दिनदहाड़े गोरखपुर की सड़कों पर बरसाई थी गोलियां, पुलिस के डर से नेपाल भागने की फिराक में था आरोपी
- नेपाल भागने की फिराक में था शुभम, घटना वाले दिन अविनाश, विनय की कार में ही था सवार
- सूद के रुपये वसूलने का काम करता है विनय, एक छात्रनेता से नजदीकी संबंध, उसकी भी जांच शुरू
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कैंट इलाके के कूड़ाघाट से लेकर मोहद्दीपुर तक फिल्मी अंदाज में फायरिंग कर प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारने के मामले में मुख्य आरोपी शुभम सिंह सिंघाड़ा और विनय सिंह उर्फ जानू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। विनय सिंह उर्फ जानू को पुलिस ने महादेव झारखंडी के पास से शनिवार की सुबह आठ बजे पकड़ा। जबकि शुभम सिंह सिंघाड़ा को महराजगंज की घुघली पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह नेपाल भागने की फिराक में था।
पूछताछ में पता चला है कि विनय सिंह पूर्व में जेल जा चुके छात्रनेता पवन सिंह के लिए सूद के रुपये की वसूली का काम करता था। इसके पहले भी लूट के दो और चोरी के एक मामले में वह जेल जा चुका है। घटना वाले दिन विनय ही अविनाश की कार चला रहा था।
आरोपी विनय सिंह मूलरूप से बांसगांव थाना क्षेत्र के भैरोपुर का रहने वाला है। सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाश के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर की दोपहर पैडलेगंज स्थित रेस्त्रां और फिर रात में एक होटल में मारपीट हुई थी। दोनों ही घटना के समय विनय सिंह घटनास्थल पर मौजूद था। इसके अलावा सोमवार को वर्चस्व में जब गोली चली थी तब भी विनय की मौजूदगी थी।
पुलिस ने दोनों मुकदमों में विनय को आरोपी बनाया है। पुलिस विनय की तलाश में लगी थी कि इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि वह महादेव झारखंडी के पास मौजूद है और किसी दोस्त के आने का इंतजार कर रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है।
दोनों गुट से विनय की है दोस्ती
सोमवार 21 सितंबर को हुई घटना में शामिल दोनों गुट शुभम सिंह सिंघाड़ा और अविनाश सिंह के गुट से विनय के संबंध अच्छे हैं। पहले सभी एक साथ ही रहते थे लेकिन विवाद होने के बाद दो गुट बने मगर विनय का दोनों गुट में ही संबंध बरकरार है। उसने दोनों गुट में लीडर बनकर समझौता कराने की भी कोशिश की थी मगर बात बनने से पहले ही फायरिंग की घटना हो गई।
शुभम सिंह सिंघाड़ा ने दी थी कोर्ट में हाजिर होने की अर्जी
शरणदाताओं पर पुलिस की कार्रवाई के संदेश और पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए शुभम सिंह सिंघाड़ा के पास जिले में कोई ठिकाना नहीं बचा था। पुलिस से बचने के लिए कोर्ट में हाजिर होना चाहता था। सूत्रों के अनुसार उसने शुक्रवार को ही कोर्ट में अधिवक्ता के माध्यम से हाजिर होने की अर्जी दे दी थी मगर इसकी भनक लगते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई। कचहरी के आसपास पुलिस की सक्रियता की वजह से ही वह हाजिर नहीं हो पाया था। उधर, पॉशा रेस्त्रां के मैनेजर की तलाश में भी पुलिस की टीमें लगी हैं। पता चला है कि एक आरोपी इस समय लखनऊ में मौजूद है जिसकी तलाश में पुलिस टीम रवाना हो गई है।
सोशल मीडिया से खंगाले जा रहे विनय के रिश्ते
विनय सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता था। पुलिस सोशल मीडिया की मदद से उसके करीबियों की लिस्ट तैयार कर रही है। इसमें एक नाम पवन सिंह का सामने भी आ चुका है। पवन सिंह को इसके पहले पुलिस ने रंगदारी मांगने और अवैध असलहा रखने के मामले में जेल भी भेजा था। विनय के साथ जुड़े सभी आपराधिक छवि वालों पर पुलिस की नजर टेढ़ी हो गई है और किसी पर भी रहम के मूड में पुलिस नहीं है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार और एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ के साथ ही सीओ कैंट सुमित शुक्ला खुद ही इस पूरे प्रकरण की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। एसएसपी ने इस प्रकरण में एक बात और साफ कर दी है कि फरार आरोपितों को जिसने भी घर या होटल में शरण दी होगी, सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
एक घायल के लखनऊ में होने की सूचना
दोनों गुट के बीच हुई मारपीट में एक युवक घायल भी हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह लखनऊ के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस की एक टीम उससे जानकारी लेने के लिए रवाना हो गई है। आरकेबीके के पास लगे कैमरे की सीसीटीवी फुटेज से युवक की पहचान हुई है।