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जिंदा होंगे गोरखपुर शहर के ताल- पोखरे, अब यहां भी चलेगा प्रशासन का बुलडोजर
Fri, 16 Oct 2020 04:55 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 16 Oct 2020 04:55 PM IST
सार
- 3.42 एकड़ है पोखरे का रकबा, पैमाइश में डेढ़ एकड़ जमीन कब्जे में मिली
- 12 लोगों को नोटिस, कब्जा हटाने के लिए तीन दिन की दी गई मोहलत
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ताल सुमेर सागर के बाद अब खरैया पोखरे की जमीन से भी अवैध कब्जा हटाने की तैयारी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
जिला प्रशासन की सख्ती बरकरार रही तो जल्द ही गोरखपुर भी झीलों के शहर भोपाल की तरह नजर आएगा। प्रशासन ने शहर के सभी ताल-पोखरे की जमीन कब्जामुक्त कराकर उसे पुराने स्वरूप में लाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में ताल सुमेर सागर के साथ ही अब जिला प्रशासन ने बशारतपुर स्थित खरैया पोखरे की जमीन से भी अवैध कब्जा हटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
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ताल की पैमाइश के बाद मौके पर जिनका कब्जा पाया गया है, उन्हें नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर कब्जा हटाने की मोहलत दी गई है। इसके बाद संबंधित अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चलेगा। जिला प्रशासन के मुताबिक तीन एकड़ 42 डिसमिल क्षेत्रफल में फैले खरैया पोखरे की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल के नेतृत्व में लेखपालों की टीम ने दो दिन तक पैमाइश की।
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इस दौरान ताल की करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। इनमें कुछ ने पक्के निर्माण करा लिए हैं तो कुछ ने ताल की जमीन में बढ़कर निर्माण करा लिया है। कई अस्थायी निर्माण भी हैं। सदर तहसील प्रशासन ने स्थायी निर्माण करा लेने वाले 12 लोगों को नोटिस भेजकर तीन दिन के भीतर खुद ही कब्जा हटाने की चेतावनी दी है।
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अतिक्रमण हटाने के बाद होगा ताल का सुंदरीकरण
उधर, प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों में हड़कंप है। प्रभावित लोगों ने अपने कागजात दुरुस्त करने के साथ ही सदर तहसील और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाने भी शुरू कर दिए हैं। विरोध के बाद भी ताल सुमेर सागर में कार्रवाई हो जाने के बाद हर कोई डरा हुआ है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल का कहना है कि ताल पर से अतिक्रमण हटाने के बाद उसकी सफाई कराई जाएगी और इसका सुंदरीकरण कराया जाएगा। पोखरे को अपने पुराने स्वरूप में विकसित किया जाएगा। किनारे-किनारे पौधरोपण और लोगों के बैठने के लिए बेंच लगाए जाएंगे।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि खरैया पोखरा की बुधवार और बृहस्पतिवार को पैमाइश कराई गई। इस दौरान ताल की करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर कब्जा पाया गया है। कुछ लोगों ने पक्के निर्माण भी करा लिए हैं। कब्जा हटाने के लिए 12 लोगों को नोटिस देकर तीन दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल का कहना है कि ताल पर से अतिक्रमण हटाने के बाद उसकी सफाई कराई जाएगी और इसका सुंदरीकरण कराया जाएगा। पोखरे को अपने पुराने स्वरूप में विकसित किया जाएगा। किनारे-किनारे पौधरोपण और लोगों के बैठने के लिए बेंच लगाए जाएंगे।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि खरैया पोखरा की बुधवार और बृहस्पतिवार को पैमाइश कराई गई। इस दौरान ताल की करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर कब्जा पाया गया है। कुछ लोगों ने पक्के निर्माण भी करा लिए हैं। कब्जा हटाने के लिए 12 लोगों को नोटिस देकर तीन दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।