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फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी के नाम पर ठगी: 'एफ बार बाय फैशन टीवी' के नाम पर लिए एक करोड़...ऐसे हुई ठगी की जानकारी

Sun, 04 Jan 2026 11:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 04 Jan 2026 11:19 PM IST
सार

आरोप है कि वैभव मणि त्रिपाठी ने खुद को फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए कानपुर और गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि वैभव मणि के झांसे में आकर जूही सिंह और उनके पति राकेश सिंह ने अलग-अलग किस्तों में करीब एक करोड़ रुपये ऑनलाइन व नकद उसके सहयोगियों को दिए।

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One crore rupees fraud in the name of providing Fashion TV franchise in Gorakhpur, main accused arrested
गिरफ्तार आरोपी - फोटो : स्त्रोत- पुलिस

विस्तार

गोरखपुर में फैशन टीवी के उपक्रम 'एफ बार बाय फैशन टीवी' की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर लगभग एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में एसएसपी से शिकायत के बाद रामगढ़ताल थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी वैभव मणि त्रिपाठी को रविवार को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
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मामले में 18 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपी को स्पेशल कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के शिवपुर कॉलोनी निवासी जूही सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह ‘पार्क हॉस्पिटैलिटी’ नामक फर्म संचालित करती हैं, जिसमें वैभव मणि त्रिपाठी और करुणेश प्रताप शाही अंशधारक थे। 
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आरोप है कि वैभव मणि त्रिपाठी ने खुद को फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए कानपुर और गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि वैभव मणि के झांसे में आकर जूही सिंह और उनके पति राकेश सिंह ने अलग-अलग किस्तों में करीब एक करोड़ रुपये ऑनलाइन व नकद उसके सहयोगियों को दिए।

इसमें फैशन टीवी के नाम पर भुगतान, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कराने और सेटअप के नाम पर ली गई रकम शामिल है। बाद में फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क करने पर कंपनी ने किसी भी प्रकार के अनुबंध या भुगतान से साफ इन्कार कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि प्रस्तुत अनुबंध पत्र में फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे, जिसकी पुष्टि हस्तलेखन विशेषज्ञ की रिपोर्ट से हुई।
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जब पीड़िता ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी की ओर से जान-माल की धमकी दी गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि वैभव मणि त्रिपाठी अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह के रूप में इस तरह की ठगी करता है। रामगढ़ताल पुलिस ने वैभव व करुणेश के अलावा अखिलेश पाठक, अभिषेक पाठक, गौतम कनौडिया, रामअवतार बंसल, गौरव कनौडिया और नरेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज दर्ज की थी।

ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ जारी है और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी: योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
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