Court News: नाबालिग से दुष्कर्म में एक को सश्रम उम्र कैद, कोर्ट ने सुनाया फैसला
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नवल किशोर सिंह ने बेलीपार थाना क्षेत्र निवासी मनीष चौरसिया को 11 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म करने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। जुर्माना न अदा करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। जुर्माना जमा करने पर आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक उमेश मिश्र और राघवेंद्र त्रिपाठी का कहना था कि घटना 12 जनवरी 2015 की शाम 5:45 बजे की है। पीड़िता की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे एक ग्रामीण ने आरोपी को घटनास्थल पर ही पकड़ कर थाने को सुपुर्द कर दिया था।
गंभीर दशा में पीड़िता को घटनास्थल से चारपाई पर लादकर अस्पताल ले जाया गया। कोर्ट में अभियुक्त ने जुर्म से इंकार किया और रंजिशन फंसाने की बात कही। कोर्ट ने विचारण के दौरान पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
दुष्कर्म के अभियुक्त को सात साल कैद की सजा
नाबालिग से दुष्कर्म करने का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर कोर्ट ने अभियुक्त रिशु गुप्ता को सात साल की कैद व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट रोहित सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई और कहा कि अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को एक साल का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अरविंद श्रीवास्तव का कहना था कि 22 जून 2018 की रात करीब 12 बजे अभियुक्त वादिनी की नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर कर गोरखपुर भगा लगाया और उससे दुष्कर्म किया था।