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कोरोना ही नहीं कइयों को उनके लाइसेंसी असलहे भी डरा रहे, जानिए क्या है बड़ी वजह
Tue, 19 May 2020 04:58 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 19 May 2020 04:58 PM IST
सार
- 200 से अधिक शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण की समय सीमा खत्म
- शस्त्र अवैध होने के साथ ही लेट फीस लगने की भी सता रही चिंता
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
लॉकडाउन के बीच कई ऐसे लोग भी हैं जिन्हें सिर्फ कोरोना ही नहीं, बल्कि उनके लाइसेंसी शस्त्र भी डरा रहे हैं। जिले में 200 से अधिक लोगों के शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण की तिथि इस लॉकडाउन के बीच खत्म हो गई है या फिर खत्म होने वाली है।
अब ऐसे लोगों को उनके असलहे अवैध होने के साथ ही नवीनीकरण के समय लेट फीस की भी चिंता सता रही है। यही वजह है कि तमाम प्रतिबंधों के बाद भी रोजाना कुछ लोग कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
मगर, शस्त्र प्रभारी व सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव की ड्यूटी भोर के तीन बजे से सुबह आठ बजे तक महेवा मंडी तो उसके बाद दोपहर से देर रात तक स्टेशन पर लगी है। वहीं शस्त्र लिपिकों की ड्यूटी कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम में लगने से लोगों को कोई सही जानकारी भी नहीं मिल पा रही।
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अब ऐसे लोगों को उनके असलहे अवैध होने के साथ ही नवीनीकरण के समय लेट फीस की भी चिंता सता रही है। यही वजह है कि तमाम प्रतिबंधों के बाद भी रोजाना कुछ लोग कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
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मगर, शस्त्र प्रभारी व सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव की ड्यूटी भोर के तीन बजे से सुबह आठ बजे तक महेवा मंडी तो उसके बाद दोपहर से देर रात तक स्टेशन पर लगी है। वहीं शस्त्र लिपिकों की ड्यूटी कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम में लगने से लोगों को कोई सही जानकारी भी नहीं मिल पा रही।
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रजिस्ट्री, कोषागार जैसे कुछ दफ्तरों को छोड़ ज्यादातर सरकारी दफ्तरों में अभी भी आम आदमी के लिए एंट्री प्रतिबंधित है। यही हाल शस्त्र कार्यालय का भी है। पहले तो एक महीने तक दफ्तर बंद रहे फिर 20 अप्रैल से खुले तो लेकिन संक्रमण के खतरे की वजह से कलेक्ट्रेट परिसर में ही अभी आम लोगों को एंट्री नहीं दी जा रही है।
ऐसे में जिनके शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण की तिथि खत्म हो गई या फिर आने वाले दो-चार, दस दिन में खत्म होने वाली है वे परेशान है। समय पर लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने की लेट फीस लगती है। साथ ही शस्त्र अवैध होने का चिंता सो अलग।
यदि किसी के शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण की तिथि खत्म हो गई है या फिर आने वाले कुछ दिनों में खत्म होने वाली है तो वह नवीनीकरण फीस चालान के जरिए जमा कर दें। इससे नवीनीकरण में लेट होने पर भी उन्हें विलंब शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
- अभिनव रंजन श्रीवास्तव, शस्त्र प्रभारी, सिटी मजिस्ट्रेट
ऐसे में जिनके शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण की तिथि खत्म हो गई या फिर आने वाले दो-चार, दस दिन में खत्म होने वाली है वे परेशान है। समय पर लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने की लेट फीस लगती है। साथ ही शस्त्र अवैध होने का चिंता सो अलग।
यदि किसी के शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण की तिथि खत्म हो गई है या फिर आने वाले कुछ दिनों में खत्म होने वाली है तो वह नवीनीकरण फीस चालान के जरिए जमा कर दें। इससे नवीनीकरण में लेट होने पर भी उन्हें विलंब शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
- अभिनव रंजन श्रीवास्तव, शस्त्र प्रभारी, सिटी मजिस्ट्रेट