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Gorakhpur News : जेल भेजे गए दरोगा के साथी ने जमानत के लिए दी अर्जी
Fri, 26 Apr 2024 05:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 26 Apr 2024 05:18 AM IST
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व्यापारी के 50 लाख रुपये हड़पने का मामला
फरार प्रचंड, विशाल और मुकेश का नहीं लगा सुराग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। व्यापारी के 50 लाख रुपये हड़पने के मामले में नया मोड़ आ गया है। जेल भेजे गए निलंबित दारोगा व उसके साथी ने न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दी है। जिसमें उन्होंने यह मामला हवाला से जुड़ा होने और रसूखदारों के दबाव में जेल भेजने का दावा किया है। फरार चल रहे प्रचंड सिंह, विशाल तिवारी व मुकेश का घटना के 16 दिन बाद भी सुराग नहीं मिला है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि क्राइम ब्रांच व कोतवाली पुलिस तलाश में छापेमारी कर रही है।
दारोगा आलोक सिंह व प्रिंस तिवारी की ओर से उनके अधिवक्ता ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। जिसमें लिखा है कि तीन अप्रैल को हुई घटना का केस मनगढ़ंत तरीके से छह दिन बाद दर्ज कराया गया है। मुकदमा वादी व उसके सहयोगी व्यापार नहीं करते हैं। पूरा मामला हवाला से जुड़ा है, जबकि एफआईआर में लिखवाया गया है कि मुकदमा वादी व्यापार के 50 लाख रुपये लेकर जा रहे थे।
वहीं नौ अप्रैल को चोरी, भ्रष्टाचार व जालसाजी का केस दर्ज होने के बाद घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने का दावा करने वाली कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। विवेचक की अर्जी पर न्यायालय ने फरार चल रहे दारोगा आलोक सिंह के सहयोगी प्रचंड सिंह, विशाल तिवारी व मुकेश के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
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फरार प्रचंड, विशाल और मुकेश का नहीं लगा सुराग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। व्यापारी के 50 लाख रुपये हड़पने के मामले में नया मोड़ आ गया है। जेल भेजे गए निलंबित दारोगा व उसके साथी ने न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दी है। जिसमें उन्होंने यह मामला हवाला से जुड़ा होने और रसूखदारों के दबाव में जेल भेजने का दावा किया है। फरार चल रहे प्रचंड सिंह, विशाल तिवारी व मुकेश का घटना के 16 दिन बाद भी सुराग नहीं मिला है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि क्राइम ब्रांच व कोतवाली पुलिस तलाश में छापेमारी कर रही है।
दारोगा आलोक सिंह व प्रिंस तिवारी की ओर से उनके अधिवक्ता ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। जिसमें लिखा है कि तीन अप्रैल को हुई घटना का केस मनगढ़ंत तरीके से छह दिन बाद दर्ज कराया गया है। मुकदमा वादी व उसके सहयोगी व्यापार नहीं करते हैं। पूरा मामला हवाला से जुड़ा है, जबकि एफआईआर में लिखवाया गया है कि मुकदमा वादी व्यापार के 50 लाख रुपये लेकर जा रहे थे।
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वहीं नौ अप्रैल को चोरी, भ्रष्टाचार व जालसाजी का केस दर्ज होने के बाद घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने का दावा करने वाली कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। विवेचक की अर्जी पर न्यायालय ने फरार चल रहे दारोगा आलोक सिंह के सहयोगी प्रचंड सिंह, विशाल तिवारी व मुकेश के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
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