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अफसर दिखाते हैं दिलचस्पी तभी लावारिस शव मामलों में सक्रिय होती है पुलिस

Thu, 26 Nov 2020 12:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Nov 2020 12:48 AM IST
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Officers show interest only when police becomes active in unclaimed dead bodies
अफसर दिखाते हैं दिलचस्पी तभी लावारिस शव मामलों में सक्रिय होती है पुलिस
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गोरखपुर। लावारिस शवों के मिलने के मामलों में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट लगाकर पल्ला झाड़ लेने की परंपरा बरकरार है। इस तरह के मामलों में पुलिस तभी सक्रिय और हत्यारों के गिरेबान तक पहुंचती है, अगर कोई अफसर उस मामले में दिलचस्पी दिखाए।
हाल ही में शाहपुर इलाके में महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश का मामला हो या फिर गोरखनाथ इलाके में बंधे पर युवक की हत्या का मामला, एसपी सिटी ने खुद मानीटरिंग की तो दोनों घटनाओं का पर्दाफाश हो गया। उधर, हाल ही में पिपराइच इलाके में महिला का शव मिला था। इस मामले में पुलिस की जांच अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। इसके अलावा भी कई मामले हैं जिसमें पुलिस की सुस्ती साफ नजर आती है।
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लावारिस लाश मिलने के मामलों में पुलिस की पहली कोशिश इस बात पर होती है कि यह साबित हो जाए कि कहीं बाहर हत्या कर शव को लाकर यहां फेंका गया है। जांच में कई बार यह सही भी होता है, लेकिन जितनी भी घटनाएं पिछले दो साल में खुली हैं, उन सब में पुलिस की यह थ्योरी काम नहीं आई। पर्दाफाश हुआ तो यह भी साफ हुआ कि शव मिलने से चंद कदम के इर्द गिर्द ही हत्या की गई थी। ऐसा ही ताजा मामला पिपराइच इलाके में सामने आया है। बीते शनिवार को हत्या कर फेंकी गई महिला की लाश मिली। चेहरे को जलाया गया है। 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम हुआ और सिर पर चोट से हत्या की पुष्टि भी हो गई, लेकिन अभी तक पुलिस उसकी शिनाख्त तक नहीं कर पाई है। मंगलवार को भी शाहपुर इलाके में नाले में एक युवक का शव मिला। हत्या की आशंका जताई गई है।
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पुलिस घटनाओं के पर्दाफाश की कोशिश करती है, लेकिन कई मामलों मे सुराग नहीं मिल पाता। जो भी फाइल बंद नहीं है, उसके पर्दाफाश के लिए पुलिस काम करेगी।
राजेश डी मोदक, डीआईजी
अफसरों ने दिखाई दिलचस्पी तो ये मामले लावारिस नहीं रहे
- 28 सितंबर 2020 को सहजनवां में युवक की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। लाश सड़क पर मिली थी। उसकी पहचान संतकबीरनगर निवासी बालेंद्र सिंह के रूप में हुई। हालांकि हत्यारोपित पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
- शाहपुर इलाके में महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। महिला की पहचान कर पुलिस ने उसके प्रेमी को जेल भिजवाया था।
- 6 अगस्त 2020 को गुलरिहा के ठाकुरपुर में अमरजीत व रीमा की घर में ही गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस मृतकों की पहचान होने के बाद भी अभी तक मामले का पर्दाफाश नहीं कर पाई है।
शिनाख्त ही नहीं हुई, पर्दाफाश की बात कौन करे
- चार वर्ष पूर्व खोराबार के बहरामपुर में फोरलेन के किनारे युवती की गोली मारकर हत्या हुई थी। उसकी लाश सड़क किनारे मिली थी। आजतक उसकी पहचान नहीं हो सकी।
- पिछले महीने कोतवाली के दीवान बाजार में युवक ईंट से कूंचकर हत्या हुई थी। शव सड़क पर पड़ा था। अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस अब एफआर की तैयारी कर चुकी है।

- एक वर्ष पूर्व कैंट इलाके की एक युवती की लाश राप्ती नदी के किनारे मिली थी। उसकी पहचान भी हो गई। गला कसकर हत्या हुई थी। घरवालों से पूछताछ भी हुई लेकिन अभी तक पर्दाफाश नहीं हुआ।
- दो वर्ष पूर्व राजघाट के पांडेय हाता में रश्मी दूबे की घर में ही गला रेतकर हत्या हो गई थी। केस दर्ज होने के बाद भी अभी हत्यारोपित नहीं पकड़े गए।
- पिछले नवंबर माह में खोराबार के रामनगर कड़जहां में प्रापर्टी डीलर बलराम यादव की हत्या हुई थी। अभी तक हत्यारोपित पकड़ से बाहर हैं।
- पिछले जून माह में कैंट इलाके के भैरोपुर निवासी दवा विक्रेता रंजीत की गोली मारकर हत्या हुई थी, उसके भी हत्यारोपित पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
- पिछले वर्ष ही भैरोपुुर निवासी मछली विक्रेता की हत्या हुई थी। उसका शव रामगढ़ताल के किनारे मिला था। उस घटना का भी आजतक पर्दाफाश नहीं हुआ।
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