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एमएमएमयूटी: अब एनसीसी की भी पढ़ाई करेंगे बीटेक के छात्र, इसी वर्ष से लागू होगी व्यवस्था

Tue, 08 Jun 2021 02:54 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 08 Jun 2021 02:54 PM IST
सार

बीटेक द्वितीय वर्ष में वैकल्पिक विषय के रूप में एनसीसी पढ़ सकेंगे विद्यार्थी, पाठ्यक्रम में एनसीसी शामिल, इसी वर्ष से लागू होगी व्यवस्था।

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Now BTech students will also study NCC in MMMUT Gorakhpur
MMMUT - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में इसी वर्ष से अब एनसीसी की भी पढ़ाई होगी। अभी तक विद्यार्थियों को सिर्फ ट्रेनिंग दी जाती थी। लेकिन अब विश्वविद्यालय ने एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में पाठ्यक्रम का हिस्सा बना लिया है।

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वर्तमान नियम के मुताबिक बीटेक पाठ्यक्रम के दूसरे वर्ष में विद्यार्थियों को इंडस्ट्रियल साइकोलॉजी और इंडस्ट्रियल सोशियोलॉजी को विषय के तौर पर पढ़ाया जाता है। इन दोनों ही विषयों को पढ़ना अनिवार्य है। नई व्यवस्था के तहत इन दोनों विषयों को पढ़ने की अनिवार्यता नहीं रहेगी।
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उन्हें एनसीसी के तौर पर एक तीसरे विषय का विकल्प भी मिलेगा। नए सत्र से विद्यार्थियों इंडस्ट्रियल साइकोलॉजी, इंडस्ट्रियल सोशियोलॉजी और एनसीसी में से किसी दो विषय को चुनना होगा। इन दोनों ही विषयों को द्वितीय वर्ष के दोनों सेमेस्टर के बीच पास करना होगा। पिछले दिनों एनसीसी के कर्नल कमांडेंट बनने के बाद कुलपति ने एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने की घोषणा की थी। इसका प्रारूप अब तैयार कर लिया गया है।
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वैकल्पिक विषय के लिए मिलेंगे तीन क्रेडिट अंक

विश्वविद्यालय ने दोनों वैकल्पिक विषयों के लिए क्रेडिट अंक का निर्धारण भी किया है। प्रत्येक विषय के लिए विद्यार्थियों को तीन-तीन क्रेडिट अंक मिलेंगे। यदि विद्यार्थी एनएससी को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनता है तो उसमें मिले क्रेडिट अंक उसकी मार्कशीट में दर्ज किए जाएंगे।

एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि पूरा विश्वास है कि एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में अधिक से अधिक छात्र स्वीकार करेंगे। इससे विश्वविद्यालय का अनुशासन और बेहतर होगा, साथ ही परिसर की कार्यप्रणाली में भी गुणात्मक सुधार आएगा। अगले सत्र से ही यह नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

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