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Gorakhpur News: एमबीबीएस ही नहीं- BA की पढ़ाई के लिए भी मिल सकेगा कर्ज, अब कम होगी मां-बाप की चिंता

Thu, 25 Jul 2024 01:05 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 25 Jul 2024 01:05 PM IST
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In Gorakhpur,Now loan can be availed not only for MBBS but also for BA studies, worries of parents will reduce
बजट को लेकर छात्रावास में आपसी चर्चा करते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिकरीगंज की रहने वाली प्रियंका दिल्ली विश्वविद्यालय में बीए आनर्स सेकेंड ईयर की छात्रा है। साथ में वह सिविल परीक्षा की तैयारी में भी जुटी है। बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने में पिता अवधेश को काफी दिक्कत आती थी। लेकिन, अब उच्च शिक्षा के लिए शुरू की गई नई योजना से प्रियंका और अवधेश की चिंता को कम कर दिया है।
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वजह यह कि अब तक केवल एमबीबीएस या लॉ जैसे प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए ही बैंक से शिक्षा ऋण मिलता था, जबकि अब परपंरागत कोर्स के छात्र-छात्राओं को भी 10 लाख तक का कर्ज मिल जाएगा। इससे बच्चों की पढ़ाई के लिए परेशान अभिभावकों की चिंता कम हुई है।
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यह परिवर्तन आया है नए आम बजट की घोषाणा से। वित्त मंत्री सीतारमण ने मंगलवार को संसद में पेश बजट में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सरकारी घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण सब्सिडी पर देने की घोषणा की।
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इस घोषणा को लेकर छात्रों में काफी उत्साह है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि यह योजना कमजोर आय वर्ग वाले छात्रों के लिए वरदान साबित होगी। अब कोई छात्र रुपये के अभाव में उच्च शिक्षा पाने से वंचित नहीं रह पाएगा।

डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय के संतकबीर छात्रावास के सामने बुधवार दोपहर करीब दो बजे कुछ छात्र बजट पर चर्चा कर रहे थे। चर्चा में शामिल होते हुए आदित्य सिंह और मोहित मिश्र ने कहा कि उच्च शिक्षा दिनों-दिन महंगी होती जा रही है।

आर्थिक रूप से कमजोर होनहार छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते थे। लेकिन बजट में कमजोर आय वर्ग वालों का ख्याल रखते हुए 10 लाख रुपये तक का सब्सिडी पर कर्ज देने की घोषणा काबिले तारीफ है। युवराज सिंह ने कहा कि प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्रों के लिए सरकार पहले से कई योजना चला रही है।

उनकाे छात्रवृत्ति भी मिल जाती है लेकिन परंपरागत कोर्स में उच्च शिक्षा के लिए कोई प्रावधान नहीं था। बैंक से उनको एजुकेशनल लोन भी नहीं मिलता। बैंक एजुकेशनल लोन देने से पहले छात्र के कोर्स के साथ संस्थान का अवलोकन कर उस छात्र के भविष्य का आकलन करता है।

अजीत, अद्या और विवेक ने कहा कि बजट में इस उद्देश्य के लिए हर साल एक लाख छात्रों को सीधे ई-वाउचर दिए जाएंगे, जिसमें ऋण राशि का तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। धीरज ने कहा कि इस योजना का लाभ उन्हीं को मिलेगा जो अन्य किसी योजना का लाभ नहीं लिए हो।

प्रतिवर्ष करीब 70 हजार छात्र उच्च शिक्षा के लिए होते हैं पात्र
जिले में प्रतिवर्ष विभिन्न बोर्ड के करीब 70 हजार छात्र 12 वीं की पढ़ाई कर उच्च शिक्षा के लिए पात्र होते हैं। इनमें से लगभग 10 हजार छात्र अकेले गोरखपुर विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों में दाखिला लेते हैं। प्रोफेशनल कोर्स बीटेक, बीबीए, बीसीए, बी फार्मा, डी फार्मा आदि के लिए छात्रों को फीस के तौर पर मोटी रकम देनी पड़ती है।

कुछ छात्रों को छात्रवृत्ति से राहत मिल जाती है, लेकिन मध्यम और कमजोर आय वर्ग के तमाम छात्र धनाभाव के चलते आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते हैं। छात्रों की राय उन्हीं की जुबानी

छात्र तोषनिधि त्रिपाठी ने बताया कि  बजट में उच्च शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए खास ई वाउचर्स स्कीम लाई गई है। इस योजना के तहत छात्रों को शिक्षा लोन पर वार्षिक 3 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। निश्चित तौर पर यह योजना कमजोर आय वर्ग वाले छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगी।

छात्र उज्जवल सिंह ने बताया कि  डॉक्टरी या टेक्निकल कोर्स करने वाले लोगों को बैंक से एजुकेशन लोन आसानी से मिल जाता है। क्योंकि बैंक यह मानता है कि कोर्स पूरा होते ही वह रुपया कमाने लगेंगे। लेकिन परंपरागत कोर्स करने वाले छात्रों को आसानी से एजुकेशन लोन नहीं मिल पाता है।

छात्र नितीश राय ने बताया कि सरकारी घरेलू संस्थान से उच्च शिक्षा लेने वाले ऐसे छात्र जो अन्य किसी योजना का लाभ नहीं पाए हैं उनको इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए प्रतिवर्ष एक लाख छात्र को लाभ देने के लिए चयन किया है। इसका लाभ आम छात्रों को मिलेगा।

सरकारी व नीजी कॉलेज के लिए अलग है ब्याज दर

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, रुस्तमपुर शाखा के प्रबंधक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि आरबीआई के निर्देशन में बैंक से एजुकेशन लोन देने का प्रावधान है। उसमें संस्था के हिसाब से इंट्रेस्ट बैंक लेता है। मान लिजिए कोई आईआईटी से बीटेक कर रहा है तो उसे लोन पर कम ब्याज देना होगा।


वहीं, शहर के किसी निजी कॉलेज से बीटेक करता है तो ब्याज दर बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि बजट में घोषणा किए गए उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख लोन के लिए अभी बैंकों के पास कोई गाइडलाइन नहीं आई है। लेकिन प्राथमिक जानकारी के अनुसार यह छात्रों के लाभकारी साबित होगा।
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