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Gorakhpur News: एमबीबीएस छात्रों पर कार्रवाई नहीं, मानसिक मरीज की पिटाई मामले में नर्स ने प्राचार्य को लिखा पत्र
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मानसिक मरीज की पिटाई के मामले में एमबीबीएस छात्रों पर अब तक कोई कार्रवाई न होने से विवाद गहराता जा रहा है। घटना के बाद पीड़ित स्टाफ नर्स ने कॉलेज के प्राचार्य को लिखित शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना रविवार को पुराने इंसेफेलाइटिस वार्ड के बाहर हुई, जहां भर्ती मानसिक मरीज के साथ मारपीट का आरोप एमबीबीएस छात्रों पर लगा है। बताया जा रहा है कि यह विवाद एक एमबीबीएस छात्रा और उसके मित्र से हुई कहासुनी के बाद बढ़ा, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने मरीज की पिटाई कर दी। पीड़ित मरीज की पत्नी, जो खुद मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत हैं, ने घटना का वीडियो भी बनाया था।
आरोप है कि बाद में कॉलेज प्रशासन के दबाव में वीडियो डिलीट करा दिया गया। रविवार को कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों ने पीड़ित नर्स पल्लवी को कार्रवाई और बेहतर इलाज का आश्वासन दिया था, जिसके बाद उन्होंने वीडियो डिलीट कर दिया। सोमवार को स्थिति बदल गई और कॉलेज प्रशासन ने मामले में चुप्पी साध ली। इस घटनाक्रम से नाराज नर्सिंग स्टाफ में आक्रोश बढ़ गया है। पीड़ित नर्स के समर्थन में राजकीय, आउटसोर्सिंग और संविदा नर्सें भी उतर आई हैं। नर्स पल्लवी ने अब प्राचार्य और राजकीय नर्सेज संघ को पत्र लिखकर आरोपी छात्रों पर कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, पीड़ित पक्ष ने मामले को मानवाधिकार आयोग तक ले जाने की भी तैयारी शुरू कर दी है।
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20 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल
घटना को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो महज 20 सेकंड का है। बताया जाता है कि वीडियो तब का है जब मारपीट के बाद मानसिक मरीज को वार्ड में भर्ती किया गया था। उस वार्ड को भी एमबीबीएस के छात्रों ने घेर रखा था। इस वायरल वीडियो की पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है। वीडियो महज 20 सेकंड का है। जिसमें एमबीबीएस छात्र मानसिक मरीज पर एमबीबीएस छात्रा से रेप अटेम्प्ट का आरोप लगा रहे हैं। पीड़ित नर्स पल्लवी का कहना है कि पूरी घटना सीसीटीवी कम कमरे में कैद है। अगर पुलिस चाहे तो इसे देख सकती है। उसमें दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
पहले दिया कार्रवाई का आश्वासन, अब साध ली चुप्पी
बताया जाता है कि रविवार को नेहरू अस्पताल की एसआईसी डॉ. कंचन श्रीवास्तव सुपर स्पेशियलिटी के प्रभारी डॉ. भूपेंद्र शर्मा, मेडिसिन के डॉ. राजकिशोर सिंह समेत कई चिकित्सकों ने स्टाफ नर्स पल्लवी को खूब समझाया। चिकित्सकों ने मरीज को उच्च स्तरीय इलाज का आश्वासन दिया। इसके अलावा पीटने वाले एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया। सीनियर डॉक्टरों के आश्वासन के बाद स्टाफ नर्स पल्लवी ने वीडियो डिलीट कर दिया। सोमवार से कॉलेज के अधिकारियों ने कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया। स्टाफ नर्स से कोई भी मिलने को तैयार नहीं हुआ।प्राचार्य डॉ. राम कुमार जायसवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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यह घटना रविवार को पुराने इंसेफेलाइटिस वार्ड के बाहर हुई, जहां भर्ती मानसिक मरीज के साथ मारपीट का आरोप एमबीबीएस छात्रों पर लगा है। बताया जा रहा है कि यह विवाद एक एमबीबीएस छात्रा और उसके मित्र से हुई कहासुनी के बाद बढ़ा, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने मरीज की पिटाई कर दी। पीड़ित मरीज की पत्नी, जो खुद मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत हैं, ने घटना का वीडियो भी बनाया था।
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आरोप है कि बाद में कॉलेज प्रशासन के दबाव में वीडियो डिलीट करा दिया गया। रविवार को कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों ने पीड़ित नर्स पल्लवी को कार्रवाई और बेहतर इलाज का आश्वासन दिया था, जिसके बाद उन्होंने वीडियो डिलीट कर दिया। सोमवार को स्थिति बदल गई और कॉलेज प्रशासन ने मामले में चुप्पी साध ली। इस घटनाक्रम से नाराज नर्सिंग स्टाफ में आक्रोश बढ़ गया है। पीड़ित नर्स के समर्थन में राजकीय, आउटसोर्सिंग और संविदा नर्सें भी उतर आई हैं। नर्स पल्लवी ने अब प्राचार्य और राजकीय नर्सेज संघ को पत्र लिखकर आरोपी छात्रों पर कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, पीड़ित पक्ष ने मामले को मानवाधिकार आयोग तक ले जाने की भी तैयारी शुरू कर दी है।
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20 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल
घटना को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो महज 20 सेकंड का है। बताया जाता है कि वीडियो तब का है जब मारपीट के बाद मानसिक मरीज को वार्ड में भर्ती किया गया था। उस वार्ड को भी एमबीबीएस के छात्रों ने घेर रखा था। इस वायरल वीडियो की पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है। वीडियो महज 20 सेकंड का है। जिसमें एमबीबीएस छात्र मानसिक मरीज पर एमबीबीएस छात्रा से रेप अटेम्प्ट का आरोप लगा रहे हैं। पीड़ित नर्स पल्लवी का कहना है कि पूरी घटना सीसीटीवी कम कमरे में कैद है। अगर पुलिस चाहे तो इसे देख सकती है। उसमें दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
पहले दिया कार्रवाई का आश्वासन, अब साध ली चुप्पी
बताया जाता है कि रविवार को नेहरू अस्पताल की एसआईसी डॉ. कंचन श्रीवास्तव सुपर स्पेशियलिटी के प्रभारी डॉ. भूपेंद्र शर्मा, मेडिसिन के डॉ. राजकिशोर सिंह समेत कई चिकित्सकों ने स्टाफ नर्स पल्लवी को खूब समझाया। चिकित्सकों ने मरीज को उच्च स्तरीय इलाज का आश्वासन दिया। इसके अलावा पीटने वाले एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया। सीनियर डॉक्टरों के आश्वासन के बाद स्टाफ नर्स पल्लवी ने वीडियो डिलीट कर दिया। सोमवार से कॉलेज के अधिकारियों ने कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया। स्टाफ नर्स से कोई भी मिलने को तैयार नहीं हुआ।प्राचार्य डॉ. राम कुमार जायसवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।