गोरखपुर रेलवे स्टेशन दुष्कर्म मामला: पुलिस ने जिसे उठाया, पीड़िता ने बताया उसे मददगार, अब फोन से खुलेगा राज
पुलिस ने पीड़िता के थाने में आने के बाद जांच तेज की और एक युवक को हिरासत में लिया। लेकिन, पीड़िता ने उसे आरोपी के तौर पर पहचानने से ही इनकार कर दिया है। पुलिस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है, जिससे घटना की कड़ियों को जोड़कर पर्दाफाश किया जा सके।
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन के आउटर से अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक संदिग्ध को पुलिस ने उठाया है। हालांकि, पुलिस ने जिसे उठाया है, पीड़ित महिला ने उसे अपना मददगार बताकर मामले को उलझा दिया। अब पुलिस सीसी टीवी कैमरे के फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का दावा है कि अहम सुराग हाथ लग गए हैं, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला है कि महिला रेलवे स्टेशन पर पिछले कुछ दिनों से रह रही थी। यहां पर एक युवक से उसकी जान पहचान हो गई थी। उसी युवक से बातचीत के दौरान अन्य लोग आए और फिर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। उधर, घटना के समय भागे युवक ने किसी को कोई सूचना नहीं दी।
पुलिस ने पीड़िता के थाने में आने के बाद जांच तेज की और एक युवक को हिरासत में लिया। लेकिन, पीड़िता ने उसे आरोपी के तौर पर पहचानने से ही इनकार कर दिया है। पुलिस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है, जिससे घटना की कड़ियों को जोड़कर पर्दाफाश किया जा सके। एसपी जीआरपी अवधेश सिंह का कहना है कि पुलिस टीमें लगी हैं, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
पीड़िता के मोबाइल फोन से पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। शुक्रवार को जीआरपी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने आपस में वार्ता कर जांच रिपोर्ट को साझा किया। उधर, लखनऊ से आईजी रेलवे सत्येंद्र सिंह भी गोरखपुर पहुंचे।
एसपी रेलवे डॉ. अवधेश सिंह के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे, जीआरपी थाना प्रभारी से घटना की जानकारी लेने के बाद घटनास्थल को देखा। घटना का पर्दाफाश करने के लिए गठित जीआरपी व जिले की पुलिस टीम के साथ बैठक कर अब तक की जांच में मिले साक्ष्य को जाना। रेलवे स्टेशन से निकलने के बाद आईजी रेलवे बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। पीड़िता के साथ ही आए परिजनों से भी उन्होंने पूछताछ की है।