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Gorakhpur News: प्रदेश के इस जिला महिला अस्पताल में रात में नहीं होता ऑपरेशन, ये है खास वजह-मरीज हो रहे रेफर
Thu, 28 Mar 2024 10:46 AM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: रोहित सिंह
Updated Thu, 28 Mar 2024 10:46 AM IST
सार
जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों के पद रिक्त होने से व्यवस्था संचालन में दिक्कत आ रही है। इस वक्त सबसे बड़ी समस्या एनेस्थिसिया विशेषज्ञ को लेकर है। गर्भवती का प्रसव के लिए ऑपरेशन से पहले बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के लिए एक ही एनेस्थेटिस्ट (बेहोशी के डाक्टर) हैं। वह सिर्फ दिन में ड्यूटी करते हैं।
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जिला महिला अस्पताल, गोरखपुर।
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
जिला महिला अस्पताल सिर्फ एक एनेस्थेटिक के भरोसे है। इस वजह से यहां रात में किसी प्रसव पीड़िता का ऑपरेशन नहीं होता। रात में आने वाले मामलों में कोशिश की जाती है कि ऑपरेशन सुबह तक रोका जा सके। अगर हालत गंभीर हो गई तो केस मेडिकल काॅलेज रेफर किया जाता है।
अति विशिष्ट परिस्थिति में मेडिकल कॉलेज के एनेस्थेटिक को यहां बुलाया जाता है। जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों के पद रिक्त होने से व्यवस्था संचालन में दिक्कत आ रही है। इस वक्त सबसे बड़ी समस्या एनेस्थिसिया विशेषज्ञ को लेकर है।
गर्भवती का प्रसव के लिए ऑपरेशन से पहले बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के लिए एक ही एनेस्थेटिस्ट (बेहोशी के डाक्टर) हैं। वह सिर्फ दिन में ड्यूटी करते हैं। इस कारण रात में ऑपरेशन नहीं होता। अस्पताल में लंबे समय से एनेस्थेटिक डॉक्टरों के दो पद खाली हैं।
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जिला महिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जय कुमार का कहना है एनेस्थिसिया के एक ही विशेषज्ञ हैं, उन्हें रात में भी इमरजेंसी पड़ने पर ड्यूटी पर आने को कहा गया है। आवश्यकता पड़ने पर दूसरे सरकारी अस्पताल से एनेस्थेटिस्ट बुलाकर आपरेशन करवाया जाता है। दो और एनेस्थेटिस्ट की मांग की गई है। उनके आने के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
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अति विशिष्ट परिस्थिति में मेडिकल कॉलेज के एनेस्थेटिक को यहां बुलाया जाता है। जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों के पद रिक्त होने से व्यवस्था संचालन में दिक्कत आ रही है। इस वक्त सबसे बड़ी समस्या एनेस्थिसिया विशेषज्ञ को लेकर है।
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गर्भवती का प्रसव के लिए ऑपरेशन से पहले बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के लिए एक ही एनेस्थेटिस्ट (बेहोशी के डाक्टर) हैं। वह सिर्फ दिन में ड्यूटी करते हैं। इस कारण रात में ऑपरेशन नहीं होता। अस्पताल में लंबे समय से एनेस्थेटिक डॉक्टरों के दो पद खाली हैं।
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जिला महिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जय कुमार का कहना है एनेस्थिसिया के एक ही विशेषज्ञ हैं, उन्हें रात में भी इमरजेंसी पड़ने पर ड्यूटी पर आने को कहा गया है। आवश्यकता पड़ने पर दूसरे सरकारी अस्पताल से एनेस्थेटिस्ट बुलाकर आपरेशन करवाया जाता है। दो और एनेस्थेटिस्ट की मांग की गई है। उनके आने के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।