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Gorakhpur News: अब डिग्री पर रहेगी अंग्रेजी कैलेंडर और भारतीय शक संवत के अनुसार तिथि
Wed, 28 Aug 2024 05:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 28 Aug 2024 05:10 AM IST
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डीडीयू: प्रस्ताव पर विद्या परिषद और कार्य परिषद की लगी मुहर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से जारी होने वाली डिग्री पर अब उसके जारी होेने की तिथि अंग्रेजी कैलेंडर और भारतीय शक संवत के अनुसार लिखी होगी। इस प्रस्ताव पर मंगलवार को आयोजित विद्या परिषद और कार्य परिषद की ऑनलाइन बैठक में मंजूरी मिल गई।
विश्वविद्यालय से जारी होने वाली स्नातक-परास्नातक की डिग्री में अभी तक तिथि अंकित नहीं रहता था। वहां केवल रामनवमी/विजयदशमी लिखा होता था। यहां के छात्र जब दूसरे किसी संस्थान में प्रवेश के लिए जाते थे तो वहां इसे लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता था। डिग्री कब जारी हुई, इसके बारे में किसी को भी स्पष्ट जानकारी नहीं रहती थी।
विद्या परिषद एवं कार्य परिषद ने छात्रहित में विश्वविद्यालय की ओर से प्रदत्त उपाधियों पर उसे निर्गत करने की तिथि अंकित किए जाने के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति प्रदान की। इसमें निर्णय लिया गया कि यह तिथि अंग्रेजी कैलेंडर (ग्रेगोरियन कैलेंडर) के साथ-साथ भारतीय शक संवत के रूप में भी अंकित की जाएगी।
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पहले रामनवमी-विजयदशमी पर मिलती थी डिग्री
विश्वविद्यालय के शिक्षकों के अनुसार, पहले दीक्षांत समारोह हर वर्ष नहीं होता था। दो या तीन साल पर एक बार दीक्षांत का आयोजन होता था, लेकिन हर साल विद्यार्थी परीक्षा पास करते थे। हिंदू परंपरा के अनुसार, रामनवमी और विजयदशमी का दिन शुभ माना जाता है। इसीलिए इन दिनों पर डिग्री देने की परंपरा थी। इसकी वजह से डिग्री पर रामनवमी/विजयदशमी लिखा जाने लगा। काफी समय बीतने के बाद भी किसी ने इसपर ध्यान नहीं दिया। अब कई बार ऐसा होता है कि विजयदशमी से पहले ही दीक्षांत होता है और उसके बाद डिग्री मिल जाती है। इसपर तिथि नहीं है ऐसे में दूसरे संस्थानों में यह सवाल पूछा जाता है कि विजयदशमी से पहले डिग्री कैसे मिल गई?
वर्जनडिग्री पर उसके जारी होने की तिथि अंकित नहीं होने की वजह से विद्यार्थियों को प्रवेश में परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब रामनवमी/विजयदशमी की जगह अंग्रेजी कैलेंडर और भारतीय शक संवत के अनुसार डिग्री जारी होने की तिथि अंकित रहेगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से जारी होने वाली डिग्री पर अब उसके जारी होेने की तिथि अंग्रेजी कैलेंडर और भारतीय शक संवत के अनुसार लिखी होगी। इस प्रस्ताव पर मंगलवार को आयोजित विद्या परिषद और कार्य परिषद की ऑनलाइन बैठक में मंजूरी मिल गई।
विश्वविद्यालय से जारी होने वाली स्नातक-परास्नातक की डिग्री में अभी तक तिथि अंकित नहीं रहता था। वहां केवल रामनवमी/विजयदशमी लिखा होता था। यहां के छात्र जब दूसरे किसी संस्थान में प्रवेश के लिए जाते थे तो वहां इसे लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता था। डिग्री कब जारी हुई, इसके बारे में किसी को भी स्पष्ट जानकारी नहीं रहती थी।
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विद्या परिषद एवं कार्य परिषद ने छात्रहित में विश्वविद्यालय की ओर से प्रदत्त उपाधियों पर उसे निर्गत करने की तिथि अंकित किए जाने के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति प्रदान की। इसमें निर्णय लिया गया कि यह तिथि अंग्रेजी कैलेंडर (ग्रेगोरियन कैलेंडर) के साथ-साथ भारतीय शक संवत के रूप में भी अंकित की जाएगी।
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पहले रामनवमी-विजयदशमी पर मिलती थी डिग्री
विश्वविद्यालय के शिक्षकों के अनुसार, पहले दीक्षांत समारोह हर वर्ष नहीं होता था। दो या तीन साल पर एक बार दीक्षांत का आयोजन होता था, लेकिन हर साल विद्यार्थी परीक्षा पास करते थे। हिंदू परंपरा के अनुसार, रामनवमी और विजयदशमी का दिन शुभ माना जाता है। इसीलिए इन दिनों पर डिग्री देने की परंपरा थी। इसकी वजह से डिग्री पर रामनवमी/विजयदशमी लिखा जाने लगा। काफी समय बीतने के बाद भी किसी ने इसपर ध्यान नहीं दिया। अब कई बार ऐसा होता है कि विजयदशमी से पहले ही दीक्षांत होता है और उसके बाद डिग्री मिल जाती है। इसपर तिथि नहीं है ऐसे में दूसरे संस्थानों में यह सवाल पूछा जाता है कि विजयदशमी से पहले डिग्री कैसे मिल गई?
वर्जनडिग्री पर उसके जारी होने की तिथि अंकित नहीं होने की वजह से विद्यार्थियों को प्रवेश में परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब रामनवमी/विजयदशमी की जगह अंग्रेजी कैलेंडर और भारतीय शक संवत के अनुसार डिग्री जारी होने की तिथि अंकित रहेगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति