{"_id":"6660d51c0f8ae3d5200c46c8","slug":"now-leave-elections-and-focus-on-responsibility-gorakhpur-news-c-7-1-gkp1046-580489-2024-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: अब चुनाव छोड़ जिम्मेदारी की तरफ जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: अब चुनाव छोड़ जिम्मेदारी की तरफ जोर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनावी चकल्लस को छोड़कर अपने कामों में लगे लोग
दुकानों पर चहल-पहल, मोहल्लों और नुक्कड़ों पर सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। लोकसभा 2024 का जनादेश आ चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की तीसरी बार सरकार बनने जा रही है। ऐसे में अब लोगों ने भी एक महीने से ज्यादा लंबे चुनावी ब्रेक के बाद अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में वापसी कर ली है। खासतौर पर मुस्लिम बाहुल इलाकों में दिन में सन्नाटा छाया नजर आया, जबकि बाजारों में चुनाव के बाद अब थोड़ी बहुत चहल-पहल भी नजर आने लगी है। बुधवार को मोहल्लों का हाल जानने के लिए वहां टीम गई तो मुस्लिम इलाकों में दिन में सन्नाटा पसरा नजर आया, वहीं बाजारों में रौनक दिखी। कुछ जगह चुनावी चर्चाएं होती रहीं, लेकिन लाेग कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। पेश है रिपोर्ट...
चुनाव के बाद मुस्लिम मोहल्लों का क्या हाल है, यह जानने के लिए दोपहर करीब 12 बजे के आसपास टीम निकली। सबसे पहले गोरखनाथ और आसपास के इलाकों में पहुंची तो वहां सन्नाटा नजर आया। गोरखनाथ के पीछे रसूलपुर, सिधारीपुर आदि क्षेत्रों में इक्का-दुक्का लोग तो नजर आए, लेकिन चौक-चौराहे और रास्ते सूने दिखे।
पहले चुनाव के दौरान जहां चाय की चुस्की के साथ चुनावी चकल्लस हुआ करती थी, वहां सन्नाटा नजर आया। सिर्फ वही लोग नजर आए तो रास्ते में छांव की तलाश में कहीं रुक जा रहे थे। इसमें कुछ दुकानों पर हलक तर करने के लिए रुक रहे थे तो कुछ चाय की लत को पूरी करने के लिए गाड़ी रोक रहे थे।
विज्ञापन
एक गाड़ी से वहां पानी की बोतल लेने पहुंचे अल्ताफ ने चुनाव के बारे में पूछने पर बताया कि इस चुनाव में जनता ने बदलाव के लिए वोटिंग की थी, लेकिन सभी जगह से सपोर्ट न मिलने से ऐसा नहीं हो सका। फिलहाल, सरकार पूर्ण बहुमत में नहीं है, ऐसे में एनडीए के लिए सरकार चलाना मुश्किल होगा।
इसके बाद टीम रेती और नखास जैसे मुस्लिम बाहुल बाजारों में पहुंची तो यहां पर थोड़ी बहुत चहल-पहल नजर आई। दुकानदारों से चुनावी मुद्दे पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि वह व्यापारी वर्ग हैं। उन्हें रोजी के लिए रोजाना यहीं काम करना है। ऐसे में चुनाव के फेर में फंसकर वह अपना नुकसान नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में अब रौनक होने लगी है। बकरीद करीब है और ऐसे में बाजार में अब रौनक और बढ़ेगी।
नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि चुनाव हुआ, जनता ने अपना फैसला सुना दिया और जिसकी सरकार बननी थी बन गई। अब इसके बारे में चर्चा करके कोई फायदा नहीं है। इसके बाद टीम गाजी रौजा, रहमतनगर और आसपास के इलाकों में पहुंची। यहां भी लोग अपने रोजमर्रा के कामों में लगे नजर आए।
कुछ दुकानदार खाली बैठे थे तो वह चुनाव के नतीजों की बात तो कर रहे थे, लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि, आपस में वह सपा की जीत और यूपी में भाजपा को हुए नुकसान की चर्चा कर रहे थे। इसके साथ ही गोरखपुर और बस्ती मंडल में जीती गई सीटों के साथ ही बांसगांव सीट के बारे में भी चर्चा होती रही।
विज्ञापन
दुकानों पर चहल-पहल, मोहल्लों और नुक्कड़ों पर सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। लोकसभा 2024 का जनादेश आ चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की तीसरी बार सरकार बनने जा रही है। ऐसे में अब लोगों ने भी एक महीने से ज्यादा लंबे चुनावी ब्रेक के बाद अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में वापसी कर ली है। खासतौर पर मुस्लिम बाहुल इलाकों में दिन में सन्नाटा छाया नजर आया, जबकि बाजारों में चुनाव के बाद अब थोड़ी बहुत चहल-पहल भी नजर आने लगी है। बुधवार को मोहल्लों का हाल जानने के लिए वहां टीम गई तो मुस्लिम इलाकों में दिन में सन्नाटा पसरा नजर आया, वहीं बाजारों में रौनक दिखी। कुछ जगह चुनावी चर्चाएं होती रहीं, लेकिन लाेग कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। पेश है रिपोर्ट...
