बदल राह है गोरखपुर: अब गीडा में ही बनेंगी प्लास्टिक की बोतलें-जार, 100 करोड़ का निवेश; मार्च तक काम होगा पूरा
गीडा सीईओ अनुज मलिक ने कहा कि टेक्नो प्लास्ट कंपनी का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। हमारा लक्ष्य है कि मार्च तक इसका निर्माण पूरा कराकर अप्रैल में यहां से उत्पादन शुरू करा दिया जाए। गीडा क्षेत्र में कई ऐसी फैक्टरियां हैं, जिनका उत्पाद बाजार में आ चुका है। कई और फैक्टरियों का निर्माण कार्य चल रहा है।
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गीडा में अप्रैल से प्लास्टिक की पानी की बोतलें, जार और ढक्कन बनने लगेंगे। इसके लिए टेक्नाे प्लास्ट कंपनी गीडा में अपनी 14वीं यूनिट लगा रही है। फैक्टरी के निर्माण का कार्य मार्च तक पूरा हो जाएगा। कंपनी प्लांट से उत्पादन कर यूपी और बिहार की अन्य कंपनियों को कच्चा माल उपलब्ध कराएगी। इससे उन कंपनियों का प्रोडक्ट भी बाजार में आसानी से उपलब्ध होगा। प्लांट के चालू होने से करीब 300 लोगों को प्रत्यक्ष और एक हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
गीडा में पिछले पांच साल से लगातार उद्योगों की स्थापना का प्रयास चल रहा है। अब इस कार्य में तेजी आई है। गीडा सेक्टर 28 में टेक्नो प्लास्ट कंपनी को जमीन आवंटित की गई है। इस जमीन पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। कंपनी की 13 यूनिट पहले से ही देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत है। गोरखपुर का प्लांट पूर्वांचल के अलावा बिहार को भी बोतल, जार और ढक्कन की सप्लाई करेगा।
कंपनी अभी 55 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। आगे यह बढ़कर 100 करोड़ तक पहुंचेगा। कंपनी अपने प्लांट को दो चरणों में चालू करेगी। यहां प्रतिवर्ष 80 करोड़ कैप बनाई जाएगी, जिसका उपयोग प्लास्टिक की बोतलों को सील बंद करने में किया जाएगा।
गीडा में ऐसी फैक्टरी की जरूरत थी
गीडा के एसडीएम व विशेष कार्याधिकारी अनुपम मिश्रा बताते हैं कि बड़े शहरों में जमीनों का रेट और मजदूरी दोनों महंगा है। दूसरी प्रमुख बात यह है कि पूर्वांचल के लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी होने से बाजार में भी रौनक बढ़ी है। लोग खाने-पीने की खरीदारी अधिक करने लगे हैं।
महज एक दशक पहले तक बोतल बंद पानी खरीदकर पीने वालों की संख्या कम थी, लेकिन अब लोग बोतल बंद पानी, कोल्ड ड्रिंक्स आदि का उपभोग अधिक करने लगे हैं। इसलिए गीडा में ऐसी फैक्टरी की जरूरत थी, जो प्लास्टिक की बोतल, ढक्कन आदि का निर्माण कर सके। इसके चालू होने से दूसरे उद्योगों को भी सहायता मिलेगी।
टेक्नो प्लास्ट कंपनी निदेशक कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि देश के अलग-अलग शहरों में पहले से हमारी 13 यूनिटें कार्यरत हैं। हम पूर्वांचल को केंद्र में रखकर यूपी-बिहार के बड़े बाजार में अपना माल सप्लाई करना चाहते थे। गीडा प्रशासन ने जमीन आवंटन से लेकर फैक्टरी निर्माण शुरू कराने तक में आगे बढ़कर सहयोग किया। प्रदेश सरकार की नीतियां सकारात्मक हैं। इसी का नतीजा है कि हम अप्रैल तक अपना उत्पाद यहां से शुरू कर पाएंगे।
गीडा सीईओ अनुज मलिक ने कहा कि टेक्नो प्लास्ट कंपनी का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। हमारा लक्ष्य है कि मार्च तक इसका निर्माण पूरा कराकर अप्रैल में यहां से उत्पादन शुरू करा दिया जाए। गीडा क्षेत्र में कई ऐसी फैक्टरियां हैं, जिनका उत्पाद बाजार में आ चुका है। कई और फैक्टरियों का निर्माण कार्य चल रहा है।