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Gorakhpur News: चिड़ियाघर के पास कूड़ा फेंकने से बढ़ेगा वन्यजीवों में संक्रमण का खतरा
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गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान के निकट प्रस्तावित गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन को लेकर चिड़ियाघर प्रशासन ने गंभीर आपत्ति जताई है। चिड़ियाघर प्रशासन ने कमिश्नर को पत्र भेजकर कार्रवाई पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि इससे चिड़ियाघर के 400 से अधिक वन्यजीवों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
चिड़ियाघर के निदेशक सूरज कुमार ने बताया कि बौद्ध संग्रहालय से देवरिया बाईपास मार्ग के बीच, चिड़ियाघर के समीप स्थित जीडीए की भूमि पर नगर निगम की ओर से कूड़ा एकत्र करने और गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन विकसित करने की तैयारी चल रही है। यह स्थान प्राणि उद्यान के वन्यजीव चिकित्सालय, क्वारंटीन सेंटर और रेस्क्यू सेंटर के बेहद करीब है। यहां कूड़ा एकत्र होने से आवारा पशु, चील, कौवे, चूहे और अन्य पक्षियों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा।
उन्होंने पत्र में कहा है कि कूड़े से निकलने वाली दुर्गंध और हानिकारक रसायन वन्यजीवों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होंगे। साथ ही पक्षियों और अन्य जीवों के माध्यम से अपशिष्ट सामग्री चिड़ियाघर परिसर तक पहुंचने की आशंका भी बनी रहेगी। निदेशक ने कमिश्नर से हस्तक्षेप कर प्रस्तावित स्थल पर कूड़ा डंपिंग और गार्बेज स्टेशन से पर्यटकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
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डीएम को भी दिया जा चुका है पत्र
निदेशक ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी डीएम समेत संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है। बताया कि चिड़ियाघर में 400 से अधिक वन्यजीव हैं, जिनकी नियमित चिकित्सकीय निगरानी की जाती है।
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चिड़ियाघर के निदेशक सूरज कुमार ने बताया कि बौद्ध संग्रहालय से देवरिया बाईपास मार्ग के बीच, चिड़ियाघर के समीप स्थित जीडीए की भूमि पर नगर निगम की ओर से कूड़ा एकत्र करने और गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन विकसित करने की तैयारी चल रही है। यह स्थान प्राणि उद्यान के वन्यजीव चिकित्सालय, क्वारंटीन सेंटर और रेस्क्यू सेंटर के बेहद करीब है। यहां कूड़ा एकत्र होने से आवारा पशु, चील, कौवे, चूहे और अन्य पक्षियों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा।
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उन्होंने पत्र में कहा है कि कूड़े से निकलने वाली दुर्गंध और हानिकारक रसायन वन्यजीवों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होंगे। साथ ही पक्षियों और अन्य जीवों के माध्यम से अपशिष्ट सामग्री चिड़ियाघर परिसर तक पहुंचने की आशंका भी बनी रहेगी। निदेशक ने कमिश्नर से हस्तक्षेप कर प्रस्तावित स्थल पर कूड़ा डंपिंग और गार्बेज स्टेशन से पर्यटकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
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डीएम को भी दिया जा चुका है पत्र
निदेशक ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी डीएम समेत संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है। बताया कि चिड़ियाघर में 400 से अधिक वन्यजीव हैं, जिनकी नियमित चिकित्सकीय निगरानी की जाती है।