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Gorakhpur News: गर्मी में नाक से निकल रहा खून, रहें सतर्क
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- तापमान बढ़ने का असर, बढ़ रहे मरीज, हर उम्र के लोगों को रही दिक्कत
देवरिया। गर्मी बढ़ने का सेहत पर असर पड़ रहा है। तापमान बढ़ने के साथ ही लोग एपिस्टेक्सिस (नकसीर) से पीड़ित हो रहे हैं। नाक में सूखापन, डी इाईड्रेशन की वजह से इस तरह की दिक्कत आ रही है। खून के मरीज को भी परेशानी हो सकती है। मेडिकल कॉलेज में इस तरह की समस्या लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें हर उम्र के लोगों हाेते हैं, जबकि बच्चे अधिक चपेट में आ रहे हैं। रोजाना करीब तीस से चालीस मरीज आ रहे हैं। इसमें दो से तीन मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर इलाज के साथ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। बीपी के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम बदला है। पारा बढ़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। एपिस्टेक्सिस से लोग पीड़ित हो रहे हैं। तापमान बढ़ने पर नाक में नमी न होने से शुष्क हो जाती है। नाक में बार-बार अंगुली डालने और गर्मी के कारण नसें फट जाती हैं, जिससे ब्लड आने लगता है। तापमान बढ़ने से उच्च रक्तचाप वाले मरीजों में यह परेशानी देखने को मिलती है। बच्चे सहित हर उम्र के लोग पीड़ित हाेते हैं।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ी है। ईएनटी विभाग की ओपीडी में करीब 150 सौ से अधिक मरीज आते हैं, जिसमें इन दिनों हर रोज करीब 30 से 40 मरीज एपिस्टेक्सिस से पीड़ित पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या पंद्रह से बीस होती है। इसमें पांच से बारह वर्ष के होते हैं। गंभीर दो से तीन मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ संख्या बढ़ भी सकती है। डॉक्टर दवा देने के साथ सावधानी बरतने को कह रहे हैं।
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बरते सावधानी
- धूप में कपड़े का मॉस्क लगाएं।
- नाक में वैसलीन क्रीम लगाएं।
- बच्चे और बड़े नाखून काट कर रखें।
- बच्चों को नाक में बार-बार अंगुली न डालने दें।
- ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
- मौसमी फल खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूज, नाशपाती को सेवन करें।
नाक में खून की आपूर्ति ज्यादा होती है। म्यूकोसा पतली होती है। गर्मी बढ़ने पर नाक में सूखापन आ जाता है। नाक के पर्दे के अगले हिस्से में लिटिल एरिया होता है, जहां खून की चार-चार नसें होती हैं। इनमें नस के फट जाने से नाक से तेजी से खून आने लगता है। नाक में पपड़ी जम जाती है। बच्चों के बार-बार नाक में अंगुली डालने से नाखून से हल्की चोट के कारण खून आता है।
- डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता, ईएनटी विभाग, मेडिकल कॉलेज
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देवरिया। गर्मी बढ़ने का सेहत पर असर पड़ रहा है। तापमान बढ़ने के साथ ही लोग एपिस्टेक्सिस (नकसीर) से पीड़ित हो रहे हैं। नाक में सूखापन, डी इाईड्रेशन की वजह से इस तरह की दिक्कत आ रही है। खून के मरीज को भी परेशानी हो सकती है। मेडिकल कॉलेज में इस तरह की समस्या लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें हर उम्र के लोगों हाेते हैं, जबकि बच्चे अधिक चपेट में आ रहे हैं। रोजाना करीब तीस से चालीस मरीज आ रहे हैं। इसमें दो से तीन मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर इलाज के साथ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। बीपी के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम बदला है। पारा बढ़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। एपिस्टेक्सिस से लोग पीड़ित हो रहे हैं। तापमान बढ़ने पर नाक में नमी न होने से शुष्क हो जाती है। नाक में बार-बार अंगुली डालने और गर्मी के कारण नसें फट जाती हैं, जिससे ब्लड आने लगता है। तापमान बढ़ने से उच्च रक्तचाप वाले मरीजों में यह परेशानी देखने को मिलती है। बच्चे सहित हर उम्र के लोग पीड़ित हाेते हैं।
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मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ी है। ईएनटी विभाग की ओपीडी में करीब 150 सौ से अधिक मरीज आते हैं, जिसमें इन दिनों हर रोज करीब 30 से 40 मरीज एपिस्टेक्सिस से पीड़ित पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या पंद्रह से बीस होती है। इसमें पांच से बारह वर्ष के होते हैं। गंभीर दो से तीन मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ संख्या बढ़ भी सकती है। डॉक्टर दवा देने के साथ सावधानी बरतने को कह रहे हैं।
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बरते सावधानी
- धूप में कपड़े का मॉस्क लगाएं।
- नाक में वैसलीन क्रीम लगाएं।
- बच्चे और बड़े नाखून काट कर रखें।
- बच्चों को नाक में बार-बार अंगुली न डालने दें।
- ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
- मौसमी फल खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूज, नाशपाती को सेवन करें।
नाक में खून की आपूर्ति ज्यादा होती है। म्यूकोसा पतली होती है। गर्मी बढ़ने पर नाक में सूखापन आ जाता है। नाक के पर्दे के अगले हिस्से में लिटिल एरिया होता है, जहां खून की चार-चार नसें होती हैं। इनमें नस के फट जाने से नाक से तेजी से खून आने लगता है। नाक में पपड़ी जम जाती है। बच्चों के बार-बार नाक में अंगुली डालने से नाखून से हल्की चोट के कारण खून आता है।
- डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता, ईएनटी विभाग, मेडिकल कॉलेज