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UP: आप DDU में बीए के विद्यार्थी हैं तो ये खबर आपके लिए...जानिए नए परिवर्तन से आपकी कक्षाओं पर क्या पड़ेगा असर
Sat, 19 Jul 2025 01:45 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sat, 19 Jul 2025 01:45 PM IST
सार
डीडीयू में दीक्षा भवन बनने के बाद से ही छात्राओं के लिए बीए की कक्षाएं दीक्षा भवन में, जबकि छात्रों की कक्षाएं कला संकाय भवन में संचालित होती थीं। वर्ष 2021-22 सत्र में दीक्षा भवन में बीएससी कृषि संकाय खुलने के बाद छात्राओं की कक्षाएं भी कला संकाय भवन में संचालित होने लगीं।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय( सांकेतिक)
- फोटो : डीडीयू सोशल मीडिया पेज
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कई दशकों बाद बीए की कक्षाएं सह शिक्षा मोड में संचालित होंगी। इसके तहत छात्र और छात्राएं अब एक साथ एक कक्ष में पढ़ाई करेंगे। बीए की समय सारिणी में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब बीए की कक्षाएं सुबह 9 की बजाए 10 बजे से संचालित होंगी। वर्तमान सत्र से बीए की पढ़ाई को लेकर कई अन्य अहम बदलाव भी किए गए हैं।
डीडीयू में दीक्षा भवन बनने के बाद से ही छात्राओं के लिए बीए की कक्षाएं दीक्षा भवन में, जबकि छात्रों की कक्षाएं कला संकाय भवन में संचालित होती थीं। वर्ष 2021-22 सत्र में दीक्षा भवन में बीएससी कृषि संकाय खुलने के बाद छात्राओं की कक्षाएं भी कला संकाय भवन में संचालित होने लगीं।
छात्रों की संख्या में भी 10 प्रतिशत की गई थी। यहां विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी तो बीए तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों की पढ़ाई सह शिक्षा में होने लगी लेकिन बीए प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं की कक्षाएं अभी भी अलग-अलग ही संचालित होती थीं।
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बीए की कक्षाओं की समय सारिणी में भी बड़ा बदलाव किया गया है। बीए की कक्षाएं अब तक सुबह 9 से अपराह्न 3 बजे तक संचालित होती थीं। सर्दी के दिनों में दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थी प्राय: इसमें नहीं पहुंच पाते थे। इसे देखते हुए अब कक्षाओं का संचालन पूर्वाह्न 10 से अपराह्न 4 बजे तक किए जाने का निर्णय लिया गया है।
डीन प्रो. राजवंत राव ने गठित की थी समिति
अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजवंत राव ने 17 जुलाई को समिति गठित की थी। हिंदी विभाग के प्रो. विमलेश मिश्र को संयोजक बनाया गया है। इतिहास के प्रो. मनोज तिवारी, हिंदी के प्रत्युष दुबे, समाजशास्त्र के डॉ दीपेन्द्र मोहन सिंह व इतिहास विभाग के डॉ आशीष कुमार सिंह सदस्य बनाए गए हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
हर विद्यार्थी को आवंटित होंगी कक्षाएं
समिति ने तय किया है कि हर विद्यार्थी को विभागाध्यक्ष द्वारा निर्धारित क्लास अलॉट किया जाएगा। अलॉट करते समय छात्रों के पास समय परिवर्तन कराने का मौका होगा। एक क्लास में पीजी की तरह ही अधिकतम 150 छात्रों को पंजीकृत किया जाएगा। कला संकाय भवन के हर फ्लोर पर फ्लोर प्लान भी बनेगा।
बीए के विषयों के छह ग्रुप बनने के बाद हुआ आसान
बीए के विषयों को अब छह ग्रुप में विभाजीत कर दिया गया है। इससे समय सारिणी में बदलाव करना भी आसान हो गया। कक्षाएं उसी हिसाब से संचालित की जाएंगी, जिससे किसी छात्र को असुविधा न हो।
बीए की कक्षाएं अब सह शिक्षा मोड में संचालित होंगी। छात्र हित में समय सारिणी में भी बदलाव किया जा रहा है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा: प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू
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डीडीयू में दीक्षा भवन बनने के बाद से ही छात्राओं के लिए बीए की कक्षाएं दीक्षा भवन में, जबकि छात्रों की कक्षाएं कला संकाय भवन में संचालित होती थीं। वर्ष 2021-22 सत्र में दीक्षा भवन में बीएससी कृषि संकाय खुलने के बाद छात्राओं की कक्षाएं भी कला संकाय भवन में संचालित होने लगीं।
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छात्रों की संख्या में भी 10 प्रतिशत की गई थी। यहां विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी तो बीए तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों की पढ़ाई सह शिक्षा में होने लगी लेकिन बीए प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं की कक्षाएं अभी भी अलग-अलग ही संचालित होती थीं।
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बीए की कक्षाओं की समय सारिणी में भी बड़ा बदलाव किया गया है। बीए की कक्षाएं अब तक सुबह 9 से अपराह्न 3 बजे तक संचालित होती थीं। सर्दी के दिनों में दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थी प्राय: इसमें नहीं पहुंच पाते थे। इसे देखते हुए अब कक्षाओं का संचालन पूर्वाह्न 10 से अपराह्न 4 बजे तक किए जाने का निर्णय लिया गया है।
डीन प्रो. राजवंत राव ने गठित की थी समिति
अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजवंत राव ने 17 जुलाई को समिति गठित की थी। हिंदी विभाग के प्रो. विमलेश मिश्र को संयोजक बनाया गया है। इतिहास के प्रो. मनोज तिवारी, हिंदी के प्रत्युष दुबे, समाजशास्त्र के डॉ दीपेन्द्र मोहन सिंह व इतिहास विभाग के डॉ आशीष कुमार सिंह सदस्य बनाए गए हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
हर विद्यार्थी को आवंटित होंगी कक्षाएं
समिति ने तय किया है कि हर विद्यार्थी को विभागाध्यक्ष द्वारा निर्धारित क्लास अलॉट किया जाएगा। अलॉट करते समय छात्रों के पास समय परिवर्तन कराने का मौका होगा। एक क्लास में पीजी की तरह ही अधिकतम 150 छात्रों को पंजीकृत किया जाएगा। कला संकाय भवन के हर फ्लोर पर फ्लोर प्लान भी बनेगा।
बीए के विषयों के छह ग्रुप बनने के बाद हुआ आसान
बीए के विषयों को अब छह ग्रुप में विभाजीत कर दिया गया है। इससे समय सारिणी में बदलाव करना भी आसान हो गया। कक्षाएं उसी हिसाब से संचालित की जाएंगी, जिससे किसी छात्र को असुविधा न हो।
बीए की कक्षाएं अब सह शिक्षा मोड में संचालित होंगी। छात्र हित में समय सारिणी में भी बदलाव किया जा रहा है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा: प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू