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UP Election 2022: निषाद पार्टी को नहीं मिलेगी गोरखपुर ग्रामीण सीट, ये है खास वजह
Wed, 19 Jan 2022 12:59 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 19 Jan 2022 12:59 PM IST
सार
सूत्रों का कहना है कि निषाद पार्टी को संतकबीरनगर की मेंहदावल, महराजगंज की नौतनवां, कुशीनगर की तमकुहीराज व आजमगढ़ की अतरौलिया सीट देने पर सहमति बन गई है, लेकिन गोरखपुर को इस सूची से बाहर कर दिया गया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गोरखपुर की कोई भी विधानसभा सीट सहयोगी दलों को देने के लिए तैयार नहीं है। पार्टी नेतृत्व का सोचना है कि गोरखपुर की आठ सीटें भाजपा के पास हैं। ज्यादातर विधायकों का कामकाज अच्छा है। ऐसे में सीट देने का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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विधानसभा चुनाव में भाजपा का निषाद पार्टी से गठबंधन है। निषाद पार्टी ने गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट पर दावेदीरी की है। यह सीट अभी भाजपा के पास है। विपिन सिंह विधायक हैं। निषाद पार्टी की मंशा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद के बेटे व प्रदेश प्रभारी सरवन निषाद को गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ाया जाए।
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भाजपा नेतृत्व का मानना है कि डॉ संजय निषाद एमएलसी हैं। उनके बड़े बेटे प्रवीण निषाद संतकबीरनगर से भाजपा से सांसद हैं। ऐसे में सरवन निषाद को गोरखपुर से चुनाव लड़ाने का संदेश गलत जाएगा। परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगेगा। इसी मुद्दे पर सपा, बसपा व कांग्रेस को लगातार घेरा जा रहा है। ऐसा हुआ तो विपक्ष को भी मौका मिलेगा। लिहाजा, गोरखपुर ग्रामीण सीट निषाद पार्टी को नहीं दी जा सकती है। हालांकि बातचीत का सिलसिला अभी जारी
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है। सूत्रों का कहना है कि निषाद पार्टी को संतकबीरनगर की मेंहदावल, महराजगंज की नौतनवां, कुशीनगर की तमकुहीराज व आजमगढ़ की अतरौलिया सीट देने पर सहमति बन गई है, लेकिन गोरखपुर को इस सूची से बाहर कर दिया गया है। इस संबंध में निषाद पार्टी के प्रदेश प्रभारी सरवन निषाद का कहना है कि गोरखपुर ग्रामीण सीट पेंडिंग में डाली गई है। बातचीत जारी है। यूपी के अलग-अलग जिलों में निषाद पार्टी को 15 सीटें मिल रही हैं।