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हर सीएचसी में बनेगा बच्चों के लिए पीडियाट्रिक आईसीयू
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हर सीएचसी में बनेगा पीडियाट्रिक आईसीयू
गोरखपुर। बच्चों की विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में पीडियाट्रिक आईसीयू बनाए जाएंगे। पीकू तीन-तीन बेड के होंगे। कोरोना की संभावित तीसरी लहर, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, स्क्रब टाइफस, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां तेज हो गई हैं।
जिले में 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें पिपरौली, चौरीचौरा और गगहा के स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन-तीन बेड का पीकू वार्ड पहले से बनाया गया है। इन केंद्रों पर बच्चों का इलाज भी जारी है। इसके अलावा बड़हलगंज व कैंपियरगंज में पीकू वार्ड बनकर तैयार हो गए हैं। इसी माह से इन केंद्रों पर बच्चों का इलाज शुरू हो जाएगा। इन केंद्रों के अलावा 15 सीएचसी ऐसे हैं, जहां पर पीकू वार्ड नहीं बने हैे। यहां पीकू वार्ड बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि बच्चों के लिए अभी कोविड वैक्सीन नहीं आई है। ऐसे में बच्चों को संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
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गोरखपुर। बच्चों की विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में पीडियाट्रिक आईसीयू बनाए जाएंगे। पीकू तीन-तीन बेड के होंगे। कोरोना की संभावित तीसरी लहर, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, स्क्रब टाइफस, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां तेज हो गई हैं।
जिले में 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें पिपरौली, चौरीचौरा और गगहा के स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन-तीन बेड का पीकू वार्ड पहले से बनाया गया है। इन केंद्रों पर बच्चों का इलाज भी जारी है। इसके अलावा बड़हलगंज व कैंपियरगंज में पीकू वार्ड बनकर तैयार हो गए हैं। इसी माह से इन केंद्रों पर बच्चों का इलाज शुरू हो जाएगा। इन केंद्रों के अलावा 15 सीएचसी ऐसे हैं, जहां पर पीकू वार्ड नहीं बने हैे। यहां पीकू वार्ड बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि बच्चों के लिए अभी कोविड वैक्सीन नहीं आई है। ऐसे में बच्चों को संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
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