Paush Purnima 2024: आज मनाई जा रही है पौष पूर्णिमा, श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, माघ मास 26 जनवरी से शुरू हो रहा है। इस मास भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण, सूर्यदेव और मां गंगा की पूजन का विधान है। स्नान-दान का विशेष महात्म्य है।
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पौष पूर्णिमा बृहस्पतिवार को श्रद्धापूर्वक मनाई जा रही है। श्रद्धालु राप्ती नदी के रामघाट, गुरु गोरक्षनाथ घाट, बड़हलगंज स्थित सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाकर भगवान भाष्कर के प्रति श्रद्धा निवेदित किए। वहीं इस दिन गुरु पुष्य नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है।
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार, पौष पूर्णिमा के दिन व्रत, गंगा स्नान और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान के बाद दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और मोक्ष मिलता है। पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान और व्रत के अलावा रात्रि के समय में चंद्र देव और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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आज बन रहा पुष्य नक्षत्र का संयोग
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, 25 और 26 को पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है। यह खरीदारी सहित अन्य शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी है। बताया कि पुष्य नक्षत्र 25 की सुबह 8:17 बजे से 26 की सुबह 10:29 बजे तक रहेगा।
धन में वृद्धि कराता है पुष्य नक्षत्र
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, पुष्य, 27 नक्षत्रों के चक्र में आठवां नक्षत्र है। इसलिए इसे नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। इस नक्षत्र के देवता बृहस्पति और स्वामी शनि हैं। इस शुभ योग में निवेश करने से धन की वृद्धि होती है। इस योग में खरीदी गईं वस्तुएं लंबे समय तक चलती हैं और शुभ फल देती हैं।
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पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, माघ मास 26 जनवरी से शुरू हो रहा है। इस मास भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण, सूर्यदेव और मां गंगा की पूजन का विधान है। स्नान-दान का विशेष महात्म्य है। मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा का स्नान खास है।