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Gorakhpur Lockdown: इस पास के बिना नहीं मिलेगा दूसरे जिले में प्रवेश, जानिए क्या है नया आदेश
Thu, 16 Apr 2020 10:24 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 16 Apr 2020 10:24 AM IST
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डीएम के. विजयेंद्र पांडियन। (File)
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर में कोरोना से लड़ाई के लिए 20 अप्रैल तक सख्ती और बढ़ाने के प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद अब ई-पास को लेकर भी कड़ाई शुरू कर दी गई है। अब सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी में ही किसी को जिले से बाहर जाने के लिए पास जारी किया जा रहा है।
इसी तरह जिनकी खेती जिले के बाहर है, उन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करने पर पास में छूट दी जा रही है। बाकी परिवार के किसी सदस्य के बाहर फंसे होने की दशा में उसे घर लाने समेत जितनी भी वजहों से पास के लिए आवेदन किया जा रहा है, उसे खारिज कर दिया जा रहा है।
ई-पास को लेकर 14 अप्रैल से हुई सख्ती के बीच बड़ी संख्या में लोगों के ई-पास के लिए आवेदन आ रहे हैं। कई ने प्रशासनिक अफसरों से मिलकर फरियाद भी की, मगर वजह माकूल नहीं होने की वजह से उनके आवेदन निरस्त दिए गए।
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इसी तरह जिनकी खेती जिले के बाहर है, उन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करने पर पास में छूट दी जा रही है। बाकी परिवार के किसी सदस्य के बाहर फंसे होने की दशा में उसे घर लाने समेत जितनी भी वजहों से पास के लिए आवेदन किया जा रहा है, उसे खारिज कर दिया जा रहा है।
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ई-पास को लेकर 14 अप्रैल से हुई सख्ती के बीच बड़ी संख्या में लोगों के ई-पास के लिए आवेदन आ रहे हैं। कई ने प्रशासनिक अफसरों से मिलकर फरियाद भी की, मगर वजह माकूल नहीं होने की वजह से उनके आवेदन निरस्त दिए गए।
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इस वजह से मांग रहे हैं पास
ई-पास प्रभारी व एडीएम फाइनेंस का कहना है कि जिले के भीतर जरूरी सेवाओं के लिए पास जारी किए जा रहे हैं। वहीं मेडिकल इमरजेंसी पड़ने पर ही अब जिले के बाहर जाने के लिए ई-पास जारी किया जा रहा है।
बड़ी संख्या में लोग घर-रिश्तेदारी के किसी न किसी के दूसरे प्रांत, जिले में फंसे होने को लेकर पास के लिए आवेदन कर रहे थे जबकि शासन का निर्देश है कि जो जहां हैं, वहीं रहे।
एडीएम का कहना है कि घरों में रहकर और आवागमन रोक कर ही कोरोना के संक्रमण से बचा जा सकता है। बहुत से जिलों में कोरोना के संक्रमित मरीज हैं, ऐसे में किसी को बाहर जाने की अनुमति देना खतरनाक साबित हो सकता है।
बड़ी संख्या में लोग घर-रिश्तेदारी के किसी न किसी के दूसरे प्रांत, जिले में फंसे होने को लेकर पास के लिए आवेदन कर रहे थे जबकि शासन का निर्देश है कि जो जहां हैं, वहीं रहे।
एडीएम का कहना है कि घरों में रहकर और आवागमन रोक कर ही कोरोना के संक्रमण से बचा जा सकता है। बहुत से जिलों में कोरोना के संक्रमित मरीज हैं, ऐसे में किसी को बाहर जाने की अनुमति देना खतरनाक साबित हो सकता है।