गोरखपुर: केवल ढाई हजार नए व्यापारियों ने कराया जीएसटी में पंजीकरण, टैक्स विभाग ने चलाया था अभियान
वस्तु एवं सेवा कर में पंजीकरण कराने को उत्सुक नहीं हैं व्यापारी, टैक्स विभाग ने दिसंबर में पंजीकरण के लिए चलाया था अभियान।
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में व्यापारी पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। वाणिज्यकर विभाग ने संख्या बढ़ाने के लिए पंजीकरण अभियान भी चलाया था। लेकिन 31 दिसंबर तक चले अभियान में केवल ढाई हजार नए व्यापारियों ने पंजीकरण कराया। व्यापारी जहां कारोबार प्रभावित होने का हवाला दे रहे हैं, वहीं टैक्स विभाग के अफसर जागरूकता में कमी बता रहे हैं।
गोरखपुर जोन में कुल 75,308 व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इसमें से 25,916 व्यापारी गोरखपुर जिले के हैं। पिछले महीने वाणिज्यकर विभाग ने पंजीकरण बढ़ाने के लिए अभियान चलाया था। 31 दिसंबर तक लगभग ढाई हजार व्यापारियों का पंजीकरण हो पाया। विभागीय अफसरों का कहना है कि पंजीकरण व्यापारियों के हित में है। सरकार पंजीकृत व्यापारियों को 10 लाख रुपये का बीमा देती है।
इसके अलावा कई अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। पंजीकृत नहीं होने पर अक्सर कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। इसलिए हर व्यापारी को अपने कारोबार की सुगमता के लिए जीएसटी में पंजीकरण जरूर कराना चाहिए। अगर कहीं कोई दिक्कत हो तो किसी भी अफसर से मिलकर प्रक्रिया को समझ सकता है।
वहीं, व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी में पंजीकरण से सुविधा मिलती है, लेकिन कोविड व लॉकडाउन के चलते कारोबार प्रभावित होने से दिक्कत आ रही है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि विभाग और व्यापारी संगठनों के बीच बेहतर तालमेल की कमी के चलते भी दिक्कत आ रही है।
बोले व्यापारी
जानकारी का अभाव
जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी को कारोबार में सुरक्षा मिलती है। अगर पंजीकृत व्यापारी ने किसी दूसरे पंजीकृत व्यापारी को माल उधार भी दिया है तो उसका रिकार्ड अपडेट होने के कारण रुपये की वापसी सुरक्षित होती है। दिसंबर में चले अभियान की सूचना नहीं मिलने के चलते नए व्यापारियों ने पंजीकरण नहीं कराया होगा।
- अनूप किशोर अग्रवाल, अध्यक्ष चैंबर्स ऑफ ट्रेडर्स, साहबगंज गोरखपुर
कोरोना ने डाला असर
बीते दो साल में कोरोना ने कारोबार पर बड़ा असर डाला है। दशहरा से लेकर दिसंबर के पहले सप्ताह के बीच ही दुकानदारी चली। व्यापार के ढर्रे पर लौटते ही कोरोना का प्रभाव बढ़ने लगता है। जो व्यापारी पहले से पंजीकृत हैं, वही किसी तरह से अपना काम चला पा रहे हैं। इसलिए नए व्यापारी पंजीकरण को लेकर उत्सुक नहीं हैं।
- मणिनाथ गुप्ता, महानगर अध्यक्ष पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल गोरखपुर
बेवजह की कार्रवाई नहीं चाहते कारोबारी
जीएसटी में पंजीकरण व्यापारियों के हित में है। पंजीकृत व्यापारी को बीमा का लाभ मिलता है। जो 20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले हैं, उनमें से अधिकतर का पंजीकरण हो चुका है। एक दिक्कत यह है कि व्यापारी को खुद भी ऑडिट कराना है और विभाग भी ऑडिट करता है। इसके चलते दोहरी मार पड़ती है। इसलिए नए व्यापारी पंजीकरण से बचता है।
- संजय सिंघानिया, अध्यक्ष चैंबर्स ऑफ कामर्स, गोरखपुर
जो पात्र हैं, उनका हो चुका है पंजीकरण
जीएसटी लागू होने के बाद इसके दायरे में आने वाले अधिकतर व्यापारियों ने पंजीकरण करा लिया है। 20 लाख से कम टर्नओवर वालों को बीमा कराना अनिवार्य नहीं है। इसीलिए संख्या में बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं हो रही है। व्यापारी अब जीएसटी को लेकर जागरूक हो चुके हैं। विभाग की तरफ से अभियान की सूचना नहीं मिल पाती है।
- सत्य प्रकाश सिंह मुन्ना, प्रांतीय उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
जीएसटी में पंजीकरण हर व्यापारी के लिए फायदेमंद है। व्यापारी अपना विवरण खुद भर सकता है अथवा विभागीय सहयोग ले सकता है। इसमें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आती है। अलबत्ता पंजीकृत व्यापारी को 10 लाख रुपये का बीमा मिलता है। इसके अलावा व्यापारियों को मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी हैं। अभियान के दौरान विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के सहयोग से नए व्यापारियों का पंजीकरण कराया गया था।
- अमित कुमार सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर