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आबादी के कब्जेदारों को मिलेगा मालिकाना हक

Tue, 15 Sep 2020 11:28 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2020 11:28 PM IST
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occupiers of the population will get ownership
आबादी के कब्जेदारों को मिलेगा मालिकाना हक
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देवरिया। आबादी की जमीनों पर कब्जे के आधार पर प्रारंभिक आवासीय अधिकार अभिलेख (घरौनी) तैयार होगा। इससे मालिकाना हक को लेकर गांवों में होने वाले विवाद पर लगाम लगेगा। जिले के 1895 गांवों को चिह्नित किया गया है। प्रथम चरण के पायलट प्रोजेक्ट में दस गांवों को लिया गया है।
केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत जिले के चिह्नित गांवों की ड्रोन कैमरे से मैपिंग की जाएगी।
सर्वे ऑफ इंडिया शाखा लखनऊ को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के दस गांवों में मैपिंग का कार्य चल रहा है। संबंधित तहसील के राजस्व कर्मचारी स्थलीय सत्यापन कर रहे हैं। मैपिंग के जरिये गांव की आबादी की भूमि का चिह्नीकरण किया जाएगा। आबादी की जमीन पर सहन, कब्जा जिसका होगा वह उसी के नाम से गाटा संख्या, रकबा सहित स्वामित्व अभिलेख में दर्ज किया जाएगा। इससे न केवल आबादी की जमीन को लेकर मुकदमों में कमी आएगी बल्कि इन जमीनों को लेकर होने वाली मारपीट की घटनाएं कम होंगी। इस योजना को अमलीजामा पहनाने में जिला प्रशासन जुट गया है। प्रथम चरण में पायलट प्रोजेक्ट योजना के तहत चयनित गांवों का ड्रोन से सर्वेक्षण हो चुका है। ड्रोन सर्वेक्षण के आधार पर मैप तैयार कर लिया गया है। जिसके आधार पर राजस्वकर्मी सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। सर्वेक्षण के आधार पर आंकड़ों की प्रोसेसिंग कर भारतीय सर्वेक्षण विभाग आबादी क्षेत्र का मानचित्र उपलब्ध कराएगा। सर्वेक्षण और सत्यापन के आधार पर प्रारंभिक आवासीय अधिकार (घरौनी) तैयार किया जाएगा। घरौनी पर आने वाली आपत्ति प्राप्त कर निस्तारण होगा।
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-स्वामित्व योजना की कवायद चल रही है। पायल प्रोजेक्ट में दस गांवों को चयनित किया गया है। इसका ड्रोन सर्वेक्षण हो चुका है। इससे लोगों को काफी हद तक सहूलियत मिलेगी। मालिकाना हक को लेकर गांवों में होने वाले विवाद में कमी आएगी।
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- अमृतलाल बिंद, सीआरओ
यह दस गांव हुए हैं चयनित
देवरिया। जिले में 2178 राजस्व गांव हैं। इसमें शासन स्तर से स्वामित्व योजना के तहत 1895 गांवों को चिह्नित किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट योजना के तहत प्रथम चरण में जिले के परसिया मीसकारी, बरवा गौर, सुकरौली, दुबौली, देवरिया दुबे, महराजपुर, बरेजी, बरवा, करौंदी, तरकुलवा गांव को चयनित किया गया है।

यह है स्वामित्व योजना
केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण स्वामित्व योजना के तहत गांवों में सभी तरह के जमीनों का सर्वे होना है। आवास से लेकर खाली जमीन और सरकारी भूमि के दस्तावेज तैयार होंगे, इसमें सभी को मालिकाना हक मिलेगा। ग्राम पंचायतों का सरकारी और कृषि से जुड़ी जमीन का अभिलेख सिर्फ प्रशासन के पास उपलब्ध है। गांवों में बने मकान, आवासीय भूमि के अभिलेख अभी तक बने नहीं हैं। इससे आए दिन गांवों में विवाद होते रहते हैं। अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने आवास और आवासीय जमीन के अभिलेख तैयार कराने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की है।
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