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UP: अगड़ा-पिछड़ा गठजोड़ से ही सात बार सांसद बने पंकज चौधरी, अपना दल और अन्य सहयोगियों से छिन सकते हैं ये वोटर
Sat, 13 Dec 2025 03:38 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 13 Dec 2025 03:38 PM IST
सार
अगड़ा और पिछड़ा गठजोड़ से ही पंकज चौधरी सात बार से सांसद बन रहे हैं। अब अपना दल और अन्य सहयोगियों से परंपरागत कुर्मी वोट छिन सकते हैं। परंपरागत मत सहेजने के साथ पीडीए कमजोर करने का दांव पार्टी ने खेला है।
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Pankaj Chaudhary
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी ने शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके प्रस्तावक बने, जबकि दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को लेकर सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। पार्टी इनको प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दे रही है। पार्टी को पिछडे़ समाज में इनकी मजबूत पकड़ होने का फायदा मिल सकता है। परंपरागत मत सहेजने के साथ पीडीए कमजोर करने का दांव पार्टी ने खेला है। अब तक गुण गणित के मुताबिक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनना लगभग तय है।
गोरखपुर के घंटाघर हरबंश गली स्थित घर में 20 नवंबर 1964 में जन्मे पंकज चौधरी ने एमपी इंटर कॉलेज और गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण किया। औद्योगिक घराने में जन्मे पंकज चौधरी ने राजनीति में कदम रखा और नगर निगम गोरखपुर में पार्षद बने और डिप्टी मेयर बने।
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केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को लेकर सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। पार्टी इनको प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दे रही है। पार्टी को पिछडे़ समाज में इनकी मजबूत पकड़ होने का फायदा मिल सकता है। परंपरागत मत सहेजने के साथ पीडीए कमजोर करने का दांव पार्टी ने खेला है। अब तक गुण गणित के मुताबिक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनना लगभग तय है।
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गोरखपुर के घंटाघर हरबंश गली स्थित घर में 20 नवंबर 1964 में जन्मे पंकज चौधरी ने एमपी इंटर कॉलेज और गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण किया। औद्योगिक घराने में जन्मे पंकज चौधरी ने राजनीति में कदम रखा और नगर निगम गोरखपुर में पार्षद बने और डिप्टी मेयर बने।
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राजनीति के इस सफर में महराजगंज के जिला पंचायत में वह अजेय खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे हैं। बताते चले कि महाराजगंज जिला पंचायत के अस्तित्व में आते ही पंकज चौधरी के बड़े भाई उद्योगपति स्वर्गीय प्रदीप चौधरी प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष बने उसके बाद दो बार लगातार पंकज चौधरी की माता उज्ज्वल चौधरी जिला पंचायत की अध्यक्ष बनी।
इसके बाद जिस व्यक्ति के सिर पर पंकज चौधरी ने हाथ रखा वह जिला पंचायत का अध्यक्ष बना। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनावो में पंकज चौधरी के समक्ष तमाम बाधाएं आईं, विपक्ष में रहते हुए पंकज चौधरी ने जिला पंचायत पर अपना कब्जा बरकरार रखा।
पंकज चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में गोरखपुर नगर निगम में पार्षद का चुनाव लड़ने के साथ की थी। वो पार्षद के चुनाव में जीते थे। 1989 में ही गोरखपुर से कटकर महाराजगंज अलग जिला बना, जिसके बाद से पंकज चौधरी ने महराजगंज को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया।
महराजगंज में खाटी के भाजपा कार्याकर्ताओं समेत अन्य लोगों में खुशी
