एडीओ तक पहुंचा आदेश, अब ग्राम पंचायतों के प्रशासक की भी भूमिका में रहेंगे
- गांव में विकास कार्यों की निगरानी से लेकर भुगतान तक का होगा अधिकार
- जल्द प्रशासकों के नाम एक्टिवेट कर दिए जाएंगे ग्राम प्रधानों के डोंगल
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अपनी मूल जिम्मेदारी के साथ ही वे ग्राम पंचायतों के प्रशासक की भी भूमिका निभाएंगे। प्रधानों की ही तरह उन्हें सभी प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार दिए गए हैं। प्रशासक गांवों के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने से लेकर कार्यदायी संस्था का चयन और उन्हें भुगतान के साथ ही काम की निगरानी भी करेंगे।
छह महीने या त्रिस्तरीय चुनाव होने तक के लिए उनकी तैनाती की गई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासकों को दो महीने तक ही दोहरी भूमिका का निर्वहन करना पड़ेगा। मार्च में पंचायत चुनाव होने की उम्मीद है। पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) से भुगतान के लिए जल्द ही सभी 20 प्रशासकों को डोंगल भी दे दिया जाएगा।
ब्लॉकों की इन पंचायतों में ये होंगे प्रशासक
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि चरगांवा ब्लॉक के तहत आने वाली पंचायतों के लिए एडीओ पंचायत कृष्ण वर्मा, भटहट के लिए एडीओ पंचायत सुनील कुमार यादव, जंगल कौड़िया के लिए एडीओ पंचायत सुजीत कुमार सिंह, कैंपियरगंज के लिए एडीओ पंचायत नीरज गुप्ता, भरोहिया के लिए एडीओ पंचायत ओम प्रकाश यादव, पिपराइच के लिए एडीओ पंचायत इंद्रमणि, खोराबार के लिए एडीओ सहकारिता गिरिजा शंकर मिश्रा, ब्रह्मपुर के लिए एडीओ पंचायत योगेंद्र सिंह, सरदारनगर के लिए एडीओ पंचायत रामनगीना यादव, पिपरौली के लिए एडीओ पंचायत रामकुमार जायसवाल, बड़हलगंज के लिए एडीओ पंचायत वीरेंद्र नाथ पांडेय, गगहा के लिए एडीओ पंचायत वायुनंदन पांडेय, गोला के लिए एडीओ पंचायत शैलेष राय, उरुवां के लिए एडीओ पंचायत बृजेश यादव, बेलघाट के लिए एडीओ आईएसबी चंद्रभान मौर्या, खजनी के लिए एडीओ पंचायत परमात्मा पांडेय, पाली के लिए एडीओ पंचायत जगदीश प्रसाद जायसवाल, सहजनवां के लिए एडीओ पंचायत शशि कुमार श्रीवास्तव, बांसगांव के लिए एडीओ बांकेलाल, कौड़ीराम ब्लॉक की सभी पंचायतों के लिए निरीक्षक पंचायत उद्योग संजय कुमार पांडेय को प्रशासक तैनात किया गया है।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि सभी पंचायतों में एडीओ को प्रशासक तैनात कर दिया गया है। उन्हें इस संबंध में आदेश में जारी हो गए हैं। जल्द ही उनका डोंगल भी एक्टिवेट कर दिया जाएगा। प्रशासकों को प्रधानों की ही तरह सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार दिए गए हैं। किसी भी गांव में विकास कार्य नहीं प्रभावित होगा।