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पंचायत चुनाव: वार्डों का आरक्षण बदला तो अपने 'खास' को चुनाव मैदान में उतारा, ये है बड़ी वजह

Mon, 12 Apr 2021 03:09 PM IST
vivek shukla टीपी शाही, गोरखपुर।
टीपी शाही, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 12 Apr 2021 03:09 PM IST
सार

  • खास व्यक्ति की ताजपोशी से क्षेत्र में प्रभुत्व बनाए रखने का प्रयास
  • निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष गीतांजलि अपनी चचेरी सास को चुनाव लड़ा रहीं

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Panchayat election 2021 reservation of wards changes special person fight in election field
पंचायत चुनाव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला पंचायत वार्डों के आरक्षण का गणित बदला तो निवर्तमान प्रतिनिधियों ने अपने 'खास' को चुनाव मैदान में उतार दिया है। सबकी मंशा क्षेत्र में प्रभुत्व बनाए रखने की है। इसके लिए खास व्यक्ति की ताजपोशी जरूरी है। यह ट्रेंड ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत के चुनाव में देखने को मिल रहा है।
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गोरखपुर जिले के गगहा क्षेत्र का जिला पंचायत वार्ड- 50 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है। इससे निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य पंकज शाही बिना चुनाव लड़े ही मैदान से बाहर हो गए। अब वार्ड में प्रभुत्व बनाए रखने की चुनौती सामने आ गई। लिहाजा, पंकज शाही ने अपने खास जवाहर लाल को चुनाव मैदान में उतार दिया। जवाहर का पूरा चुनाव निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य के इर्द-गिर्द ही घूम रहा है। पारिवारिक सदस्य भी चुनाव प्रचार में लगे हैं।
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जवाहर कहते हैं कि हम तो पंकज बाबू की खड़ाऊं लेकर घूम रहे हैं। इसी तरह निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष गीतांजलि यादव चुनाव नहीं लड़ रही हैं। उन्हें सपा से टिकट नहीं मिला है। वह 2015 का चुनाव जिला पंचायत वार्ड- 65 से जीती थीं। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस बार चचेरी सास कुसुम देवी को चुनाव मैदान में उतारा है। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अब उनके लिए वोट मांग रही हैं।
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वार्ड नंबर 28 संध्या यादव चुनाव लड़ रही हैं। वह निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य रजनीश यादव की पत्नी हैं। दरअसल, इस वार्ड के आरक्षण का गणित बदल गया है। अब वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित है। इसलिए रजनीश बिना चुनाव लड़े ही मैदान से बाहर हो गए। अब पत्नी के सहारे क्षेत्र में प्रभुत्व बनाए रखने की जुगत में लगे हैं।

बेलघाट क्षेत्र के वार्ड नंबर-35 का आरक्षण भी बदला है। इस क्षेत्र से निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य सत्यवंत सिंह की पत्नी संध्या सिंह चुनाव लड़ रही हैं। 2015 में यह वार्ड सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित था। लिहाजा, सत्यवंत चुनाव लड़े और जीतकर जिला पंचायत सदन पहुंच गए। इस बार वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इस कारण सत्यवंत ने पत्नी को चुनाव मैदान में उतार दिया। जंगल कौड़िया के पूर्व प्रमुख गोरख सिंह इस बार वार्ड नंबर-12 से चुनावी ताल ठोंक रहे हैं। इस क्षेत्र से पिछला चुनाव गोरख सिंह के भाई की पत्नी जीती थीं। इस बार वह चुनाव मैदान में नहीं हैं।
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