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कोरोना का असर: घर पर रहकर ही खुद को तंदुरुस्त बना रहे खिलाड़ी, जानिए कैसे
Wed, 19 May 2021 06:53 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 19 May 2021 06:53 PM IST
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अपने घरों में प्रैक्टिस करते खिलाड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना महामारी की वजह से खेल गतिविधियां एक बार फिर थम गई हैं। संक्रमित होने की आशंका और लॉकडाउन के चलते खिलाड़ियों की गेम प्रैक्टिस के साथ मैदान पर व्यायाम पूरी तरह से बंद हैं। ऐसे में खिलाड़ियों ने फिजिकल फिटनेस को बनाए रखने के लिए घर पर रहकर ही योग के साथ अन्य शारीरिक व्यायाम करके खुद को मजबूत बनाने में लगे हैं।
उनका कहना है कि वो सीढ़ी चढ़कर, प्लैंक, स्किपिंग, पुशअप, प्राणायाम समेत छत के सैकड़ों चक्कर मारने के साथ वजन बढ़ने से रोकने वाले व्यायाम में जुटे हैं। कहा की वर्ष 2020 से ही कोरोना संक्रमण के चलते खेल गतिविधियों का आयोजन नहीं हो रहा है।
खासकर फिजिकल कांटेक्ट में आने वाले खेल मसलन फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, बॉस्केटबाल, हैंडबाल, बॉक्सिंग वाले खिलाड़ियों को हालात सामान्य होने पर भी जल्द गेम प्रैक्टिस का मौका नहीं मिलेगा। जबकि बैडमिंटन, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस में गेम प्रैक्टिस का मौका पिछले वर्ष भी जल्द मिल गया था।
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बदलनी पड़ी दिनचर्या
क्रिकेटर जूही पांडेय ने बताया कि कोरोना की वजह से पूरी दिनचर्या को ही बदलना पड़ा है। विषम परिस्थितियों के मुताबिक खुद ढालकर घर पर रहते हुए फिजिकल फिटनेस को बनाए रखने में लगे हैं। दो दो हजार के स्किपिंग सेट लगाती हूं।
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उनका कहना है कि वो सीढ़ी चढ़कर, प्लैंक, स्किपिंग, पुशअप, प्राणायाम समेत छत के सैकड़ों चक्कर मारने के साथ वजन बढ़ने से रोकने वाले व्यायाम में जुटे हैं। कहा की वर्ष 2020 से ही कोरोना संक्रमण के चलते खेल गतिविधियों का आयोजन नहीं हो रहा है।
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खासकर फिजिकल कांटेक्ट में आने वाले खेल मसलन फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, बॉस्केटबाल, हैंडबाल, बॉक्सिंग वाले खिलाड़ियों को हालात सामान्य होने पर भी जल्द गेम प्रैक्टिस का मौका नहीं मिलेगा। जबकि बैडमिंटन, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस में गेम प्रैक्टिस का मौका पिछले वर्ष भी जल्द मिल गया था।
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बदलनी पड़ी दिनचर्या
क्रिकेटर जूही पांडेय ने बताया कि कोरोना की वजह से पूरी दिनचर्या को ही बदलना पड़ा है। विषम परिस्थितियों के मुताबिक खुद ढालकर घर पर रहते हुए फिजिकल फिटनेस को बनाए रखने में लगे हैं। दो दो हजार के स्किपिंग सेट लगाती हूं।
30 मिनट चढ़ती और उतरती हूं सीढ़ियां
बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्या यादव ने बताया कि शरीर को मजबूत बनाने वाले व्यायाम पर फोकस रहता है। इसके लिए 30 मिनट सीढ़ी चढ़ती और उतरती हूं। सुबह शाम प्राणायाम करती हूं। गेम प्रैक्टिस कॉक को दीवार पर मारकर कर रही हूं।
वजन न बढ़ने पर रहता है फोकस
बॉक्सिंग खिलाड़ी दीक्षा पांडेय ने बताया कि बॉक्सिंग खिलाड़ी होने की वजह से वजन न बढ़े इसपर विशेष फोकस करना पड़ता है। उसके लिए अलग अलग व्यायाम करती हूं। विरोधी को नॉक आउट करने के लिए पंचिंग बैग पर प्रैक्टिस चल रही है।
डायट के साथ व्यायाम पर फोकस
पहलवान जनार्दन यादव ने बताया कि एक पहलवान के डायट जितनी जरूरी है, उतना ही व्यायाम। लॉकडाउन में गांव में रहकर ही व्यायाम करने के साथ बागीचे में दौड़ लगाता हूं। दंड, पुशअप के साथ अनुलोम, विलेम समेत अन्य प्राणायाम करता हूं।
वजन न बढ़ने पर रहता है फोकस
बॉक्सिंग खिलाड़ी दीक्षा पांडेय ने बताया कि बॉक्सिंग खिलाड़ी होने की वजह से वजन न बढ़े इसपर विशेष फोकस करना पड़ता है। उसके लिए अलग अलग व्यायाम करती हूं। विरोधी को नॉक आउट करने के लिए पंचिंग बैग पर प्रैक्टिस चल रही है।
डायट के साथ व्यायाम पर फोकस
पहलवान जनार्दन यादव ने बताया कि एक पहलवान के डायट जितनी जरूरी है, उतना ही व्यायाम। लॉकडाउन में गांव में रहकर ही व्यायाम करने के साथ बागीचे में दौड़ लगाता हूं। दंड, पुशअप के साथ अनुलोम, विलेम समेत अन्य प्राणायाम करता हूं।