गोरखपुर: महिलाओं और युवतियों में बढ़ा ओवेरियन ट्यूमर का खतरा, इस उम्र के लोगों को है अधिक दिक्कत
20 प्रतिशत मामले तो 25 से 35 वर्ष की उम्र की महिलाओं और युवतियों में है। पिछले दो साल के अंदर ऐेसे मामले बढ़े हैं। रोजाना 8-10 केस महिलाओं में मिल रहे हैं।
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बदल रही दिनचर्या और अनियमित खानपान से युवतियों और महिलाओं में ओवेरियन ट्यूमर का खतरा बढ़ा है। इस संबंध में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिंतित हैं। चिकित्सकों का कहना है कि पिछले दो साल के अंदर ओवेरियन ट्यूमर के मामले तेजी से बढ़े हैं। ओपीडी में हर दिन 20 से 25 महिलाओं और युवतियों में ओवेरियन ट्यूमर के लक्षण मिल रहे हैं। इनमें 20 प्रतिशत मरीजों की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है जबकि 80 प्रतिशत मामले 41 साल से 60 वर्ष तक की महिलाओं में आ रहे हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञों का कहना है कि 90 प्रतिशत मरीजों को इसकी जानकारी तब हो रही है कि जब उनकी स्थिति बेहद गंभीर हो जा रही है। ऐसे में विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अगर पेट में भारीपन की दिक्कत लंबे समय से है तो एक बार स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। वरना यह ओवेरियन ट्यूमर कैंसर का रुप ले सकता है।
अधिकतर मामले जर्म सेल ट्यूमर के
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ अवनीश कुमार ने बताया कि ओपीडी की बात करें तो हर दिन 10 से 15 मरीज ओवेरियन ट्यूूमर के आ रहे हैं। इन मरीजों की जांच की जा रही है तो पता चल रहा है कि इनके ट्यूमर का साइज 10 से 15 सेंटीमीटर का हो चुका है। इसकी जानकारी भी मरीजों को नहीं हो पा रही है। 18 से 40 वर्ष की महिलाओं और युवतियों में जर्म सेल ट्यूमर के मामले ज्यादा आ रहे हैं जबकि 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों में एपिथेलिअल सेल्स ट्यूमर पाया जाता है। यही सही समय पर पहचान न होने से कैंसर का रूप ले लेता है।
ओटी में हर दूसरा केस ट्यूमर का
डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि ओवेरियन ट्यूमर के मामले बढ़ने की वजह से ओटी (ऑपरेशन थियेटर) में हर दूसरा केस ट्यूमर का आ रहा है। ऐसे में महिलाओं और युवतियों को सलाह दी जा रही है कि जब पेट बढ़ता हुआ दिखे, लगातार एसिडिटी, कब्ज की परेशानी होती हो, पेशाब रुक-रुक कर आए तो ऐसे में तत्काल जांच करा लें।
केस-एक
दाउदपुर की रहने वाली 20 वर्षीय युवती को अक्सर पेट में दर्द रहता था। कई बार पेट फूलने की समस्या पर परिजनों ने उसका निजी अस्पतालों में इलाज भी कराया। हर बार गैस से जुड़ीं दवाएं दी गईं। शुरुआत में तो दवा ने असर किया लेकिन, कुछ दिनों बाद फिर वही समस्या होने लगी। अंत में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में जब पहुंची तो जांच में 12 सेंटीमीटर का ट्यूमर निकला। इसपर डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया।
केस-दो
रामजानकी नगर की रहने वाली 32 वर्षीय महिला करीब एक साल से पेट दर्द से परेशान थी। कई बार निजी अस्पतालों में दिखाया। एसिडिटी की दवा देते हुए दर्द की दवा उसे दी गई। इससे कुछ दिनों तक आराम रहा। लेकिन, एक दिन अचानक पेट में ज्यादा तेज दर्द हुआ। परिजन इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर गए। जहां पर अल्ट्रासाउंड की जांच में ओवेरियन ट्यूमर निकला। टीम ने ऑपरेशन कर 15 सेंटीमीटर का ट्यूमर निकाला।