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गोरखपुर एम्स में मरीजों की भर्ती जनवरी से, ओपीडी में होगी ट्रूनेट से कोरोना जांच
Fri, 04 Dec 2020 10:29 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 04 Dec 2020 10:29 PM IST
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गोरखपुर एम्स
- फोटो : सोशल मीडिया
एम्स पूर्वांचलवासियों को नए साल में बड़ी सौगात देगा। जनवरी माह से एम्स में मरीजों की भर्ती शुरू हो जाएगी। 300 बेड के हॉस्पिटल भवन को जनवरी के पहले पखवाड़े में कार्यदाई संस्था एम्स के सुपुर्द कर देंगी। इसके बाद से मरीजों को इलाज के लिए कहीं और भटकने की जरूरत नहीं होगी।
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यह जानकारी पूर्व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य शिव प्रताप शुक्ला ने दी। वह शुक्रवार को एम्स का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के क्रम में वह ओपीडी में मरीजों के इलाज के इंतजाम को देखे। इसके बाद प्रशासनिक भवन गए। एम्स प्रशासन के साथ ही कार्यदाई संस्था हाइट्स व एलएनटी के अधिकारियों के साथ बैठक की। एम्स प्रशासन के रिपोर्ट से वह संतुष्ट नजर आए। शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि एम्स को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता हुई है।
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उन्होंने एम्स के निर्माण प्रगति पर नजर रखने को कहा है। यह पूर्वांचलवासियों के जीवनरक्षा का केंद्र बनेगा। एम्स में इस बार एमबीबीएस की परीक्षा समय से कराई गई है। कोरोना संक्रमण का कोई खास असर एम्स की कार्यप्रणाली पर नहीं दिखा है। यह सब एम्स प्रशासन की बेहतर कार्यकुशलता को दिखाता है। डीएमएस डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि एम्स में शीघ्र ही ट्रूनेट मशीन उपलब्ध हो जाएगी। इसके बाद संस्थान में ही कोरोना टेस्ट की सुविधा भी शुरू हो जाएगी। ओपीडी में सीटी-एमआरआई मशीन लगाई जा चुकी है। शीघ्र ही सेवा शुरू की जाएगी। यह सेवा बाजार से 75 फीसदी सस्ती होगी।
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एमबीबीएस में 125 छात्र लेंगे प्रवेश
बालरोग की विभागाध्यक्ष डॉ. महिमा मित्तल ने बताया कि एमबीबीएस के प्रथम बैच की शुरुआत 50 छात्रों से की गई थी। जबकि दूसरा बैच 125 छात्रों का होगा। अबतक 70 छात्रों की कांसिलिंग पूरी हो चुकी है। भविष्य में सुपरस्पेशलिस्ट विभाग की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही बीएससी नर्सिंग, पीएचडी, एमएससी के कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
148 शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं
सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन के विभागाध्यक्ष प्रो. हरिशंकर जोशी ने बताया कि अब तक संस्था के शिक्षकों के 148 शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। संस्थान के दो छात्रों को एसटीएस की ओर से शोध प्रोजेक्ट प्राप्त हुआ है। इस पर छात्र तेजी से काम भी कर रहे हैं।