फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Now the hooter will not ring before the crossing is closed.

Gorakhpur News: क्रासिंग बंद होने से पहले अब घंटी नहीं हूटर बजेगा

Fri, 29 Mar 2024 02:08 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Mar 2024 02:08 AM IST
विज्ञापन
Now the hooter will not ring before the crossing is closed.
गोरखपुर। रेलवे क्राॅसिंग पर अचानक हूटर बजने लगे तो घबराएं नहीं, यह ट्रेन आने की पूर्व सूचना है। इसका मतलब है कि क्राॅसिंग का बैरियर बंद हो रहा है। हूटर बज गया है तो हड़बड़ी में क्राॅसिंग पार करने के बजाय ट्रेन के गुजरने का इंतजार करें।
विज्ञापन

रेलवे के क्राॅसिंग पर पहले तार वाले बैरियर लगाए जाते थे। ये काफी भारी होते थे। उन्हें उठाते और गिराते समय काफी सावधानी बरतनी होती थी। उस वक्त क्राॅसिंग पर एक घंटी लगाई जाती थी, जब ट्रेन को क्रॉस कराना हो तो गेटमैन पहले घंटी बजाते थे, जिससे कि सड़क से गुजर रहे वाहन चालक सतर्क हो जाएं। बैरियर उठाते समय भी घंटी बजाई जाती थी। अब उनकी जगह उसी तरह दिखने वाले इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर लगाए गए हैं। ये काफी हल्के हैं। इन्हें उठाना और गिराना भी आसान है। लेकिन वाहनों के टकराने पर यह पहले वाले बैरियर की अपेक्षा जल्दी क्षतिग्रस्त होते हैं। इसलिए रेलवे ने अब क्राॅसिंग पर घंटी की जगह हूटर लगवा दिए हैं। अब गेटमैन बैरियर गिराने से पहले हूटर बजाएंगे, जिससे कि सड़क पर आने वाले वाहन चालक व पैदल यात्री सतर्क हो जाएं।
विज्ञापन

लगातार लोगों को किया जा रहा है जागरूक
ट्रेन संचालन के लिए क्राॅसिंग का बैरियर लॉक होना जरूरी है। बिना इसके लॉक हुए सिग्नल नहीं मिलता, इसीलिए बैरियर के साथ-साथ स्लाइडर बूम भी लगाए जा रहे हैं, जिससे कि अगर बैरियर लॉक होने में किसी प्रकार की दिक्कत आए तो स्लाइडर बूम खींचकर गेट को लॉक किया जा सके। रेलवे के नियमानुसार गेट का बैरियर बंद होने पर रेल ट्रैक को पैदल या किसी वाहन के साथ पार करना दंडनीय अपराध है। इसीलिए रेलवे की तरफ से लगातार लोगों को जागरूक भी किया जाता है, जिससे कि हादसे रोके जा सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

यात्रियों को सतर्क करने के लिए हूटर बजाया जाता है। लोगों को जागरूक भी किया जाता है कि क्राॅसिंग बंद होने पर बैरियर को उठाने का प्रयास कर उसके नीचे से न निकलें। यह हादसे की वजह बन सकता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होती है।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed