरोपियों को गुलरिहा के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पांडेय, एसओजी प्रभारी मनीष यादव की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर 6.24 लाख रुपये में से 6.19 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एक फरवरी की घटना में भी यही लोग शामिल थे।
इनकी हुई गिरफ्तारी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुलरिहा के रामनगर के जैनपुर टोला निवासी विजय कुमार, चिलुआताल के गुरुनगर निवासी पवन, गुलरिहा के ठाकुरपुर नंबर निवासी अनिरुद्ध और महुआ के जैनपुर निवासी श्रीकेश निषाद के रूप में हुई है। विजय कुमार पर हत्या, चोरी, लूट जैसे गंभीर धाराओं के आठ मुकदमे दर्ज हैं। विजय दो माह पहले ही जेल से छूटा है। उसे अष्टधातु की मूर्ति की चोरी के मामले में जेल भेजा गया था। पवन पर लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट की धाराओं में सात मुकदमे, अनिरुद्ध पर चोरी, लूट के छह मुकदमे और श्रीकेश पर सात मुकदमे दर्ज हैं।
श्रीकेश और विजय ने की थी मुखबिरी
श्रीकेश गैस एजेंसी पर पहले काम कर चुका है। उसे मालूम था कि सोमवार को दो दिन के कलेक्शन के रुपये मैनेजर के पास रहते हैं। इसके बाद श्रीकेश ने विजय, पवन व अनिरुद्ध के साथ मिलकर साजिश रची थी। मिस्ड कॉल के जरिये ही दोनों ने अपने साथियों को संकेत दे दिया कि रुपये लेकर मैनेजर निकला है, इसके बाद ही बदमाशों ने वारदात की थी।
बदमाशों तक ऐसे पहुंची पुलिस
पुलिस के हाथ दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज लग गए थे। इसके बाद दोनों मुकदमों के वादी से अलग-अलग वीडियो दिखाकर पहचान कराई गई। इसके बाद संदेह हो गया कि दोनों घटनाओं में एक ही गिरोह का हाथ है। इसके बाद पुलिस ने एजेंसी के पूर्व कर्मचारी से पूछताछ की और सर्विलांस का लोकेशन निकाला। इसके बाद मामला साफ हो गया और फिर पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा।