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गोरखपुर के स्पोर्ट्स कॉलेज में बदला नियम, अब यहां छात्राओं को ही मिलेगा दाखिला
Sat, 21 Nov 2020 02:30 PM IST
vivek shukla
विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 21 Nov 2020 02:30 PM IST
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वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला।
वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज (वीबीएस) गोरखपुर में अगले सत्र से केवल छात्राओं का ही दाखिला होगा। छात्रों का प्रवेश केवल लखनऊ और सैफई के स्पोर्ट्स कॉलेज में होगा। अभी वीबीएस स्पोर्ट्स कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों को भी लखनऊ और सैफई भेजा जाएगा। इसी तरह सूबे के अन्य स्पोर्ट्स कॉलेज की छात्राएं गोरखपुर आएंगी। वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में फिलहाल 310 विद्यार्थी हैं, जिनमें 190 छात्र और 120 छात्राएं हैं।
स्पोर्ट्स कॉलेजेज सोसायटी के मैनेजमेंट बोर्ड की अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव खेल कल्पना अवस्थी की अध्यक्षता में पिछले दिनों लखनऊ में हुई बैठक में इस निर्णय पर मुहर लग चुकी है। सूबे में गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह, लखनऊ के गुरु गोविंद सिंह और सैफई के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज में हर साल विद्यार्थियों का चयन कक्षा छह में प्रवेश ट्रायल के माध्यम से होता है।
इन विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल का प्रशिक्षण दिया जाता है। बच्चे के रहने, खाने और किट का खर्च सरकार वहन करती है। नई व्यवस्था के तहत स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा छह से आठ और कक्षा नौ से बारह तक के खिलाड़ी भी अलग-अलग रखे जाएंगे।
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स्पोर्ट्स कॉलेजेज सोसायटी के मैनेजमेंट बोर्ड की अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव खेल कल्पना अवस्थी की अध्यक्षता में पिछले दिनों लखनऊ में हुई बैठक में इस निर्णय पर मुहर लग चुकी है। सूबे में गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह, लखनऊ के गुरु गोविंद सिंह और सैफई के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज में हर साल विद्यार्थियों का चयन कक्षा छह में प्रवेश ट्रायल के माध्यम से होता है।
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इन विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल का प्रशिक्षण दिया जाता है। बच्चे के रहने, खाने और किट का खर्च सरकार वहन करती है। नई व्यवस्था के तहत स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा छह से आठ और कक्षा नौ से बारह तक के खिलाड़ी भी अलग-अलग रखे जाएंगे।
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लखनऊ से होगी निगरानी, बायोमीट्रिक होगी हाजिरी
स्पोटर्स कॉलेजों में कई नई व्यवस्थाएं लागू करने की तैयारी चल रही है। इनमें बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था, कॉलेज के सीसीटीवी का कंट्रोल रूम लखनऊ में बनाने, कॉलेजों को पांच साल की आडिट रिपोर्ट देने, खिलाड़ियों की खुराक तैयार करने के लिए डायटीशियन की मदद लेने, मेस के हर कर्मचारी का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किए जाने, सत्र के बीच में मेस की दरों में बढ़ोतरी नहीं किए जाने की व्यवस्था शामिल है।
गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य एके पांडेय ने बताया कि अगले सत्र से गोरखपुर के स्पोर्ट्स कॉलेज को छात्राओं के लिए आरक्षित करने की कवायद शासन स्तर पर चल रही है। प्रदेश के अन्य दोनों स्पोर्ट्स कॉलेज में छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। हालांकि अभी तक इसका लिखित आदेश नहीं आया है।
गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य एके पांडेय ने बताया कि अगले सत्र से गोरखपुर के स्पोर्ट्स कॉलेज को छात्राओं के लिए आरक्षित करने की कवायद शासन स्तर पर चल रही है। प्रदेश के अन्य दोनों स्पोर्ट्स कॉलेज में छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। हालांकि अभी तक इसका लिखित आदेश नहीं आया है।