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Gorakhpur News: आय-जाति, निवास व वरासत की रिपोर्ट में देरी पर नौ लेखपाल निलंबित
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गोरखपुर। जिले में आय-जाति, निवास, वरासत प्रमाणपत्र के साथ ही जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर नौ लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। जबकि, तीन लेखपालों को चेतावनी दी गई है। निलंबित लेखपालों को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
डीएम के निर्देश पर जिले के सभी तहसीलों में एसडीएम ने जाति, आय, निवास प्रमाणपत्र और खतौनी में अंश निर्धारण व किसान सम्मान निधि की समीक्षा की। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर तहसील सदर में एक लेखपाल को निलंबित तथा तीन को चेतावनी पत्र जारी किया गया। इसके अलावा चौरीचौरा, कैंपियरगंज, सहजनवा, गोला में एक-एक तथा खजनी व बांसगांव में दो-दो लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। इसमें ज्यादातर लेखपालों ने 20 कार्यवधि में प्रमाण पत्रों के लिए आए आवेदनों का निस्तारण नहीं किया, जिससे आवेदन डिफाल्टर श्रेणी में चले गए।
सदर तहसील सभागार में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ने समीक्षा के दौरान कहा कि लेखपाल अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए प्राप्त प्रार्थना पत्र का निस्तारण मौके पर जाकर ही करें। सदर तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह ने कहा कि आईजीआरएस आय जाति निवास प्रमाण पत्रों सहित अन्य शिकायती पत्रों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए। किसी भी प्रार्थनापत्र का निस्तारण खानापूरी करके ना किया जाए, केवल कागजों पर निस्तारण नहीं दिखाई देना चाहिए। जमीनी स्तर पर मामले का निस्तारण होना चाहिए। आय, जाति व निवास प्रमाणपत्रों का निस्तारण तीन दिन के अंदर कर दें ताकि आवेदक को तहसील का चक्कर ना लगाना पड़े।
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सदर तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह ने कहा कि समय सीमा में लापरवाही नहीं की जाएगी। आईजीआरएस पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेकर शिकायतकर्ता की संतुष्टि के मुताबिक निस्तारण करें। वहीं, बांसगांव एसडीएम केशरीनंद तिवारी ने समीक्षा के दौरान दो लेखपालों को कड़ी फटकार लगाते हुए निलंबित कर दिया।
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डीएम के निर्देश पर जिले के सभी तहसीलों में एसडीएम ने जाति, आय, निवास प्रमाणपत्र और खतौनी में अंश निर्धारण व किसान सम्मान निधि की समीक्षा की। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर तहसील सदर में एक लेखपाल को निलंबित तथा तीन को चेतावनी पत्र जारी किया गया। इसके अलावा चौरीचौरा, कैंपियरगंज, सहजनवा, गोला में एक-एक तथा खजनी व बांसगांव में दो-दो लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। इसमें ज्यादातर लेखपालों ने 20 कार्यवधि में प्रमाण पत्रों के लिए आए आवेदनों का निस्तारण नहीं किया, जिससे आवेदन डिफाल्टर श्रेणी में चले गए।
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सदर तहसील सभागार में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ने समीक्षा के दौरान कहा कि लेखपाल अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए प्राप्त प्रार्थना पत्र का निस्तारण मौके पर जाकर ही करें। सदर तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह ने कहा कि आईजीआरएस आय जाति निवास प्रमाण पत्रों सहित अन्य शिकायती पत्रों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए। किसी भी प्रार्थनापत्र का निस्तारण खानापूरी करके ना किया जाए, केवल कागजों पर निस्तारण नहीं दिखाई देना चाहिए। जमीनी स्तर पर मामले का निस्तारण होना चाहिए। आय, जाति व निवास प्रमाणपत्रों का निस्तारण तीन दिन के अंदर कर दें ताकि आवेदक को तहसील का चक्कर ना लगाना पड़े।
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सदर तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह ने कहा कि समय सीमा में लापरवाही नहीं की जाएगी। आईजीआरएस पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेकर शिकायतकर्ता की संतुष्टि के मुताबिक निस्तारण करें। वहीं, बांसगांव एसडीएम केशरीनंद तिवारी ने समीक्षा के दौरान दो लेखपालों को कड़ी फटकार लगाते हुए निलंबित कर दिया।