गोरखपुर में विकास की अधूरी खुशी: जहां फर्राटे से दौड़नी थीं गाड़ियां, वहां लंबा जाम और खतरे हैं बड़े
व्यापारी अमित जायसवाल ने कहा कि सड़क को सिक्स लेन बनाने का तोहफा सीएम ने दिया है, इससे जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन, यह काम समय से समाप्त हो गया होता तो खुशी ज्यादा होती। लंबे समय से दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
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गोरखपुर में जिस पैडलेगंज-नौसढ़ सिक्स लेन पर एक वर्ष पहले ही फर्राटे से गाड़ियां दौड़नी शुरू हो जानी चाहिए थीं, वहां कार्यदायी संस्था की सुस्त चाल और लापरवाही से सहूलियत कम और खतरे ज्यादा हैं। कई जगहों पर सड़कें अधूरी हैं। निर्माणाधीन पुलिया के पास न तो बैरिकेडिंग है और न ही सतर्कता के लिए कोई सुरक्षा संकेतक लगाया गया।
दुकानों के सामने नालियां भी कहीं बनीं हैं तो कहीं अधूरी छोड़ दी गई हैं। अगर संभलकर न चले तो हादसे का शिकार भी हो सकते हैं। इस सड़क पर लोगों को चलने में काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रहीं हैं।
पैडलेगंज से नौसड़ की तरफ जैसे ही बढ़ते हैं, 50 से 60 मीटर की दूरी पर यादव कटरा है। यहां सड़क के लेवल में नाला बनाया गया है, जो दुकानों से बहुत ऊपर है। नाले पर स्लैब भी नहीं रखा गया है और सड़क की ओर मिट्टी भी नहीं डाली गई है। इसी तरह नौसड़ पुल के आगे बहरामपुर में भी दोनों तरफ नाला बनाकर छोड़ दिया गया है। नाले के ऊपरी सतह की ओर करीब एक फीट तक सरिया निकली है। स्लैब डाला नहीं गया। ऐसे में दुकानों तक पहुंचना ही बहुत मुश्किल है। यह काम करीब एक महीने से ऐसे ही छोड़ दिया गया है।
बिलंदपर की तरफ उतरने वाली सड़क के पास सुरक्षा का कोई संकेतक नहीं लगा है, जबकि सड़क के किनारे ही छोटा सा तालाब है, जहां छठ में महिलाएं पूजन-अर्चन करती हैं। यहां सड़क थोड़ी सी मुड़ी भी है, अगर थोड़ा सी असावधानी हो तो वाहन सीधे पोखरे में जा सकता है। देवरिया बाईपास तिराहे के थोड़ा आगे बढ़ने पर करीब 50 मीटर तक सड़क बनी ही नहीं है। संवाद
पुलिया के लिए खोद दिया गड्ढा, रिफ्लेक्टर लगाए नहीं
अमर उजाला तिराहे से रुस्तमपुर पुलिस चौकी तक का नजारा बेहद डराने वाला है। यहां, नहर रोड के दाईं तरफ पुलिया बनाई जा रही है। बड़ा गड्डा खोदा गया है, जिससे सड़क पतली हो गई है। यहां न तो आवाजाही बंद करने के लिए बैरिकेडिंग है और न ही रिफ्लेक्टर लगाया गया। जिसके चलते रात में आने-जाने वालों को दिक्कतें हैं।
चार पहिया गाड़ी से आने वालों को ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ रही है। दो गाड़ियां अगर एक साथ गुजरती हैं तो गड्ढे में जाने का खतरा रहता है। इसी प्रकार रुस्तमपुर पुलिस चौकी को हटाया नहीं गया। चौराहे के पास सड़क संकरी है। चौकी से ठीक पहले सड़क भी अधूरी छोड़ दी गई है। ई-रिक्शा और बाइक सवार अक्सर यहां असंतुलित हो जाते हैं, जबकि यहां ट्रैफिक सिस्टम लगने से भीड़ ज्यादा होती है।
फैक्ट फाइल
- सिक्स लेन की लंबाई : 5.100 किमी
- स्वीकृत लागत : 8905.67 लाख
- कार्य प्रारंभ करने की तिथि : छह अप्रैल 2021
- कार्य समाप्त करने की समय सीमा : पांच अप्रैल 2022
32,802 पौधे लगाने हैं, ढूंढो तो जानें
सिक्सलेन के लिए सड़क चौड़ीकरण के क्रम में मार्ग के दोनों तरफ 771 पेड़ हटाने हैं, इनमें ज्यादातर हटा दिए गए हैं। वहीं, मार्ग के दोनों ओर हरियाली के लिए 32,802 पौधे लगाए जाने हैं। लेकिन पूरे मार्ग पर अभी एक भी पौधा नहीं लगाया गया है।
व्यापार करना है तो झेलेंगे ही
व्यापारी अभिषेक तिवारी ने कहा कि दुकान के सामने सड़क बहुत ऊंची हो गई है। नाली के सामने मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है, सड़क नहीं बनी। जब हवा चलती है तो मिट्टी उड़कर दुकान में आने लगती है। समय से काम पूरा हो जाता तो बहुत सहूलियत होती।
बहुत धीमी गति से बन रही सड़क
व्यापारी रणंजय प्रताप सिंह ने कहा कि सिक्स लेन बनने से लोगों को बहुत राहत मिलेगी। लेकिन, इसके निर्माण की गति बहुत धीमी है। हम लोगों की दुकानें नीचे हो गईं हैं। सड़क बन जाए तो दुकान को ऊंचा करने का प्रबंध किया जाए। यही हाल रहा तो दुकान कहीं और खोलनी पड़ेगी।
समय से काम खत्म होता तो खुशी ज्यादा होती
व्यापारी अमित जायसवाल ने कहा कि सड़क को सिक्स लेन बनाने का तोहफा सीएम ने दिया है, इससे जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन, यह काम समय से समाप्त हो गया होता तो खुशी ज्यादा होती। लंबे समय से दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
हादसे वाले प्वाइंट पर रिफ्लेक्टर लगाएं
स्थानीय निवासी शुभम तिवारी ने कहा कि पता नहीं यह सड़क कब बनकर तैयार होगी। जहां हादसे की आशंका है, वहां रिफ्लेक्टर जरूर लगाना चाहिए। कार्यदायी संस्था की लापरवाही है। अभी नाला भी बनना है। सड़क निर्माण में इतनी परेशानी उठानी पड़ी है तो अब नाला बनेगा तो क्या होगा।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता आरबी सिंह ने कहा कि करीब एक महीने में सड़क बनकर तैयार हो जाएगी। सिर्फ ड्रेनेज वाला कम रह जाएगा। काम को तेजी से कराने के लिए कार्यदायी संस्था को चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा जहां काम चल रहा है वहां बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य है। पहले ही निर्देश दिए गए थे, इसे चेक कराया जाएगा।