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रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्री लगाने में बाधक बन रही है ये योजना, जानिए क्या है पूरा मामला

Sun, 17 Jan 2021 11:34 AM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 17 Jan 2021 11:34 AM IST
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ODOP scheme stop bank loan for readymade garment factory in gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : pixabay
एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का बिना गारंटी लोन संबंधी प्रावधान गोरखपुर को रेडीमेड गारमेंट हब के रूप में स्थापित करने में बाधक बन रहा है। बैंक प्रशासन के अनुसार, जो प्रावधान हैं उसके आधार पर ओडीओपी के तहत मात्र दो लाख रुपये का ही बिना गारंटी (कोलेट्रल फ्री) लोन दिया जा सकता है।
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ऐसे में जहां रेडीमेड गारमेंट संबंधी फैक्ट्री लगाने में काफी ज्यादा पूंजी की आवश्यकता पड़ती है, वहां बैंक से कम राशि का लोन इन उद्योगों को लगाने में मददगार साबित नहीं होगा। हालांकि उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में बैंक प्रशासन में कुछ भ्रम की स्थिति है।
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प्रदेश सरकार ने एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत रेडीमेड गारमेंट को गोरखपुर के दूसरे उत्पाद के रूप में मंजूरी दी है। पहले टेराकोटा शिल्प को गोरखपुर के ओडीओपी के रूप में मान्यता थी। लीड बैंक प्रशासन का कहना है कि कम पूंजी लागत वाले इस उद्योग को शुरू करने के लिए दो लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट को तो बिना गारंटी लोन का प्रावधान है।
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चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल का कहना है कि अगर ऐसा प्रावधान है तो इसमें बदलाव की जरूरत है, क्योंकि रेडीमेड गारमेंट को शुरू करने में न्यूनतम 30 से 40 लाख रुपये की आवश्यकता होगी। रेडीमेड गारमेंट उद्योगों को स्थापित करने के लिए बिना गारंटी लोन राशि को बढ़ाकर न्यूनतम 10 लाख रुपये करना चाहिए।

लीड बैंक मैनेजर रामअधार ने बताया कि रेडीमेड गारमेंट संबंधी कोई नया सर्कुलर जारी नहीं किया गया है। ऐसे में पुराने सर्कुलर के अनुसार ही योजना के तहत उद्यमियों को लाभ दिया जा सकता है। टेराकोटा के लिए दो लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट के लोन के लिए गारंटी से छूट का प्रावधान है। इस संबंध में उपायुक्त उद्योग को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही नया सर्कुलर उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि उद्यमियों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जा सके। इसमें किसी तरह की दिक्कत नहीं है, क्योंकि सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बिना गारंटी 10 लाख रुपये तक लोन दिया जा रहा है। उपायुक्त उद्योग की ओर से अगर सर्कुलर उपलब्ध करा दिया जाता है, तो सभी बैंकों को भेज दिया जाएगा।
 
उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा ने बताया कि एक जिला, एक उत्पाद के तहत अलग से किसी भी तरह का प्रावधान नहीं है। योजना के तहत 10 लाख रुपये तक बिना गारंटी लोन का प्रावधान है। दो लाख रुपये तक ही बिना गारंटी लोन संबंधी प्रावधान है ही नहीं। इस संबंध में लीड बैंक प्रशासन में कुछ भ्रम है। जल्द ही इसे स्पष्ट कर लिया जाएगा। अगर ऐसी कोई बात है तो इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

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