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सिद्धार्थनगर में बोले सीएम योगी: 'स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में नहीं होगी किसी की मौत'
Mon, 25 Oct 2021 04:42 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 25 Oct 2021 04:42 PM IST
सार
जनसभा में सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेज का उन मासूमों के लिए प्रति सच्ची श्रद्घांजलि होगी जिन्होंने इलाज के अभाव में अपनी जान गवां दी थी, जबकि लोगों को भी संतुष्टि होगी कि स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में मासूमों की मौत नहीं होगी।
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सिद्धार्थनगर में सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन अवसर पर सोमवार को जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के पहले ही नहीं बल्कि आजादी के बाद भी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था। पूर्वी उत्तर के मासूम और नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में असमय दम तोड़ देते थे। अब स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में मासूमों की मौत नहीं होगी।
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जनसभा में सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेज का उन मासूमों के लिए प्रति सच्ची श्रद्घांजलि होगी जिन्होंने इलाज के अभाव में अपनी जान गवां दी थी, जबकि लोगों को भी संतुष्टि होगी कि स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में मासूमों की मौत नहीं होगी। सीएम ने कहा कि मुझे याद है कि कैसे इंसफेलाइटिस से मौतें होती थी, दिमागी बुखार से बच्चे की मौत हो जाती थी। सिद्धार्थनगर भी इस बीमारी से प्रभावित रहा है।
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सभी जिलों में इंसेफेलाइटिस इलाज के सेंटर, पीडियाट्रिक आईसीयू की सुविधा और स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत हर घर में शौचालय, शुद्घ पेयजल आपूर्ति के माध्यम इंसेफेलाइटिस 95 प्रतिशत नियंत्रण होगा। उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में भर्ती हो रही है। हमारे युवा चिकित्सक बनकर समाज में योग्य सेवाएं देंगे। सरकार ने कोरोना काल में नि:शुल्क उपचार, वैक्सीन और रोजगार दिया। प्रधानमंत्री अन्न योजना के अंतर्गत पर्याप्त राशन भी दिया।
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मंच पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी, सांसद जगदंबिका पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, राज्य सभा सदस्य बृजलाल, शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह एवं चौधरी अमर सिंह उपस्थित थे।
30 मेडिकल कॉलेज खुलेंगे
सीएम योगी ने कहा कि 1947 के पहले उप्र में 3-4 मेडिकल कॉलेज थे, उस समय उत्तराखंड भी उप्र का हिस्सा था। आजादी से वर्ष 213 तक प्रदेश में 12 मेडिकल कॉलेज थे जबकि, वर्ष 2019 से अब तक प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज बनाने का कार्य तेजी से कार्य हो रहा है। सात मेडिकल कॉलेज में प्रवेश शुरू हो चुका है। एनएमसी से मान्यता प्राप्त होने के बाद आज नौ मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन हो रहा है, जबकि 14 मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दुनिया के सामने न केवल एक भारत श्रेष्ठ भारत बल्कि स्वस्थ्य भारत, समर्थ भारत के रूप में प्रस्तुत किया है। एक नहीं बल्कि दो स्वदेशी वैक्सीन देकर 100 करोड़ लोगों को मुफ्त वैक्सीन देकर कोरोना का सुरक्ष कवच दिया गया है।कोरोना महामारी के दौर में प्रधानमंत्री ने भारत के जीवन और जीविका को आदर्श स्थिति में रखते हुए सुरक्षा देने का कार्य किया है।
850 लोगों पर हो गए एक डॉक्टर: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडलिया।
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि प्रदेश में एक साथ नौ मेडिकल कॉलेज की शुरूआत चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सर्वोत्तम सुविधाएं प्राप्त होने के साथ इससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एक हजार की आबादी पर एक डॉक्टर होने चाहिए, जबकि देश में एमबीबीएस और आयुष के डॉक्टरों के आकड़े के अनुसार देखिए तो 850 लोगों पर एक डॉक्टर हो गए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंसान के कर्म उसे ही नहीं उसके आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करते थे। मेडिकल कॉलेज सेवा का माध्यम बनेगा और आने वाली पीढ़ियां इससे लाभान्वित होंगी। देश का स्वास्थ्य बजट पहले 33 हजार करोड़ था, सात साल में इसमें आठ गुना वृद्घि हुई हैं। सरकार इसे सवा दो लाख करोड़ करने जा रही है।
पिछले साल सालों में देश में मेडिकल यूजी की सीटों में 32 हजार बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि पहले ये सीटें मात्र 51 हजार थीं। पीजी की सीटें 31 हजार से बढ़कर 55 हजार हो गई हैं। उप्र में वर्ष 2013-14 में 30 मेडिकल कॉलेज थे, इसकी संख्या दोगुनी हो गई है, अब 66 मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। प्रदेश में यूजी सीटों की संख्या दो गुनी हो गई है, जबकि पीजी सीटों में 18 गुना वृद्धि हुई है। देश में वर्ष 2013-14 में पीजी सीट 148 थी, अब ये संख्या 2800 हो गई हैं। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्म निर्भरता की नई कहानी लिख रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंसान के कर्म उसे ही नहीं उसके आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करते थे। मेडिकल कॉलेज सेवा का माध्यम बनेगा और आने वाली पीढ़ियां इससे लाभान्वित होंगी। देश का स्वास्थ्य बजट पहले 33 हजार करोड़ था, सात साल में इसमें आठ गुना वृद्घि हुई हैं। सरकार इसे सवा दो लाख करोड़ करने जा रही है।
पिछले साल सालों में देश में मेडिकल यूजी की सीटों में 32 हजार बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि पहले ये सीटें मात्र 51 हजार थीं। पीजी की सीटें 31 हजार से बढ़कर 55 हजार हो गई हैं। उप्र में वर्ष 2013-14 में 30 मेडिकल कॉलेज थे, इसकी संख्या दोगुनी हो गई है, अब 66 मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। प्रदेश में यूजी सीटों की संख्या दो गुनी हो गई है, जबकि पीजी सीटों में 18 गुना वृद्धि हुई है। देश में वर्ष 2013-14 में पीजी सीट 148 थी, अब ये संख्या 2800 हो गई हैं। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्म निर्भरता की नई कहानी लिख रहा है।