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लूट की चांदी खरीदने वाले सराफ की कुर्क होगी संपत्ति, सीओ को सौंपी जिम्मेदारी
Tue, 09 Feb 2021 07:27 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 09 Feb 2021 07:27 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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गोरखपुर में लुटेरे दारोगा से लूट की चांदी खरीदने वाले सराफ के नेपाल भागने के बाद अब पुलिस उसकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में है। डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। उधर, सराफ की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस कोशिश में लगी है।
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जानकारी के मुताबिक, बीते 31 दिसंबर की रात में बस्ती में तैनात रहे दारोगा धर्मेंद्र यादव ने खुद को कस्टम अफसर बताकर महराजगंज के व्यापारी सुशील वर्मा से चांदी की लूट की थी। दारोगा ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
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व्यापारी की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन महराजगंज के उस सराफ को पुलिस नहीं दबोच पाई थी जिसने दारोगा से लूट की चांदी खरीदी थी। पुलिस ने करीब चार किलोग्राम चांदी तो बरामद कर ली, लेकिन शेष सोना-चांदी की बरामदगी बिक जाने के कारण नहीं हो पाई थी।
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फरार सराफ के बेटे को हिरासत में लेकर पुलिस ने दबाव बनाने की भी कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। अब एसएसपी के आदेश पर सराफ की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी गई है। खबर है कि वह नेपाल में जाकर छिपा है। डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगी है। पुलिस कानूनी प्रक्रिया पूरी कराकर उसकी संपत्ति को कुर्क करेगी।
अभी लटकी है बर्खास्तगी की फाइल
इस लूट के पर्दाफाश के साथ ही महराजगंज के दो व्यापारियों को अगवा कर लूट का भी पर्दाफाश हुआ था, जिसमें दारोगा धर्मेंद्र यादव के साथ सिपाही महेंद्र यादव और सिपाही संतोष यादव भी शामिल थे। इन सभी को बर्खास्त करने के लिए बस्ती के आईजी को पत्र भेजा गया था।
गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर आरोपियों को जेल तो भिजवा दिया, लेकिन उनकी बर्खास्तगी की फाइल अब भी लटकी हुई है। इस संबंध में बस्ती के आईजी का कहना है कि विभागीय कार्रवाई चल रही है।
गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर आरोपियों को जेल तो भिजवा दिया, लेकिन उनकी बर्खास्तगी की फाइल अब भी लटकी हुई है। इस संबंध में बस्ती के आईजी का कहना है कि विभागीय कार्रवाई चल रही है।