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का नाम चर्चा में आने से महराजगंज में खाटी के भाजपा कार्याकर्ताओं समेत अन्य लोगों में खुशी है। सभी इसे अपने अपने हिसाब से देख रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि पंकज चौधरी का ओहदा पार्टी में हमेशा ठीक रहा है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का नाम चर्चा में आने से महराजगंज में खाटी के भाजपा कार्याकर्ताओं समेत अन्य लोगों में खुशी है। सभी इसे अपने अपने हिसाब से देख रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि पंकज चौधरी का ओहदा पार्टी में हमेशा ठीक रहा है।
यही वजह है कि चुनाव में भी पार्टी ने इन्ही पर हर बार भरोसा जताया। पिछड़े समाज में इनकी मजबूत पकड़ के अलावा संगठन में इनको लेकर कभी गतिरोध सामने नहीं आया। शुरूआत से ही पार्टी की ओर से मिली जिम्मेदारी का बखूबी निवर्हन कर आगे बढ़ते चले गए। इनके विरोधी भी इनके व्यक्तित्व की सराहना करते हैं। सात बार सांसद होने के बाद भी जनता से इनकी नजदीकी कम नहीं हुई।
परंपरागत कुर्मी वोट को अपने ओर आकर्षित करने का प्रयास
कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करने में भरोसा रखते हैं। राजनीति के जानकार बताते हैं कि अपना दल व अन्य सहयोगियों से परंपरागत कुर्मी वोट को अपने ओर आकर्षित करने में पंकज चौधरी काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करने में भरोसा रखते हैं। राजनीति के जानकार बताते हैं कि अपना दल व अन्य सहयोगियों से परंपरागत कुर्मी वोट को अपने ओर आकर्षित करने में पंकज चौधरी काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
शहर से लेकर गांव तक हर कोई टीवी व शोसल मीडिया से जानकारी लेकर चर्चा करने में मशगुल रहा। सियासी दाव पेंच को लेकर चर्चा होती रही। संघ से इनकी नजदीकी के साथ ही पार्टी के कैडर वाले नेताओं के भी प्रिय माने जाते हैं। यह अपनी कुशल रणनीति का नमूना भी चुनाव में दिखा चुके हैं। यह प्रदेश में पिछडे़ समाज के काफी मजबूत नेता माने जाते हैं।
पार्षद के तौर पर शुरू किए राजनीति का सफर तो आगे बढ़ते चले गए
गोरखपुर के उद्योगपति स्वर्गीय भगवती चौधरी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उज्ज्वल चौधरी के छोटे सुपुत्र पंकज चौधरी ने गोरखपुर नगर निगम के पार्षद के तौर पर 1989 में राजनीति का सफर शुरू किया। 15 नवंबर 1964 में गोरखपुर के उद्योगपति परिवार में जन्मे पंकज चौधरी की शिक्षा शिक्षा गोरखपुर विश्वविद्यालय से हुई है।
गोरखपुर के उद्योगपति स्वर्गीय भगवती चौधरी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उज्ज्वल चौधरी के छोटे सुपुत्र पंकज चौधरी ने गोरखपुर नगर निगम के पार्षद के तौर पर 1989 में राजनीति का सफर शुरू किया। 15 नवंबर 1964 में गोरखपुर के उद्योगपति परिवार में जन्मे पंकज चौधरी की शिक्षा शिक्षा गोरखपुर विश्वविद्यालय से हुई है।
वर्ष 1990 में ही भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्य समिति सदस्य हुए। 10 वीं लोकसभा में वर्ष 1991 में महराजगंज संसदीय सीट से भाजपा के सिम्बल पर सांसद चुने गए। 11 वीं और 12 वीं लोकसभा में वर्ष 1996, 1998 में सांसद चुने गए। 1999 में सपा के अखिलेश से हार मिली, 2004 में पुनः निर्वाचित हुए। 2009 में कांग्रेस के स्वर्गीय हर्षवर्धन से हार मिली। 2014 से लगातार लोकसभा के सदस्य हैं।
पार्टी ने पंकज चौधरी का हाथ नहीं छोड़ा। चौधरी इस बार पांचवीं बार सांसद बने। 2019 में वे फिर से सांसद बने। मोदी कैबिनेट के पहले विस्तार में उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री का पद मिला। 2024 में चुनाव जीते और मंत्री बने। महाराजगंज से जिला अध्यक्ष संजय पांडे के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ता लखनऊ पहुंच चुके हैं घोषणा होते ही स्वागत करेंगे। महराजगंज जिले से सात वोटर मतदान करेंगे।