फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Out of 53 teachers of Basic Education Department who died from Corona six dependents got jobs in gorakhpur

मृतक आश्रितों को नौकरी: 53 लोगों ने कोविड से गंवाई जान, छह आश्रितों को मिली नौकरी, वजह जान लें

Thu, 19 Aug 2021 01:07 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 19 Aug 2021 01:07 PM IST
सार

आश्रितों द्वारा आवेदन करने में ही उदासीनता। बेसिक शिक्षा विभाग ने आश्रितों को पत्र प्रेषित कर दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। जीपीएफ और पेंशन भुगतान से जुडे़ मामलों को भी तेजी से निपटाने का दावा।

विज्ञापन
Out of 53 teachers of Basic Education Department who died from Corona six dependents got jobs in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान कोरोना से संक्रमित होकर जान गंवाने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के 53 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों के आश्रितों में से महज छह आश्रितों को ही अब तक नौकरी मिली है, जबकि दो आश्रितों की नियुक्ति का मामला प्रक्रियाधीन है। दरअसल, इसके पीछे विभाग नहीं, मृतक आश्रितों की उदासीनता वजह है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन्हें पत्र प्रेषित कर शैक्षणिक दस्तावेज जमा कराने को कहा है।
विज्ञापन


विभाग का दावा है कि जीपीएफ भुगतान का कार्य पूरा किया जा चुका है। साथ-साथ ही पेंशन से जुड़े कागजात को अग्रसारित करते हुए ट्रेजरी में भेज दिया गया है। जल्द ही इसे भी पूरा करा लिया जाएगा। नियुक्ति के मामलों में आश्रितों की ओर से दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराए गए हैं। उन्हें पूर्व में पत्र प्रेषित कर दस्तावेज उपलब्ध कराने का कहा गया है। जल्द ही एक और पत्र प्रेषित किया जाएगा।
विज्ञापन


कोविड महामारी के दौरान आयोजित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की वजह से जिले के कई शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को संक्रमित होने की वजह से जान गंवानी पड़ी थी। पहले तो विभाग ने शिक्षकों के निधन को कोविड की वजह से मानने से इंकार कर दिया था, मगर बाद में शिक्षक संगठनों के दबाव के चलते सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। जिसके बाद शिक्षकों के जीपीएफ, पेंशन और आश्रितों को नौकरी दिलाने की प्रक्रिया बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शुरू की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


आवेदन को लेकर उदासीनता
कोविड महामारी के चलते जान गंवाने वाले शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के आश्रितों को नौकरी देने के लिए विभाग को आवेदन ही बेहद कम मिले हैं। जिस वजह से उनकी नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया लंबित है। सभी आश्रितों को पूर्व में विभाग ने पत्र प्रेषित कर दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है, मगर इसके बाद भी आवेदन नहीं आ रहे हैं।

एक मामला ऐसा भी

ब्रह्मपुर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पकड़पुरा में तैनात बृजेश तिवारी के निधन के बाद से उनकी पत्नी प्रियंका त्रिपाठी नियुक्ति, पेंशन और जीपीएफ के भुगतान के लिए चार महीनों से विभाग का चक्कर लगा रही हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दो दिन पूर्व नवागत बीएसए से मुलाकात करने पर उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिला है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिवार के साथ विभाग की पूरी संवेदनाएं हैं। मृतक आश्रित के तहत आवेदन करने वाले छह आश्रितों को नियुक्ति प्रदान की गई है। दो की नियुक्ति का मामला प्रक्रियाधीन है। ज्यादातर लोगों ने आवेदन नहीं किया है। उन्हें दोबारा पत्र लिखा गया है।
 
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश धर दुबे ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते 53 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों ने जान गंवाई है। शिक्षक हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। जीपीएफ और पेंशन से जुड़ी प्रक्रिया गतिमान है। मृतक आश्रितों के तहत बहुत कम लोगों ने आवेदन किया है। सभी को लाभ दिलाने की कोशिश होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed