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Gorakhpur News: शहर में 50 प्रतिशत कम हुआ पीएम 10 का स्तर
Sat, 22 Jun 2024 03:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 22 Jun 2024 03:19 AM IST
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हानिकारक प्रदूषकों में पीएम 10 यानि पार्टिकुलेट मैटर का स्तर 50 फीसदी से अधिक कम करने में गोरखपुर ने सफलता हासिल की है। सड़कों की सफाई, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और अन्य कई उपायों की वजह से यह सफलता मिली है। नगर निगम ने 2027 तक शहर को ''''खुले में कचरा जलाने से मुक्त'''' बनाने का लक्ष्य रखा है।
गोरखपुर 131 ''''नॉन-अटैनमेंट सिटीज'''' यानि ऐसे शहर जिनकी वायु गुणवत्ता तय मानकों के अनुसार नहीं है, की सूची में शामिल है। इससे निकालने के लिए नगर निगम प्रयत्नशील है। सड़कों की एंड टू एंड पेविंग, मैकेनाइज्ड क्लिनिंग और वॉटर स्प्रिंकलर से छिड़काव से काफी हद तक हवा को स्वच्छ रखने में मदद मिल रही है। डब्ल्यूआरआई इंडिया के सहयोग से नगर निगम नौ और 10 जुलाई को दो दिवसीय राष्ट्रीय-स्तर की कार्यशाला होटल मैरिएट में करेगा। इसमें कचरा जलाने से मुक्त शहर का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा होगी।
किसी शहर के पास नहीं है खिताब
गोरखपुर नगर निगम अपने इस कदम से उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों के नगर निगमों के सामने भी उदाहरण रखेगा। खुले में कचरा जलाने से मुक्त शहर का खिताब अभी देश के किसी शहर को नहीं मिला है। ऐसे में नगर निगम के पास इतिहास रचने का मौका है।
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शहर की हवा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में नगर निगम कार्य कर रहा है। इसमें काफी हद तक सफलता भी मिल रही है। हमारा उद्देश्य है कि गोरखपुर कचरा प्रबंधन प्रणाली को बेहतर कर और नागरिक भागीदारी से खुले में कचरा जलाने से मुक्त पहला शहर बन जाए।
- गौरव सिंह सोगरवाल,
नगर आयुक्त
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गोरखपुर 131 ''''नॉन-अटैनमेंट सिटीज'''' यानि ऐसे शहर जिनकी वायु गुणवत्ता तय मानकों के अनुसार नहीं है, की सूची में शामिल है। इससे निकालने के लिए नगर निगम प्रयत्नशील है। सड़कों की एंड टू एंड पेविंग, मैकेनाइज्ड क्लिनिंग और वॉटर स्प्रिंकलर से छिड़काव से काफी हद तक हवा को स्वच्छ रखने में मदद मिल रही है। डब्ल्यूआरआई इंडिया के सहयोग से नगर निगम नौ और 10 जुलाई को दो दिवसीय राष्ट्रीय-स्तर की कार्यशाला होटल मैरिएट में करेगा। इसमें कचरा जलाने से मुक्त शहर का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा होगी।
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किसी शहर के पास नहीं है खिताब
गोरखपुर नगर निगम अपने इस कदम से उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों के नगर निगमों के सामने भी उदाहरण रखेगा। खुले में कचरा जलाने से मुक्त शहर का खिताब अभी देश के किसी शहर को नहीं मिला है। ऐसे में नगर निगम के पास इतिहास रचने का मौका है।
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शहर की हवा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में नगर निगम कार्य कर रहा है। इसमें काफी हद तक सफलता भी मिल रही है। हमारा उद्देश्य है कि गोरखपुर कचरा प्रबंधन प्रणाली को बेहतर कर और नागरिक भागीदारी से खुले में कचरा जलाने से मुक्त पहला शहर बन जाए।
- गौरव सिंह सोगरवाल,
नगर आयुक्त