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गोरखपुर: मौत के बाद इलाज के नाम पर रुपये वसूलने का आरोप, परिजनों ने किया हंगामा

Sat, 09 Oct 2021 10:52 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 09 Oct 2021 10:52 AM IST
सार

मृतक के बेटे का आरोप है कि पिता की मौत के बाद भी अस्पताल की ओर से उन्हें पूरे दिन वेंटिलेटर पर भर्ती रखा गया और करीब 70 हजार रुपये वसूले गए। शक होने पर पूरे दिन वे डॉक्टरों से मरीज को डिस्चार्ज करने की गुहार लगाते रहे।

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Panacea hospital operators charged money in name of treatment in hospital after patient death
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर शहर के कैंट इलाके के छात्रसंघ चौराहे पर स्थित पैनेशिया अस्पताल में गुरुवार की रात एक मरीज की मौत पर जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल में इलाज के नाम पर रुपये वसूले गए हैं। मेडिकल कॉलेज ले जाने पर पता चला कि मरीज की शुक्रवार की सुबह ही मौत हो गई थी।
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मृतक के बेटे का आरोप है कि पिता की मौत के बाद भी अस्पताल की ओर से उन्हें पूरे दिन वेंटिलेटर पर भर्ती रखा गया और करीब 70 हजार रुपये वसूले गए। शक होने पर पूरे दिन वे डॉक्टरों से मरीज को डिस्चार्ज करने की गुहार लगाते रहे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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जानकारी के मुताबिक, रामगढ़ताल इलाके के सेमरा देवी प्रसाद कठउर के रहने वाले दुर्गेश निषाद ने पिता विजय निषाद (45) को अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्हें पीलिया की शिकायत थी। इस बीच बुधवार को परिजनों ने देवरिया रोड स्थित डॉ. सीपी गुप्ता को दिखाया।
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दुर्गेश के मुताबिक डॉक्टर ने उनके पिता को तत्काल पैनेशिया अस्पताल में भर्ती कराने को कहा। डॉक्टर के कहने पर बेटे ने शाम चार बजे पिता को भर्ती तो करा दिया, पर रात 10 बजे डॉक्टर उन्हें देखने पहुंचे। आरोप है कि इस बीच अस्पताल की ओर से दवा आदि के नाम पर उनसे 35 हजार रुपये वसूल लिए गए।

खत्म हो गया पैसा तो कर दिया डिस्चार्ज

गुरुवार की सुबह पिता की हालत गंभीर देख और बजट बिगड़ता देख परिवार के लोग डॉक्टर से मरीज को डिस्चार्ज करने को कह दिया, लेकिन आरोप है कि पूरे दिन तमाम मिन्नते करने के बाद भी उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया गया। शाम चार बजे के बाद जब परिवार के लोग डिस्चार्ज करने के लिए अड़ गए और बताया कि अब उनके पास इलाज के लिए रुपये नहीं हैं तो अस्पताल की ओर से उन्हें 22 हजार रुपये का एक और बिल पकड़ा दिया गया।

परिजन अस्पताल का बिल चुकाकर मरीज को लेकर रात आठ बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने मरीज को सिर्फ मृत ही घोषित नहीं किया, बल्कि बताया कि उनके मरीज की सुबह 10 बजे के पहले ही मौत हो चुकी है। यह सुनते ही परिवार के लोग वापस अस्पताल पहुंच गए और हंगामा करने लगे। बहरहाल सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर मामले की पड़ताल कर रही है।

इंसपेक्टर कैंट सुधीर सिंह ने बताया कि मौत होने पर पैनेशिया अस्पताल में हंगामा किया गया था। मृतक के बेटे दुर्गेश की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पैनेशिया अस्पताल प्रबंधन से मोबाइल फोन पर पक्ष लेने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका। पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।
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