सड़क दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण बनकर उभरे हैं ये वाहन, इस दस्तावेज के बिना सड़कों पर भर रहे फर्राटा
गोरखपुर जिले में लगभग 19 हजार व्यावसायिक वाहन बिना उपयुक्तता प्रमाण पत्र (फिटनेस सर्टिफिकेट) के सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। यह सड़क दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण बनकर उभरे हैं। आरटीओ ने व्यावसायिक और प्राइवेट वाहनों के मालिकों को नोटिस देकर 30 सितंबर तक वाहनों के सड़क पर चलने के लिए उपयुक्तता की जांच करा लेने की समय सीमा तय कर दी है।
इस दशा में यदि वाहन से कोई दुर्घटना होती है तो खुद वाहन मालिक इसके जिम्मेदार होंगे। कोरोना काल में बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस खत्म हो चुके हैं। अनलॉक होने के बाद भी ऐसे लोगों ने वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब भी सड़कों पर खटारा वाहन दौड़ाए जा रहे हैं, जो लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं।
यह है अनफिट वाहनों की संख्या
वाहन संख्या
बस 461
स्कूल बस 380
ट्रक व मिनी ट्रक 8000
मैक्सी कैब 368
जीप टैक्सी 2012
ऑटो रिक्शा 5000
सात सीट वाली प्राइवेट मोटर कार 3012
एआरटीओ प्रशासन श्याम लाल ने बताया कि शहर में संचालित हो रहे 19 हजार सड़क पर चलने में अयोग्य व्यावसायिक वाहनों को नोटिस भेजा गया है। उन्हें फिटनेस कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो इसके जिम्मेदार वह खुद होंगे।