चुनाव के बाद मुस्लिम मोहल्लों का क्या हाल है, यह जानने के लिए दोपहर करीब 12 बजे के आसपास टीम निकली। सबसे पहले गोरखनाथ और आसपास के इलाकों में पहुंची तो वहां सन्नाटा नजर आया। गोरखनाथ के पीछे रसूलपुर, सिधारीपुर आदि क्षेत्रों में इक्का-दुक्का लोग तो नजर आए, लेकिन चौक-चौराहे और रास्ते सूने दिखे।
विज्ञापन
पहले चुनाव के दौरान जहां चाय की चुस्की के साथ चुनावी चकल्लस हुआ करती थी, वहां सन्नाटा नजर आया। सिर्फ वही लोग नजर आए तो रास्ते में छांव की तलाश में कहीं रुक जा रहे थे। इसमें कुछ दुकानों पर हलक तर करने के लिए रुक रहे थे तो कुछ चाय की लत को पूरी करने के लिए गाड़ी रोक रहे थे।
विज्ञापन
एक गाड़ी से वहां पानी की बोतल लेने पहुंचे अल्ताफ ने चुनाव के बारे में पूछने पर बताया कि इस चुनाव में जनता ने बदलाव के लिए वोटिंग की थी, लेकिन सभी जगह से सपोर्ट न मिलने से ऐसा नहीं हो सका। फिलहाल, सरकार पूर्ण बहुमत में नहीं है, ऐसे में एनडीए के लिए सरकार चलाना मुश्किल होगा।
इसके बाद टीम रेती और नखास जैसे मुस्लिम बाहुल बाजारों में पहुंची तो यहां पर थोड़ी बहुत चहल-पहल नजर आई। दुकानदारों से चुनावी मुद्दे पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि वह व्यापारी वर्ग हैं। उन्हें रोजी के लिए रोजाना यहीं काम करना है। ऐसे में चुनाव के फेर में फंसकर वह अपना नुकसान नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में अब रौनक होने लगी है। बकरीद करीब है और ऐसे में बाजार में अब रौनक और बढ़ेगी।
नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि चुनाव हुआ, जनता ने अपना फैसला सुना दिया और जिसकी सरकार बननी थी बन गई। अब इसके बारे में चर्चा करके कोई फायदा नहीं है। इसके बाद टीम गाजी रौजा, रहमतनगर और आसपास के इलाकों में पहुंची। यहां भी लोग अपने रोजमर्रा के कामों में लगे नजर आए।
कुछ दुकानदार खाली बैठे थे तो वह चुनाव के नतीजों की बात तो कर रहे थे, लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि, आपस में वह सपा की जीत और यूपी में भाजपा को हुए नुकसान की चर्चा कर रहे थे। इसके साथ ही गोरखपुर और बस्ती मंडल में जीती गई सीटों के साथ ही बांसगांव सीट के बारे में भी चर्चा होती रही।