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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Now buying and selling of patients from ambulances of Bihar is going on in Gorakhpur.

'बेबसी' बेचने का धंधा: मरीज माफियाओं ने बदला ठिकाना,बिहार के एंबुलेंस में अब बिक रहे- खरीद रहे धंधेबाज अस्पताल

Tue, 22 Oct 2024 01:00 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Tue, 22 Oct 2024 01:00 PM IST
सार

एक एंबुलेंस चालक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि बिहार से प्रतिदिन 50 से अधिक एंबुलेंस और निजी छोटी बड़ी गाड़ियां मरीज लेकर आ रही हैं। बिहार से गोरखपुर मरीज लेकर आने वाले एंबुलेंस कर्मी पहले ही शहर में कॉल कर रेट तय कर लेते हैं। इसके बाद मरीज माफिया के बताने पर वे उस अस्पताल में मरीज को पहुंचा देते हैं।

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Now buying and selling of patients from ambulances of Bihar is going on in Gorakhpur.
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी ट्रामा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सख्ती बढ़ने पर मरीज माफिया ने काम करने का तरीका और ठिकाना दोनों ही बदल दिया है। परिसर के अंदर अलग-अलग विभाग में तैनात संविदा कर्मचारियों और गार्ड की मदद से धंधेबाज मरीजों को निजी अस्पताल में बेच रहे हैं। धंधे में लिप्त मरीज माफिया के चेहरे बेनकाब न हो इसलिए वे अब बेतियाहाता और तारामंडल में अपना नया ठिकाना बना लिए हैं।

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यहां बैठकर पूरे शहर में धंधा चमका रहे हैं। एक एंबुलेंस चालक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि बिहार से प्रतिदिन 50 से अधिक एंबुलेंस और निजी छोटी बड़ी गाड़ियां मरीज लेकर आ रही हैं। बिहार से गोरखपुर मरीज लेकर आने वाले एंबुलेंस कर्मी पहले ही शहर में कॉल कर रेट तय कर लेते हैं।
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इसके बाद मरीज माफिया के बताने पर वे उस अस्पताल में मरीज को पहुंचा देते हैं। इसके बाद उन्हें तय रकम दे दी जाती है। गोरखपुर के कई अस्पतालों ने बिहार राज्य में अपनी एंबुलेंस भी लगाई है। मेडिकल कॉलेज रोड पर स्थित एक निजी हॉस्पिटल ने तो 10 एंबुलेंस बिहार राज्य के कई जिलों में लगा दी है।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में दो गेट से गाड़ियां प्रवेश करती हैं। दोनों ही रास्ते पर सीसीटीवी कैमरा भी लगवा दिए गए है। वहीं एक पीछे से भी रास्ता है, जिधर से केवल दो पहिया वाहन ही आ जा सकते हैं। परिसर में खाली एंबुलेंस लेकर प्रवेश पर रोक है। ऐसे में मरीज माफिया विभागों में तैनात कर्मियों की सूचना पर एंबुलेंस से लगाए निजी गाड़ियां भी भेजते हैं। इससे मरीजों को मनचाहे अस्पताल में पहुंचाया जाता है।

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