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Gorakhpur News: दरवाजा लॉक न पिस्टल की मैगजीन से बुलेट निकाली....कई सवाल अनसुलझे

Sat, 25 Apr 2026 06:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 06:03 AM IST
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Police are torn between suicide and accident; forensic team collected gun powder samples from both of Ambarish's hands.
- खुदकुशी और हादसे के बीच उलझी पुलिस, अंबरीश के दोनों हाथों के गन पाउडर के सैंपल फॉरेंसिक टीम ने लिए
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गोरखपुर। शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी अंबरीश श्रीवास्तव की मौत के बाद पहले सुसाइड और फिर पिस्टल साफ करने के दौरान गोली लगने की बात कही गई। हालांकि फॉरेंसिक टीम और पुलिस टीम कई उलझे सवालों को जवाब तलाशने में जुटी है। घटना के दौरान की परिस्थितियां कई तरह के सवाल उठा रही हैं। लंबे समय से पिस्टल रखते आ रहे अंबरीश क्या मैगजीन से बिना बुलेट निकाले पिस्टल साफ कर रहे थे और घटना के बाद दरवाजा भी खुला मिला। ये दोनों सवाल जांच टीम को परेशान कर रहे हैं।



सूत्रों के मुताबिक अंबरीश कुसम्ही वाले फार्म हाउस पर हफ्ते या 10 दिन में कभी एक या आधे घंटे के लिए जाते थे। शुक्रवार को सुबह लगभग नौ बजे के करीब वह फार्म हाउस पहुंचे और सीधे ऊपर की मंजिल पर चले गए। पंद्रह-बीस मिनट बाद तक जब कोई छत पर नहीं गया तो फार्म हाउस के मैनेजर ने ही वहां के कर्मचारियों को फोन करके डांटा कि, मालिक आए हुए हैं और किसी ने पानी तक नहीं पूछा? इसी के बाद एक कर्मचारी छत पर पानी लेकर पहुंचा, तब तक अंबरीश की मौत हो चुकी थी। कर्मचारी की सूचना पर मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि अंबरीश के मुंह में गोली लगी हुई थी और पिस्टल दाएं हाथ की तरफ गिरी हुई थी। जांच में पता चला कि, अंबरीश दाहिने हाथ से ही अपना सारा काम करते थे। फॉरेंसिक टीम के मुताबिक अगर कोई फायरिंग करता है तो उसकी हथेली में गन पाउडर चिपक जाता है। बंदूक की नली और अन्य हिस्सों से निकलने वाली गर्म गैस और धुआं और गन पाउडर के कण गोली चलाने वाले के हाथों, बांहों और कपड़ों पर जमा हो जाते हैं। इससे बताया जा सकता है कि फायरिंग किसने की। फॉरेंसिक टीम ने दोनों हाथों से गन पाउडर का सैंपल लिया है। क्योंकि किसी भी सूरत में अगर अंबरीश के हाथ से फायरिंग हुई तो गन पाउडर के कण जरूर मिलेंगे।
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एक सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर गोली चलने के दौरान दरवाजा खुला हुआ था तो किसी ने फायर होने पर आवाज क्यों नहीं सुनी? अंबरीश किस हाथ से अपने काम करते थे, इसकी भी जांच की जाएगी, इससे पिस्टल रखने, गोली लगने और फायरिंग के बाद मौके पर मिली पिस्टल से परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।



कितनी दूर से चली गोली इसकी भी हो रही जांच

फॉरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक बंदूक से निकली गोली दो घाव बनाती है। पहला एंट्री और दूसरा एक्जिट का। ऐसे में गोली चली तो शरीर के बाहर निकली या नहीं यह देखा जाता है। सूत्रों के मुताबिक अंबरीश को लगी गोली बाहर निकल गई थी। ऐसे में फोर्स और रेंज की भी जांच जांच की जा रही है कि कितनी दूरी से फायरिंग पर गोली आसानी से मुंह में लगने के बाद बाहर निकल सकती है? अगर गोली निकली भी तो शरीर से कितनी दूरी पर कारतूस मिला।




पिस्टल की सफाई में मुंह में गोली लगने पर भी सवाल

फॉरेंसिक विशेषज्ञ और अंबरीश को जानने वाले पिस्टल साफ करने के दौरान गोली लगने की बात से सहमत नहीं हो पा रहे हैं। उनका कहना है कि लाइसेंस बहुत पुराना था। ऐसे में अंबरीश पहले भी पिस्टल साफ करते रहे होंगे। पहले से अनुभव होने के बाद भी किसी नौसिखिए की तरह मैगजीन खाली किए वह क्यों पिस्टल साफ करेंगे। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक अमूमन खुदकुशी के समय लोग दरवाजा बंद रखते हैं जबकि अंबरीश की मौत के बाद दरवाजा खुला हुआ था, इसे भी ध्यान में रखकर पुलिस टीम जांच कर रही है।
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