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शिकंजा: अब गैंगस्टर लगते ही जब्त हो जाएगी अपराधियों की संपत्ति, इस नियम में किया गया बड़ा बदलाव

Wed, 05 Jan 2022 12:59 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 05 Jan 2022 12:59 PM IST
सार

गैंगस्टर नियमावली-2021 में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। जिसकी जानकारी सभी थानाध्यक्षों को दी गई है। एक गंभीर धारा में मुकदमे पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। हालांकि पहले एक से अधिक केस होना जरूरी था।

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Now criminals property will be confiscated soon as gangsters installed in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : iStock

विस्तार

अब गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई होते ही अपराधी की संपत्ति जब्त हो सकेगी। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए शासन ने प्रदेश में पहली बार लागू हुई गैंगस्टर नियमावली-2021 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

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पहले जब्तीकरण की कार्रवाई वैकल्पिक थी। नई नियमावली 27 दिसंबर 2021 से प्रदेश में लागू हो चुकी है। गत सोमवार रात सभी थानाध्यक्षों को नियमावली में हुए, बदलाव की जानकारी दे दी गई है। डीएम विजय किरन आनंद का कहना है कि इससे अपराधियों में भय का माहौल बनेगा।
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नई नियमावली के प्रावधानों के मुताबिक संपत्ति जब्त करने की रिपोर्ट आने पर डीएम खुद संपत्तियों की जांच कर सकते हैं या किसी विधि अधिकारी से जांच करा सकते हैं। गैंगरेप, हत्या, डकैती, हत्या कर लूट जैसे अपराधों में से किसी एक भी अपराध में मुकदमा दर्ज होते ही तत्काल संबंधित अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। पुरानी व्यवस्था में कितनी भी गंभीर धारा हो, गैंगस्टर की कार्रवाई करने के लिए एक से अधिक केस का होना अनिवार्य था। यही नहीं डीएम की अनुमति से इन अपराधों में शामिल नाबालिग पर भी गैंगेस्टर की कार्रवाई हो सकेगी।
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गैंग चार्ट में नाम नहीं, फिर भी विवेचना में जोड़ा जा सकेगा नाम

नियमावली के अनुसार यदि गैंग चार्ट में नाम नहीं है और विवेचना के दौरान यह बात सामने आती है कि किसी  की संबंधित अपराध में संलिप्तता रही है या अपराधी का किसी रूप में सहयोग किया है तो डीएम की अनुमति से उसका नाम भी गैंगस्टर में जोड़कर चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। विवेचना की समीक्षा हर तीन महीने पर डीएम करेंगे। हर छह महीने पर कमिश्नर एवं एक साल पर अपर मुख्य सचिव गृह इसकी समीक्षा करेंगे।

गलत कार्रवाई पर नाम हट जाएगा

यदि किसी पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई गलती से कर दी गई है तो विवेचना के दौरान डीएम उसे वापस ले सकेंगे। यदि आरोपपत्र दाखिल हो चुका है तो राज्य सरकार से संस्तुति की जाएगी। गैंग चार्ट में जिस विषयवस्तु का उल्लेख किया जाएगा, उसके सही होने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी की होगी।


 
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि गैंगस्टर से संबंधित नई नियमावली लागू हो गई है। स्थानीय स्तर पर पुलिस को भी बदले हुए प्रावधानों की जानकारी दे दी गई है। अब  अपराधियों में भय व्याप्त होगा। वे गंभीर अपराध करने से घबराएंगे।

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